कम नहीं हो रही मुसीबत ! खराब मौसम से लाहौल घाटी में फंसे पर्यटकों की सांसे अटकी

कम नहीं हो रही मुसीबत ! खराब मौसम से लाहौल घाटी में फंसे पर्यटकों की सांसे अटकी

प्रशासन की तरफ से खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। डाक्टरों की टीम सबके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। इन पर्यटकों को हेलीकॉप्टर में सिस्सू तक लाया जाएगा। यहां से फिर सड़क मार्ग से गंतव्य को भेजे जाएंगे।

शिमला। खराब मौसम एक बार फिर हिमाचल प्रदेश की लाहौल घाटी में फंसे पर्यटकों के लिये मुसीबत बन गया है। हालांकि इससे पहले जिला प्रशासन व प्रदेश सरकार ने उन्हें भरोसा दिया था कि उन्हें घाटी से निकाल लिया जायेगा लेकिन तमाम प्रयासें के बावजूद न तो मौसम में सुधार आया है न ही हेलिकाप्टर डडान भर पाया है जिससे वहां फंसे पर्यटकों की सांसे अटकी हैं। पिछले चार दिनों से घाटी में फंसे पर्यटकों को निकालने के लिये प्रदेश सरकारएयर लिफ्ट करने अनुमति प्रदान कर दी। इसके लिए हेलीकॉप्टर भी उपलब्ध करवा दिया है। बाहर निकालने के लिए हैलीकॉप्टर की सेवाएं लिए जाने को लेकर राज्य सरकार से आग्रह किया गया था। कुल 175 लोगों में 16 बच्चे, 60 महिलाएं व 99 पुरुष शामिल हैं। हेलीकॉप्टर चंडीगढ में तैयार खड़ा है। लेकिन शिमला की विजिबिलीटी कम है मौसम साफ होने का इंतजार किया जा रहा है। लेकिन समाचार लिखे जाने तक बारिश की वजह से लाहुल में अभी मौसम खराब है।

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मौसम खराब होने की वजह से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अभी तक लाहुल रवाना नहीं हो पाए हैं। मुख्यमंत्री का सुबह आठ बजे सुंदरनगर से हेलीकॉप्टर में लाहुल जाने का कार्यक्रम था। रोहतांग दर्रे पर घनी धुंध बताई जा रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री को तय कार्यक्रम के अनुसार लाहुल घाटी में हुए नुकसान का जायज़ा लेना था। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री अब शनिवार को घर्मशाला से उडान भर कर लाहौल जायेंगे। सबसे पहले उदयपुर में फंसे 175 पर्यटकों को एयरलिफ्ट करने  की योजना है यहां चार दिन से 175 पर्यटक फंसे हैं। सभी को फिलहाल त्रिलोकीनाथ मंदिर व विभिन्न सरकारी विश्राम गृहों में ठहराया गया है। प्रशासन की तरफ से खाना उपलब्ध करवाया जा रहा है। डाक्टरों की टीम सबके स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। इन पर्यटकों को हेलीकॉप्टर में सिस्सू तक लाया जाएगा। यहां से फिर सड़क मार्ग से गंतव्य को भेजे जाएंगे।

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इस बीच लाहुल स्पीति के जिलाधीश नीरज कुमार ने बताया कि लाहुल की पटन वैली में कुल 221 लोग फंसे हुए हैं। घाटी के चार नाले अभी भी उफान पर हैं। ऐसे में सड़क मार्ग बहाल करना संभव नहीं है। मौसम के कारण हेलीकॉप्टर से मदद लेने की योजना बनायी गयी है। उन्होंने कहा कि उन्हें सड़क मार्ग से निकालना मुश्किल जान पड़ता है क्योंकि पांगी होकर गुजरने वाले मार्ग के शुक्रवार शाम तक तैयार होने की संभावना नहीं है तथा खराब मौसम के कारण जिले में कई रास्ते एवं पुल क्षतिग्रस्त हो गये हैं। उधर प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी जिला के सुंदरनगर में पत्रकारों को बताया कि लाहौल में प्रभावित क्षेत्रों का दौरा खराब मौसम के चलते रद्द करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि लाहौल में फंसे 221 लोगों को सुरक्षित निकालने के पूरे प्रयास हो रहे हैं। लगातार राहत कार्य की समीक्षा की जा रही है। फंसे लोगों को जल्द निकालने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।

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उन्होंने पर्यटकों से आह्वान किया कि भूस्खलन वाले क्षेत्रों में न जाएं। पूरे प्रदेश में प्रशासन को अलर्ट किया गया है। सीएम ने कहा कि पिछले सात दिनों में मंडी जिले में 880 करोड़ रुपये के उद्घाटन और शिलान्यास किए हैं। पर्यटकों को रेस्क्यू करने के लिए प्रदेश सरकार का नया हेलीकॉप्टर चंडीगढ़ में तैयार है। मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर रवाना हो जाएगा। उन्होंने कहा कि मंडी संसदीय और विधानसभा उपचुनावों की आचार संहिता अगस्त में दूसरे सप्ताह में लगेगी।





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