Bihar विधान परिषद की 8 सीटों पर वोटिंग, 150 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर

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बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव में आठ सीटों पर शुक्रवार को 5.32 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए मतदान प्रक्रिया आयोजित की गई। सुबह आठ बजे शुरू हुए इस मतदान में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के कुल 150 प्रत्याशी मैदान में हैं। निर्वाचन आयोग के अनुसार डाले गए मतों की गिनती 27 अक्टूबर को होगी।

बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए शुक्रवार को हो रहे द्विवार्षिक चुनाव में शुरुआती चार घंटों के दौरान मिला-जुला मतदान दर्ज किया गया। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सर्वाधिक 42.55 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 37.5 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इन चुनावों में कुल 5.32 लाख मतदाता 150 उम्मीदवारों के चुनावी भाग्य का फैसला करने के पात्र हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय के अनुसार, स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में कोसी में सर्वाधिक 17.94 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद पटना में 15.02 प्रतिशत, दरभंगा में 13 प्रतिशत और तिरहुत में 5.55 प्रतिशत मतदान हुआ। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में सारण के बाद दरभंगा में 37.5 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

वहीं, पटना में 30.06 प्रतिशत और तिरहुत में 10.64 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। मतदान सुबह आठ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक जारी रहेगा। आठ निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 5,32,847 मतदाता हैं, जिनमें 1,46,611 महिलाएं और तृतीय लिंग के 37 मतदाता शामिल हैं।

मतदान के लिए 933 केंद्र बनाए गए हैं। मतगणना 27 अक्टूबर को होगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘अब तक मतदान शांतिपूर्ण रहा है।’’ पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव जनता दल (यूनाइटेड) (जदयू) में गुटबाजी सामने आने के कारण विशेष रूप से चर्चा में है।

मोकामा के विधायक अनंत सिंह अपनी ही पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। पूर्व मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी माने जाने वाले नीरज कुमार इस सीट से लगातार चौथी बार जीत हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। अनंत सिंह ने आरोप लगाया है कि नीरज कुमार ने पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव के दौरान उनके खिलाफ काम किया था।

इसी कारण वह जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर रहे हैं। सिंह ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जनता ही असली मालिक है। उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला उसे ही करना है।

मुझे विश्वास है कि अनुज सिंह भारी जनादेश के साथ चुनाव जीतेंगे।’’ अनंत सिंह ने बृहस्पतिवार को नीतीश कुमार की नीरज कुमार से संक्षिप्त मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जदयू प्रमुख को वे ‘‘जहां ले जाते हैं, वह वहां चले जाते हैं।’’ अनंत सिंह और जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार दावा करते रहे हैं कि जदयू उम्मीदवार नीरज कुमार को पार्टी प्रमुख का समर्थन हासिल नहीं है। इस बीच, सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दल जदयू के नेता श्याम रजक ने कहा कि मतदान सुचारु रूप से जारी है और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के पक्ष में लहर है। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के अलावा दरभंगा स्नातक, तिरहुत स्नातक, कोसी स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत शिक्षक और सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में भी मतदान हो रहा है।

पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती मतदाताओं में शामिल मुरली मनोहर श्रीवास्तव ने ‘पीटीआई वीडियो’ से कहा, ‘‘इस बार सबसे बड़ा मुद्दा वित्त रहित विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का है, जिन्हें सरकार से उचित वित्तीय सहायता नहीं मिलती। हमारी लंबे समय से नियमित वेतनमान, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा की मांग रही है। हम इन मांगों को पूरा कराने के लिए लगातार मजबूती से अपनी बात उठाते रहे हैं।’’ नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार ने 1981 की वित्त रहित शिक्षा नीति में 2008 में बदलाव किया था और इसके तहत प्रदर्शन के आधार पर अनुदान देने की व्यवस्था शुरू की थी।

इस व्यवस्था के तहत बिहार सरकार निजी या सामुदायिक स्तर पर संचालित शिक्षण संस्थानों को परीक्षा परिणामों के आधार पर अनुदान देती है। ये संस्थान मुख्य रूप से छात्रों से मिलने वाली फीस पर निर्भर हैं। इनमें कार्यरत कर्मचारियों के लिए नियमित वेतनमान नहीं है, जिसके कारण उनकी आय स्थिर नहीं रहती।

श्रीवास्तव ने कहा कि नवल किशोर यादव इस मुद्दे पर लगातार काम करते रहे हैं और उनके प्रयासों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस संबंध में घोषणा भी की है। पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार नवल किशोर यादव पिछले 30 वर्ष से लगातार इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। मौजूदा विधान परिषद सदस्यों का कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

भाजपा ने चार निर्वाचन क्षेत्रों में उम्मीदवार उतारे हैं। इनमें विधान परिषद के तीन मौजूदा सदस्य भी शामिल हैं, जो दोबारा चुनाव जीतने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं, जदयू ने शेष चार सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं।

नवल किशोर यादव के अलावा भाजपा के अन्य उम्मीदवारों में एन. के. यादव और सर्वेश कुमार शामिल हैं, जो क्रमशः कोसी स्नातक और तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। पार्टी ने तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। इस सीट पर फिलहाल विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ (इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस) के घटक दल भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के संजय कुमार सिंह विधान परिषद सदस्य हैं।

प्रशांत किशोर के नेतृत्व वाली जन सुराज पार्टी सभी आठ सीट पर चुनाव लड़ रही है। पार्टी ने उम्मीदवारों की पहली सूची जारी करने के बाद उसमें बदलाव करते हुए तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भूषण झा की जगह श्याम नंदन यादव को और दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से रविंद्र यादव की जगह मोहम्मद इम्तियाज (नूरानी) को उम्मीदवार बनाया है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में ऐसे लोग मतदान कर सकते हैं, जिन्होंने भारत के किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से कम से कम तीन साल पहले स्नातक की डिग्री हासिल की हो और जो संबंधित निर्वाचन क्षेत्र के निवासी हों।

इसी तरह, शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कम से कम तीन साल का अध्यापन अनुभव रखने वाले लोग मतदान कर सकते हैं। दोनों ही मामलों में मतदाताओं का नाम इस उद्देश्य से तैयार की गई मतदाता सूची में दर्ज होना अनिवार्य है।

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