Dr N Vijayalakshmi ने की समीक्षा, Bihar के विकास मॉडल को NITI Aayog से जोड़ेगा SDG फ्रेमवर्क

बिहार के योजना एवं विकास विभाग ने यूनिसेफ के सहयोग से SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय मजबूत करना और राज्य संकेतक रूपरेखा की समीक्षा करना था। अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने सकारात्मक प्रगति वाले संकेतकों पर सक्सेस स्टोरी तैयार करने के निर्देश दिए।
योजना एवं विकास विभाग, बिहार सरकार द्वारा यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से SDG नोडल पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। आयोजन का शुभारंभ योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉo एनo विजयलक्ष्मी एवं सचिव श्री
कॅवल तनुज के करकमलों संपन्न हुआ।
कार्यशाला का उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु विभागीय समन्वय को मजबूत करना तथा राज्य संकेतक रूपरेखा (State Indicator Framework-SIF) की समीक्षा एवं अद्यतन करना था।
इसे भी पढ़ें: Valmiki Tiger Reserve और गयाजी चिड़ियाघर के लिए भूपेंद्र यादव से मिले Samrat Chaudhary
अपने संबोधन में अपर मुख्य सचिव महोदया ने कहा कि वर्ष 2030 तक SDGs की प्राप्ति में प्रत्येक विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन Indicators में सकारात्मक प्रगति एवं Growth परिलक्षित हो रही है, उनसे संबंधित विभाग Success Stories तैयार कर उपलब्ध कराएँ, ताकि उन्हें नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ साझा किया जा सके।
इसे भी पढ़ें: ASI के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज, गिरफ्तारी में सहयोग करने वाले को मिलेगा ₹25 हजार का इनाम
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बिहार की अंतर्देशीय मत्स्यपालन (Inland Fisheries) के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अच्छी स्थिति को देखते हुए SDG-14 (Life Below Water) से संबंधित उपयुक्त Indicators को भी State Indicator Framework में शामिल करने की संभावना पर विचार किया जाए।
तकनीकी सत्रों में विभागवार Indicators की प्रासंगिकता, मापनीयता एवं डेटा उपलब्धता की समीक्षा की गई तथा आवश्यकतानुसार नए Indicators जोड़ने, संशोधन करने एवं अनुपयोगी Indicators को हटाने के संबंध में सुझाव प्राप्त किए गए।
कार्यशाला में विभिन्न विभागों के SDG नोडल पदाधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी की। यूनिसेफ की टीम ने तकनीकी सहयोग एवं विशेषज्ञ सुझाव प्रदान किए। कार्यशाला का समापन विभागों से प्राप्त सुझावों के आधार पर समयबद्ध कार्रवाई एवं नियमित अनुश्रवण सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ हुआ।
अन्य न्यूज़













