Ram Mandir दान चोरी पर चुप क्यों हैं PM Modi, Congress नेता Jairam Ramesh ने दागे सवाल

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

अयोध्या के राम मंदिर में चंदा और चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि निष्पक्ष जांच कराने के बजाय मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। पार्टी ने प्रधानमंत्री से इस मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़कर जनता को जवाब देने की मांग की।

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर अयोध्या के राम मंदिर में चंदा चोरी करने वालों के ‘‘पापों पर पर्दा डालने’’ का आरोप लगाते हुए रविवार को कहा कि इस मामले की व्यापक जांच शुरू कराने के बजाय इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने की मांग भी की। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री चुप रहकर किसी अन्य मामले की आड़ लेकर देश का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं तो वे जान लें कि कांग्रेस इस पूरे मामले पर सच्चाई सामने लाकर ही रहेगी।

रमेश ने कहा, ‘‘चंदे और चढ़ावे की चोरी जैसा महापाप करने वालों को निश्चित रूप से जवाबदेह ठहराया जाएगा और संविधान के अनुसार सजा दिलाई जाएगी।’’ उन्होंने सरकार से सवाल भी किए और पूछा कि देशभर में कितने करोड़ लोगों ने चंदा दिया था और कुल कितनी राशि एकत्र हुई थी। रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘‘चंदा चोरी, आस्था धोखा’। चंदे और चढ़ावे के लिए समर्पित धन की चोरी को ‘महापाप’ माना गया है।’’ उन्होंने कहा कि अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ऐसा महापाप सामने आया है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोग कथित तौर पर शामिल हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने और मुख्य दोषियों को बचाने की कोशिश की जा रही है। रमेश ने कहा कि सवाल उठता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं ट्रस्टी के रूप में बिना सार्वजनिक चर्चा के भाजपा, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और आरएसएस से जुड़े लोगों को न्यासी के रूप में क्यों चुना। उन्होंने पूछा कि अब जब यह साबित हो चुका है कि देशभर के करोड़ों लोगों की आस्था को गहरी चोट पहुंचाने वाला यह घृणित पाप उनकी निगरानी में हुआ, तो राम मंदिर का श्रेय लेने में सबसे आगे रहने वाले प्रधानमंत्री अब मौन साधकर महापापियों को बचाने का कुत्सित प्रयास क्यों कर रहे हैं।

रमेश ने कहा कि आरएसएस और मंदिर ट्रस्ट के अनुसार, ‘निधि समर्पण अभियान (2021)’ और अन्य कोष संबंधी दान के जरिए कुल 3,264 करोड़ रुपये एकत्र किए गए थे। उन्होंने कहा कि 2024 के पहले नौ महीनों में 13.55 करोड़ श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि 2025 में ‘महाकुंभ’ के दौरान भी लगभग 10 करोड़ अतिरिक्त श्रद्धालु अयोध्या आए थे।

रमेश ने कहा, ‘‘इसके अलावा, बताया जाता है कि एक अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच 16 करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बावजूद दर्ज चढ़ावे की कुल राशि महज 82.78 करोड़ रुपये है, यानी प्रति व्यक्ति औसतन सिर्फ पांच रुपये। श्रद्धालुओं की इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए यह आंकड़ा बेहद संदेहास्पद लगता है।’’ रमेश ने कहा कि मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने खुद स्वीकार किया है कि यह केवल चोरी का मामला नहीं, बल्कि ‘‘डाका डाला’’ गया है।

रमेश ने पूछा कि प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ निष्पक्ष और व्यापक जांच का आदेश देने के बजाय पाप करने वालों के कृत्यों पर पर्दा डालने की कोशिश क्यों कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक बुनियादी सिद्धांत है कि न्याय केवल होना ही नहीं चाहिए, बल्कि होता हुआ दिखना भी चाहिए लेकिन इस पूरे मामले में न तो न्याय हुआ है और न ही उसे सुनिश्चित करने का कोई स्पष्ट प्रयास दिखाई देता है।’’ रमेश ने सरकार से चार प्रमुख सवाल पूछे। उन्होंने पूछा कि देशभर में कितने करोड़ लोगों ने चंदा दिया और कुल कितनी राशि एकत्र हुई।

उन्होंने कहा, ‘‘दानपात्रों में कुल कितनी राशि एकत्र हुई? चोरी हुए चंदे और चढ़ावे का कुल मूल्य कितना है, जो हजारों करोड़ रुपये में बताया जा रहा है? निष्पक्ष जांच का आदेश देने के बजाय सरकार चुप क्यों है?’’ उन्होंने यह भी पूछा कि लगभग 30 करोड़ श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाए गए चढ़ावे का हिसाब कहां है।

रमेश ने सवाल किया कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने यह दावा करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश क्यों की कि केवल 80 लाख रुपये की चोरी हुई थी। रमेश ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आज उत्तर प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और देश की जनता की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब देंगे।’’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘यदि वह एक बार फिर इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर चुप रहते हैं और किसी दूसरे मुद्दे की आड़ लेकर देश का ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें पता होना चाहिए कि कांग्रेस हर हाल में इस पूरे मामले की सच्चाई सामने लाएगी।

चंदे और चढ़ावे की चोरी करने वाले महापापियों को संविधान के अनुसार न्याय के कटघरे में लाया जाएगा।’’ पिछले सप्ताह भी कांग्रेस ने राम मंदिर में चंदे की चोरी के मामले को लेकर प्रधानमंत्री मोदी पर तीखा हमला बोला था। पार्टी ने सवाल किया था कि वह अपनी ‘‘मौन सहमति’’ देकर इस ‘‘पाप में भागीदार’’ क्यों बने। कांग्रेस ने इस महीने की शुरुआत में भी आरोप लगाया था कि राम मंदिर ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय जैसे लोगों को चंदे की चोरी की जांच में बचाया जा रहा है।

पार्टी ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की ‘‘चुप्पी’’ की आलोचना करते हुए कहा था कि ‘‘सत्ता का अहंकार आत्मघाती होता है।’’ कांग्रेस ने राम मंदिर में चंदे की चोरी की एसआईटी जांच को लेकर कई सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से ही सच्चाई सामने आ सकती है। विपक्षी दल ने प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए कहा है कि इससे ऐसा संकेत मिलता है कि चोरों को उनका संरक्षण प्राप्त है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल की शुरुआत में प्रस्तावित हैं और उनसे पहले कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमले कर रही है।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


All the updates here:

अन्य न्यूज़