क्या फिर पाला बदल सकते हैं राजभर? उनकी खामोशी से उठ रहे हैं ढेरो सवाल

क्या फिर पाला बदल सकते हैं राजभर? उनकी खामोशी से उठ रहे हैं ढेरो सवाल

राजभर अपने सियासी नफा नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, कि उन्हें सपा के साथ बने रहना चाहिए या बीजेपी का दामन थाम कर NDA का हिस्सा बन जाना चाहिए। राजभर अपने कार्यकर्ताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं और उनका भी मन जान रहे हैं।

उत्तर प्रदेश चुनाव में समाजवादी पार्टी की हार के बाद से ही उनके साथ गठबंधन मे लड़े ओमप्रकाश राजभर (SBSP)  के मुखिया के बारे में यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि वह कोई अगला सियासी कदम उठा सकते हैं। ओमप्रकाश राजभर पिछले विधानसभा चुनाव में बीजेपी के साथ लड़कर मंत्री बने थे। लेकिन इस बार के चुनाव में वह समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन में लड़े और उन्हें उम्मीद थी कि सपा गठबंधन की जीत होगी। लेकिन नतीजों ने राजभर को निराश किया और अब यह माना जा रहा है कि राजभर एक बार फिर पाला बदलकर NDA का हिस्सा बन सकते हैं। बीते दिनों उनकी अमित शाह से मिलने को लेकर भी खबरें थी। लेकिन राजभर ने इन खबरों को खारिज कर दिया, और कहा वह सपा के साथ मजबूती से खड़े हैं। लेकिन जिस तरह ओमप्रकाश राजभर होली के पहले से ही खामोशी  बरती हुई है, उससे एक बार फिर यह सवाल सियासी गलियारों में उठने लगा है कि क्या राजभर पाला बदलकर बीजेपी के साथ जा सकते हैं?

बीते 1 हफ्ते से भी ज्यादा वक्त से ओमप्रकाश राजभर खबरों से बिल्कुल गायब हैं। उन्होंने ट्विटर और फेसबुक पर खामोशी  बरती हुई है। राजभर को लेकर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि राजभर बेहद मुखर नेता है और वो विपक्ष पर लगातार हमलावर रहते हैं। वह चुप  राजनीति कर नहीं करते। लेकिन पिछले कुछ दिनों से जिस तरह उन्होंने योगी सरकार को लेकर कुछ नहीं बोला है, उसके बाद राजनीतिक गलियारों में यह सवाल उठने लगा है कि क्या राजभर चुनाव में हुई थी की बयानबाजी के बाद बने तल्ख माहौल को हल्का करने में जुट गए हैं।

राजभर तलाश रहे हैं मौका?

सूत्रों के अनुसार, राजभर अपने सियासी नफा नुकसान का आकलन करने में जुटे हैं, कि उन्हें सपा के साथ बने रहना चाहिए या बीजेपी का दामन थाम कर NDA का हिस्सा बन जाना चाहिए। राजभर अपने कार्यकर्ताओं से लगातार मुलाकात कर रहे हैं और उनका भी मन जान रहे हैं। सियासी जानकारों का मानना है कि अगर अभी राजभर पाला बदलते हैं तो उनकी राजनीतिक विश्वसनीयता पर सवाल किए जाएंगे, इसलिए अगर उन्हें पाला भी बदलना है तो वो किसी बेहतर मौके की तलाश करेंगे।

बीजेपी ने बंद नहीं किए हैं दरवाजे

ओमप्रकाश राजभर ने यूपी चुनाव में 6 सीटें जीतकर पूर्वांचल में भाजपा को कई सीटों पर बहुत नुकसान किया है। 2024 आम चुनावों से पहले बीजेपी राजभर को अपने साथ लाकर इस नुकसान की भरपाई करना चाहती है। बीजेपी ने तमाम सियासी कड़वाहट को बुलाकर राजभर के लिए दरवाजे खुले रखना चाहती है।





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