Ayodhya Ram Mandir में 15 अगस्त से शुरू होगा सावन झूला उत्सव, रामलला के दर्शन का समय बढ़ा

अयोध्या स्थित राम मंदिर धार्मिक समिति ने सावन झूला उत्सव की रूपरेखा तय करते हुए श्रद्धालुओं के लिए दर्शन अवधि में बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। 15 से 28 अगस्त तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान प्रतिदिन संध्या समय विशेष झूलनोत्सव होगा और रामलला की प्रतिमा को कुबेर टीला ले जाया जाएगा। इसके अलावा पुजारियों की वेशभूषा रामानंद परंपरा के अनुसार रहेगी और भगवान को विशेष भोग भी अर्पित किया जाएगा।
अयोध्या, नौ अगस्त राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति ने आगामी सावन झूला उत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। इसके तहत दर्शन का समय बढ़ाने, संतों के लिए विशेष व्यवस्था करने और पुजारियों की वेशभूषा में बदलाव समेत कई निर्णय लिए गए हैं। समिति के सदस्य मिथिलेश नंदिनी शरण ने रविवार को बताया कि शृंगार आरती के बाद रामलला और उनके तीनों भाइयों को झूले पर विराजमान किया जाएगा।
श्रद्धालुओं को पूरे दिन दर्शन की अनुमति होगी, हालांकि दोपहर के भोग के समय कुछ देर के लिए दर्शन बंद रहेगा। उन्होंने बताया कि 15 अगस्त से 28 अगस्त तक प्रतिदिन शाम को दो से तीन घंटे के लिए विशेष झूलनोत्सव और दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। इसके बाद रामलला की छोटी प्रतिमा को पालकी में विराजमान कर पारंपरिक उत्सव के लिए कुबेर टीला ले जाया जाएगा और बाद में वापस मंदिर लाया जाएगा।
समिति ने यह भी निर्णय लिया है कि पुजारी रामानंद परंपरा के अनुसार वेशभूषा और श्रृंगार का पालन करेंगे। शरण ने बताया कि उत्सव के दौरान प्रतिदिन भगवान को पूरी, सब्जी, खीर और मालपुआ का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संतों और साधु-संतों के लिए विशेष दर्शन व्यवस्था की जाएगी।
इसके लिए उन्हें एक दिन पहले अपनी जानकारी देनी होगी। उन्होंने बताया कि अयोध्या के निवासियों और संतों के लिए नियमित दर्शन पास भी जारी किए जाएंगे और दर्शन की संख्या पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा। राम मंदिर परिसर में हुई इस बैठक में राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरि, ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के प्रतिनिधि कमल नयन दास, ट्रस्टी जिनेंद्र दास, विश्व प्रसन्न तीर्थ, रामानंद दास, धार्मिक समिति के सदस्य डॉ. मिथिलेश नंदिनी शरण और समिति के अन्य सदस्य शामिल हुए।
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