भजापा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने बालिका आश्रम टूटीकंडी में बच्चों के साथ बिताया समय

भजापा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने बालिका आश्रम टूटीकंडी में बच्चों के साथ बिताया समय

अविनाश राय खन्ना ने आश्रम के बच्चों के साथ घुल मिल का बात चीत की और बच्चों से व्यक्तिगत परिचय किया। इस आश्रम में कुल 84 बच्चे है। अविनाश राय खन्ना के बच्चों के साथ आत्मयता के साथ बात की जिससे बच्चे प्रसन्न हुए और अपनी बात भी अविनाश जी आए समक्ष रखी। भाजपा प्रभारी ने छोटे छोटे बच्चों के साथ काफी समय बिताया।

शिमला  भजापा प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने टूटीकंडी स्तिथ बाल आश्रम एवं शिशु ग्रह में एक फल वितरण के कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाग लिया। यह आश्रम महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत आता है।

 

इसे भी पढ़ें: 22 सितंबर सेवा दिवस के रूप और 12 जनवरी को युवा दिवा के रूप में मनाएगा रेस क्रॉस

 

अविनाश राय खन्ना ने आश्रम के बच्चों के साथ घुल मिल का बात चीत की और बच्चों से व्यक्तिगत परिचय किया। इस आश्रम में कुल 84 बच्चे है। अविनाश राय खन्ना के बच्चों के साथ आत्मयता के साथ बात की जिससे बच्चे प्रसन्न हुए और अपनी बात भी अविनाश जी आए समक्ष रखी। भाजपा प्रभारी ने छोटे छोटे बच्चों के साथ काफी समय बिताया।

 

इसे भी पढ़ें: जिला कांगड़ा में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू - फतेहपुर उप-चुनाव के लिए 30 अक्तूबर को होगा मतदान

 

उन्होंने बच्चों के साथ अपने जीवन के पलों को सांझा किया और पूर्व राष्ट्रीपति अब्दुल कलाम, महात्मा गांधी एवं विक्रम बत्रा की कहानियों को सांझा किया।

अविनाश राय खन्ना ने जल संरक्षण के विषय पर बच्चों से विस्तृत बात चीत की, उन्होंने कहा कि माना जाता है कि तीसरा विश्व युद्ध पानी को लेकर होगा। हमे पानी को बचना है, आश्रम के बच्चों ने भी प्रभारी अविनाश राय खन्ना से पानी बचाने के तरीकों पर अनपे विचार व्यक्त करे।

 

 

अविनाश राय खन्ना ने कहा कि यहाँ के बच्चों में बड़ी क्षमता है , बच्चों की सोचने का दृष्टिकोण भी अद्भुत है । इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास बोर्ड की उपाध्यक्षा पायल वैद्य, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार त्रिलोक जम्वाल एवं आहुतोष वैद्य उपस्थित रहे। 





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।