उत्तर प्रदेश की खबरें: राज्य सरकार को देय लाभांश 1 करोड़ 18 लाख का चेक CM योगी को सहकारिता मंत्री ने प्रदान किया

उत्तर प्रदेश की खबरें: राज्य सरकार को देय लाभांश 1 करोड़ 18 लाख का चेक CM योगी को सहकारिता मंत्री ने प्रदान किया

उप्र राज्य भण्डारण निगम द्वारा वर्ष 2016-17 में रू0 45.65 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है। निगम द्वारा अर्जित किये गये लाभ पर राज्य सरकार को देय लाभांश रू0 1,18,74,940.00 (रूपया एक करोड़ अट्ठारह लाख चैहत्तर हजार नौ सौ चालीस) मात्र का चेक मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ को मुकुट बिहारी वर्मा सहकारिता मंत्री ने प्रदान किया।

प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है। गत 24 घंटे में प्रदेश में 0.8 मिमी वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 7.2 मि0मी0 के सापेक्ष 11 प्रतिशत है। प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 151.6 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 89.0 के सापेक्ष 170 प्रतिशत है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों में सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एनडीआरएफ, एसडीआरएफ तथा पीएसी की कुल 37 टीमें तैनाती की गयी है, 101 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 126 मेडिकल टीमें लगायी गयी। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ द्वारा 152 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। विगत 24 घंटे लखीमपुर खीरी में 470 ड्राई राशन किट वितरित किए गये, अब तक कुल 3120 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 11,701 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 329 बाढ़ शरणालय तथा 434 बाढ़ चैकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटों में स्थापित किए गए पशु शिविर की संख्या 22 अब तक कुल 75 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1628 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 39,736 है। 

उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त रणवीर प्रसाद ने वर्षा की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश के वर्तमान में सभी तटबन्ध सुरक्षित हैं, कहीं भी किसी प्रकार की चिन्ताजनक परिस्थिति नहीं है। गत 24 घंटे में प्रदेश में 0.8 मि0मी0  औसत वर्षा हुई है, जो सामान्य वर्षा से 7.2 मि0मी0 के सापेक्ष 11 प्रतिशत है। इस प्रकार प्रदेश में 01 जून, 2021 से अब तक 151.6 मि0मी0 औसत वर्षा हुए, जो सामान्य वर्षा 89.0 के सापेक्ष 170 प्रतिशत है। प्रदेश के वर्षा से प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 तथा पी0ए0सी0 की कुल 37 टीमें तैनाती की गयी है, 101 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है तथा 126 मेडिकल टीमें लगायी गयी है। एन0डी0आर0एफ0, एस0डी0आर0एफ0 द्वारा 152 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रसाद ने बताया कि विगत 24 घंटे लखीमपुरखीरी में 470 ड्राई राशन किट वितरित किए गये, अब तक कुल 3120 ड्राई राशन किट वितरित किए गये हैं। अब तक कुल 11,701 फूड पैकेट वितरित किए गए हैं। प्रदेश में 329 बाढ़ शरणालय तथा 434 बाढ़ चैकी स्थापित की गयी है। प्रदेश में विगत 24 घंटों में स्थापित किए गए पशु शिविर की संख्या 22 अब तक कुल 75 पशु शिविर स्थापित किये गये हैं। विगत 24 घंटों में पशु टीकाकरण की संख्या 1628 तथा अब तक कुल पशु टीकाकरण की संख्या 39,736 है।

श्रमायुक्त संगठन के अन्तर्गत श्रम, रोजगार और कौशल विकास के लिए 25.30 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति

