कर्नाटक में कांग्रेस ने ‘पे-सीएम’ अभियान तेज किया

pay CM
प्रतिरूप फोटो
ANI
कांग्रेस ने यहां शुक्रवार को सार्वजनिक स्थानों पर ‘पे-सीएम’पोस्टर लगा कर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को निशाना बनाने का अपना अभियान तेज कर दिया। विपक्षी दल ने भ्रष्टाचार की जांच के लिए राज्य सरकार के निर्देश को नजरअंदाज करते हुए यह कदम उठाया।

कांग्रेस ने यहां शुक्रवार को सार्वजनिक स्थानों पर ‘पे-सीएम’पोस्टर लगा कर कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई को निशाना बनाने का अपना अभियान तेज कर दिया। विपक्षी दल ने भ्रष्टाचार की जांच के लिए राज्य सरकार के निर्देश को नजरअंदाज करते हुए यह कदम उठाया। वहीं, मुख्यमंत्री ने पलटवार करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के बारे में बोलने के लिए कांग्रेस के पास कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के प्रमुख डी. के. शिवकुमार, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) महासचिव एवं पार्टी के कर्नाटक प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला तथा कई अन्य वरिष्ठ विधायकों ने अभियान में हिस्सा लिया। उन्होंने शहर में वोल्वो कार्यालय के सामने रेस कोर्स की दीवार पर ‘पे-सीएम’ पोस्टर चिपका दिये। बाद में, कांग्रेस नेताओं को हिरासत में ले लिया गया और सार्वजनिक स्थलों से पोस्टर हटा दिये गए। कांग्रेस नेता बी.के. हरिप्रसाद और पार्टी के अन्य नेताओं ने उस बस पर पोस्टर चिपका दिया, जिसमें सवार कर पुलिसकर्मी इन नेताओं को पुलिस थाने ले गये थे।

कांग्रेस के प्रदेश प्रमुख शिवकुमार ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, जिन्होंने नेताओं के जन्म दिन के और अन्य पोस्टर अवैध रूप से लगाये थे, लेकिन कांग्रेस के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया। शिवकुमार ने कहा, ‘‘यह अभियान राज्य में हर जगह चलाया जाएगा। हम यहां नहीं रूकेंगे।’’ हिरासत में लिए गये सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘40 प्रतिशत कमीशन लेने वाली बोम्मई सरकार इतनी हतोत्साहित है कि उसने कानून व्यवस्था बहाल करने के बजाय कर्नाटक पुलिस को पोस्टर हटाने और विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार करने की जिम्मेदारी सौंप दी है।’’

पार्टी ने शुक्रवार को बेंगलुरु के बाहरी इलाके में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेलमंगला कार्यालय की दीवारों पर भी ‘पे-सीएम’ पोस्टर चिपका दिए। पार्टी के नेताओं ने अपने ‘पे-सीएम’ अभियान की तस्वीरें मीडिया के साथ साझा कीं। वहीं, मुख्यमंत्री बोम्मई ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी कई घोटालों में संलिप्त थी और उसे भ्रष्टाचार के बारे में बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, ‘‘बगैर कोई साक्ष्य के बोलने का रवैया लंबा नहीं चलेगा।’’

उन्होंने कहा कि सरकार ने एक ‘कॉंट्रेक्टर्स एसोसिएशन’ (ठेकेदारों के संघ) द्वारा लगाये गये भ्रष्टाचार के आरोप पर विस्तृत जवाब दे दिया है। उल्लेखनीय है कि ठेकेदारों के संघ ने आरोप लगाया था कि मंत्री निर्माण कार्यों को मंजूरी देने के लिए 40 प्रतिशत ‘कमीशन’ मांगते हैं। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि यह एसोसिशन कांग्रेस द्वारा प्रायोजित है और इसलिए वह जानते हैं कि उसके आरोपों में कोई दम नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि शिकायत दायर की जाती है तो सरकार जांच कराने को तैयार है।’’उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर बहस करने को तैयार हैं और कांग्रेस को आरोप लगाने के बजाय सबूत पेश करने की चुनौती दी। भाजपा की प्रदेश इकाई के प्रमुख नलिन कुमार कटील ने संवाददाता सम्मेलन में आरोप लगाया कि 1947 से देश में शासन करने वाली कांग्रेस ने काफी भ्रष्टाचार किया है।

Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


अन्य न्यूज़