CPRI के पूर्व संयुक्त निदेशक पर CBI का शिकंजा, 3.77 करोड़ रुपये की DA Case में FIR दर्ज

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान के पूर्व संयुक्त निदेशक राजा राममोहन राव चेनु के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का नया मामला दर्ज किया है। एजेंसी को रिश्वत मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद छापे में 3.59 करोड़ रुपये से अधिक नकदी मिली थी। जांच में पाया गया कि आरोपी ने ज्ञात स्रोतों से अधिक चल संपत्तियां बनाई हैं।
नयी दिल्ली, आठ सितंबर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने 10 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार सीपीआरआई के पूर्व संयुक्त निदेशक राजा राममोहन राव चेनु के खिलाफ नयी प्राथमिकी दर्ज की है, जिसमें उन पर 3.77 करोड़ रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप है। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस साल जनवरी में गिरफ्तारी के बाद उनके घर पर की गई छापेमारी के दौरान विदेशी मुद्रा समेत 3.59 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी बरामद होने के बाद एजेंसी ने चेनु की संपत्ति की जांच शुरू की थी।
अधिकारियों के अनुसार, बेंगलुरु स्थित केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई) की हाई पावर लैब में संयुक्त निदेशक रहे चेनु ने एक निजी कंपनी को अनुकूल गुणवत्ता जांच रिपोर्ट जारी करने के लिए कथित तौर पर 10 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद मामला दर्ज किया गया था। सीबीआई ने रिश्वत के लेन-देन वाली जगह पर छापा मारा था।
एजेंसी ने प्राथमिकी में आरोप लगाया है कि वहां चेनु के पास से एक सफेद बैग बरामद हुआ, जिसमें 9,49,400 रुपये थे। यह रकम सुधीर पावर लिमिटेड के वरिष्ठ निदेशक अतुल खन्ना ने रिश्वत के रूप में दी थी। प्राथमिकी में कहा गया है, “चेनु ने 27 जुलाई 2009 को बेंगलुरु के सीपीआरआई में ग्रेड-2 इंजीनियरिंग अधिकारी के रूप में नौकरी शुरू की और अलग-अलग पदों पर काम किया।
उन्हें 18 अगस्त 2025 को सीपीआरआई के संयुक्त निदेशक के पद पर पदोन्नत किया गया।” सीबीआई ने उनके घर से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद 1 अप्रैल 2024 से 1 अगस्त 2026 के बीच उनकी आय, खर्च और संपत्तियों का विश्लेषण किया, जिसमें पता चला कि चेनु ने “कई चल संपत्तियां अर्जित की हैं, जो उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में अधिक हैं।
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