प्रदेश सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष 2021-22 में श्रमायुक्त संगठन के अन्तर्गत श्रम, रोजगार और कौशल विकास के लिए प्राविधानित धनराशि 25.30 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान कर दी है। अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन सुरेश चन्द्रा ने यह जानकारी देते हुए बताया कि श्रमायुक्त संगठन के तहत प्राविधानित धनराशि बन्धुआ श्रम पुनर्वासन के लिए 25 करोड़ रुपये, बाल श्रम उन्मूलन के तहत के तहत कण्डीशनल कैश ट्रांसफर योजना के लिए 25 लाख रुपये तथा बाल श्रमिकों के सर्वेक्षण के लिए 05 लाख रुपये का प्राविधान किया गया है। अपर मुख्य सचिव के श्रमायुक्त को निर्देशित किया है कि वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए निवर्तन पर रखी जा रही धनराशि के आवंटन के पूर्व शासन द्वारा वित्तीय स्वीकृतियों के संबंध में निर्गत किए गए आदेशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत धनराशि का व्यय आवश्यकतानुसार 31 मार्च, 2022 तक सुनिश्चित किया जाए। स्वीकृत धनराशि का आवंटन क्षेत्रीय स्तर पर एक सप्ताह में करके कृत कार्यवाही से शासन को अवगत कराया जाए।

जल यांत्रिक संयंत्रों के पुनरोद्धार/आधुनिकीकरण की परियोजना हेतु अवशेष धनराशि 73.18 लाख रुपये अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा शारदा सहायक पोषक नहर पर स्थापित क्रास रेगुलेटर, इनलेट गेट, हेड रेगुलेटर के गेटों के जल यांत्रिक संयंत्रों के पुनरोद्धार/आधुनिकीकरण की परियोजना हेतु अवशेष धनराशि 73.18 लाख रुपये अवमुक्त की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 25 जून, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए अपेक्षा की गई है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि से कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेंटेज चार्जेज एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों पर विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। इसके अलावा धनराशि के संबंध में व्यय प्रमाण पत्र शासन को समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। धनराशि से कराये गये कार्यों का संबंधि त मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराया जाये। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए।

जल यांत्रिक संयंत्रों के पुनरोद्धार की परियोजना हेतु प्राविधानित धनराशि 133.74 लाख रुपये अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा खो बैराज-शेरकोट, खो-हेड रेगुलेटर सब फीडर एवं खो बैंक रेगुलेटर के जल यांत्रिक संयंत्रों के पुनरोद्धार की परियोजना हेतु प्राविधानित धनराशि 133.74 लाख रुपये अवमुक्त की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 25 जून, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए अपेक्षा की गई है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि से कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेंटेज चार्जेज एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों पर विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। इसके अलावा धनराशि के संबंध में व्यय प्रमाण पत्र शासन को समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। धनराशि से कराये गये कार्यों का संबंधि त मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराया जाये। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए।

चैधरी चरण सिंह मध्य गंगा बैराज बिजनौर की परियोजना हेतु  प्राविधानित धनराशि 117.06 लाख रुपये अवमुक्त

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा प्रोजेक्ट फाॅल एपाॅक्सी पेंटिंग आफ गेट्स आॅफ चैधरी चरण सिंह मध्य गंगा बैराज बिजनौर की परियोजना हेतु  प्राविधानित धनराशि 117.06 लाख रुपये अवमुक्त की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 25 जून, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए अपेक्षा की गई है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि से कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेंटेज चार्जेज एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों पर विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। इसके अलावा धनराशि के संबंध में व्यय प्रमाण पत्र शासन को समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। धनराशि से कराये गये कार्यों का संबंधि त मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराया जाये। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए। कौशाम्बी में स्थित निचली गंगा नहर प्रणाली के अंतर्गत किनारों के सुदृढ़ीकरण तथा पुल निर्माण की परियोजना हेतु 178.47 लाख रुपये अवमुक्त।

सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा कौशाम्बी में स्थित निचली गंगा नहर प्रणाली के अंतर्गत राजबाहों एवं अल्पिकाओं के आंतरिक सेक्शन सुधार एवं किनारों के सुदृढ़ीकरण तथा पुल निर्माण की परियोजना हेतु प्राविधानित सम्पूर्ण धनराशि 178.47 लाख रुपये अवमुक्त की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई मुश्ताक अहमद की ओर से 25 जून, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए अपेक्षा की गई है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि से कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेंटेज चार्जेज एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों पर विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। इसके अलावा धनराशि के संबंध में व्यय प्रमाण पत्र शासन को समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। धनराशि से कराये गये कार्यों का संबंधि त मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराया जाये। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए।

