खनिज संसाधनों से Chhattisgarh को देश का विकास इंजन बनाएंगे: CM Vishnu Deo Sai

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

रायपुर में केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य के विकास की रूपरेखा रखी। उन्होंने कहा कि खनिजों का वैज्ञानिक उपयोग कर इसका लाभ खनन प्रभावित क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों तक पहुंचाया जाएगा। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में राज्य को खनिजों से 16,738 करोड़ रुपये का राजस्व मिला है।

रायपुर, तीन नवंबर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि खनिज संपदा का समुचित उपयोग कर राज्य को देश के विकास का ‘इंजन’ बनाया जाएगा। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने मंगलवार को अपने आवासीय कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की मौजूदगी में आयोजित खनन एवं कोयला क्षेत्र की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित किया।

साय ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और देश के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में प्रदेश के खनिज संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार केंद्र सरकार के साथ मिलकर खनिज संसाधनों का समुचित, वैज्ञानिक और जिम्मेदारी से उपयोग सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारा प्रयास है कि खनिज संपदा का लाभ केवल औद्योगिक विकास तक सीमित न रहे, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों, विशेष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों और जनजातीय समुदायों तक पहुंचे। खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, निवेश, रोजगार सृजन और समावेशी विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।’’ अधिकारियों ने बताया कि बैठक में राज्य में खनिजों की खोज और सर्वेक्षण, खनिज ब्लॉकों की नीलामी, कोयला उत्पादन, महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के विकास, जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) की राशि के उपयोग तथा खनन गतिविधियों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल सहित विभिन्न विषयों की विस्तार से समीक्षा की गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने में छत्तीसगढ़ की भूमिका अहम है। उन्होंने कहा कि देश की बढ़ती औद्योगिक और आर्थिक जरूरतों को देखते हुए खनिज संसाधनों की खोज और उनका उपयोग करना जरूरी है तथा राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ मिलकर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खनन गतिविधियों के विस्तार के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्थानीय जरूरतों, रोजगार के अवसरों और प्रभावित समुदायों के हितों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने कहा कि विकास का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब खनिज संपदा से प्राप्त आर्थिक लाभ प्रभावित लोगों तक पहुंचेगा। केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने खनन क्षेत्र में छत्तीसगढ़ सरकार की नयी पहलों, राजस्व में वृद्धि और तकनीक आधारित प्रशासनिक सुधारों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य कर रही है और वह देश में जहां भी जाते हैं, राज्य सरकार के अच्छे कार्यों एवं प्रयासों की प्रशंसा करते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। अधिकारियों ने बताया कि रेड्डी ने विशेष रूप से ‘खनिज ऑनलाइन 2.0’ पोर्टल, ड्रोन के जरिए निगरानी, खनन गतिविधियों की स्टार रेटिंग और डिजिटल निगरानी व्यवस्था की सराहना की। केंद्रीय मंत्री ने खनिज राजस्व बढ़ाने और खनन क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता लाने में राज्य सरकार के प्रयासों को सराहनीय बताया।

उन्होंने बस्तर के जनजातीय समुदायों से टिन अयस्क की पारदर्शी खरीद और बेहतर कीमत सुनिश्चित करने के लिए विकसित ‘टीआईएन’ पोर्टल की भी विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों का लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंचाने और तकनीक के माध्यम से व्यवस्थाओं में अधिक पारदर्शिता लाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के प्रयास महत्वपूर्ण हैं। अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने राज्य में नए खनिज भंडारों की खोज के काम में तेजी लाने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश की भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पारंपरिक खनिजों के साथ महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों की खोज पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार से मिलने वाले बजट और संसाधनों का अधिकतम उपयोग किया जाना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि बैठक में खनिज संसाधन विभाग के समन्वय से भू-विज्ञान एवं खनिकर्म संचालनालय ने एक विस्तृत प्रस्तुति दी।

इसमें बताया गया कि वित्त वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ को खनिजों से 16,738 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। राज्य में कोयला, लौह अयस्क, चूना पत्थर और टिन के उत्पादन में लगातार वृद्धि हुई है। प्रस्तुति में लिथियम और टिन सहित विभिन्न खनिज ब्लॉकों की नीलामी की प्रगति, आवंटित खदानों में खनन की स्थिति और नए खनिज संसाधनों के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़