बदनपुर राजबाहा के विस्तारीकरण की परियोजना हेतु 263.52 लाख रुपये अवमुक्त

 सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग द्वारा भोगनीपुर शाखा की बायें पटरी पर स्थित ग्राम बदनपुर से दरिगाहपुर भारौल तक निकलने वाली बदनपुर राजबाहा की रिमाॅडलिंग एवं विस्तारीकरण परियोजना के लिए भूमि क्रय हेतु प्राविधानित सम्पूर्ण धनराशि 263.52 लाख रुपये अवमुक्त की गई है। इस संबंध में विशेष सचिव सिंचाई श्री मुश्ताक अहमद की ओर से 25 जून, 2021 को शासनादेश जारी करते हुए अपेक्षा की गई है कि अवमुक्त की जा रही धनराशि से कराये जाने वाले कार्यों पर नियमानुसार सेंटेज चार्जेज एवं शासकीय व्यय में मितव्ययिता के संबंध में समय-समय पर जारी निर्देशों पर विशेष रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाये। इसके अलावा धनराशि के संबंध में व्यय प्रमाण पत्र शासन को समय से अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाय। धनराशि से कराये गये कार्यों का संबंधि त मुख्य अभियन्ता द्वारा स्थलीय निरीक्षण एवं फोटोग्राफ शासन को उपलब्ध कराया जाये। इसके अलावा समय-समय पर निरीक्षण भी किया जाए।

हृदय रोग संस्थान कानपुर में भवन निर्माण हेतु 88.77 लाख रूपये अवमुक्त

उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में हृदय रोग संस्थान, कानपुर में जी$3 भवन निर्माण तथा अन्य सम्बन्धित कार्य हेतु 88.77 लाख रूपये अवमुक्त किए जाने की स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस सम्बन्ध में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है। जारी आदेश में कहा गया है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि का व्यय उन्हीं कार्यो/मदों में किया जायेगा, जिसके लिए धनराशि स्वीकृत की जा रही है। किन्ही अन्य कार्यों/मदों पर धनराशि का व्यय अथवा व्ययावर्तन वित्तीय अनियमितता मानी जायेगी। परियोजना का थर्ड पार्टी आडिट कराकर उसकी रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी। थर्ड पार्टी आडिट रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरान्त ही अवशेष धनराशि निर्गत की जायेगी। आत्मनिर्भर-भारत अभियान के अन्तर्गत सभी जरूरतमंद समूहों को आवश्यक ऋण तथा छोटे ईडब्लूएस घर उपलब्ध कराने के लिए परियोजना प्रारम्भ

बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के उपलब्ध होगा ऋण

आत्मनिर्भर भारत के अन्तर्गत एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना, सभी कोरोना-महामारी पीड़ितों तथा सभी किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद कामगार-समूहों को भारत सरकार की शार्ट टर्म-ऋण योजना के अन्तर्गत आवश्यक ऋण तथा ईडब्लूएस घर बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के उनके आय का साधन सत्यापित होने पर उपलब्ध करा रही है। तथा उनको अपने सामान एवं उत्पादों को बिना किसी अतिरिक्त फीस के बेचने के लिए, उनके चयन, प्रशिक्षण, विपणन, माडल समूहों के गठन तथा ऋण-प्रबन्धन में निःशुल्क कन्सलटेन्सी तथा सभी आवश्यक वस्तुयें-लागत मूल्य पर आरडी-एकाउन्ट के द्वारा उपलब्ध करा रही है। परियोजना के निदेशक आर0के0निगम ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आत्मनिर्भर-भारत अभियान के अन्तर्गत एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमंेशन परियोजना इन लोगों को आवश्यक ऋण तथा छोटे ईडब्लूएस घर बिना किसी इन्कम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट के बहुत कम ब्याज पर प्रत्येक 6 से 12 माह के शापिंग-आरडी एकाउन्ट स्टेटमेंट पर एसएचजी फेडरेशन के रूप में एसजीएसवाई-ईएमआईपी क्राउड-फण्ड एवं अपने एसोशिएट बैंकों के साथ देने का कार्य करेेगी। इसमें 5 से 10 महिलाओं के समूह मंे प्रत्येक महिला को प्रथम बार में औसत 24 हजार रू0 का ऋण दिया जायेगा एवं 10 मासिक किस्तें समय से भुगतान करने पर 50 हजार रू0 का ऋण दिया जोयगा एवं 10 मासिक किस्तें पुनः समय पर भुगतान करने पर 2 लाख रू0 का ऋण तथा 7 लाख रू0 का होम लोन बहुत कम ब्याज दर पर दिया जायेाग। इसमें किसी इनकम प्रूफ, आईटीआर, सैलरी स्लिप, बैंक स्टेटमेन्ट, गारंटी एवं डाउन-पेमेन्ट आदि की कोई आवश्यकता नहीं है। परियोजना निदेशक ने बताया कि, परियोजना द्वारा अपने आवेदक लाभार्थी सदस्यों को पंजीकरण कराने क 6 से 8 माह के अन्दर उनकी प्रतिमाह किस्तें देने की क्षमता अर्थात उनके आय का साधन सत्यापित होने पर उनको छोटे ईडब्लूएस घर आवंटित एवं रजिस्ट्री कर कब्जा दे दिया जाता है। एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना, अपने छोटे घरों की लागत का 20 प्रतिशत डाउन-पेमेन्ट बिना ब्याज के खुद एसजीएसवाई-ईएमआईपी क्राउड-फण्ड से भुगतान करती है और शेष प्रतिशत परियोजना के बैंक/वित्तीय-संस्थानों द्वारा फाइनेन्स किया जाता है। पूरे भारत में एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना द्वारा उपरोक्त के प्रबन्धन के लिये एक लाख कर्मचारियों की नियुक्ति की जा रही है। उपरोक्त के लिए सभी कार्य एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एवं इन्फारमेशन परियोजना द्वारा कियें जायेंगे। उन्हांेने बताया कि एसजीएसवाई ई-मार्केंटिग एण्ड इन्फारमंेशन परियोजना एक राज्यस्तरीय नोडल एजेन्सी, माइक्रो-क्रेडिट है जो एसएचजी फेडरेशन के रूप में भारत सरकार के आत्मनिर्भर-भारत अभियान के अन्तर्गत कोरोना-महामारी पीड़ित सभी किसानों, स्वयं सहायता समूहों, महिलाओं एवं अन्य जरूरतमंद कामगार-समूहों को, जिनके पास डाउन-पेमेन्ट की राशि, आय के प्रमाण-पत्र एवं जमानत भी नहीं होती है। उनके लिए अपनी किसी भी आवश्यकता पर ऋण तथा छोटे ईडब्लूएस घर प्राप्त करना बहुत मुश्किल होता है, उन्हंे ऋण प्रदान कर रही है।

भारतीय संविधान शिल्पी भारत रत्न बाबा साहब डा0 भीमराव आंबेडकर की स्मृति में भारत रत्न डा0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र का शिलान्यास।

भारतीय संविधान शिल्पी भारत रत्न बाबा साहब डा0 भीमराव आंबेडकर की स्मृति में भारत रत्न डा0 भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र, लखनऊ का शिलान्यास भारत के माननीय राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द जी के कर-कमलों द्वारा माननीय राज्यपाल, उ0प्र0 एवं माननीय मुख्यमंत्री, उ0प्र0 की गरिमामयी उपस्थिति में मुख्य सभागार, लोक भवन, लखनऊ में सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री, डा0 नीलकंठ तिवारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्मारक एवं सांस्कृतिक केन्द्र स्थापित किये जाने का उद्देश्य युवा पीढ़ी को डा0 आंबेडकर के आदर्शों से परिचित कराना है। इस सांस्कृतिक केन्द्र में प्रवेश द्वार के सामने डा0 भीमराव आंबेडकर जी की 25 फीट ऊँची प्रतिमा की स्थापना के साथ ही बाबा साहब की पवित्र अस्थियों का कलश भी दर्शनार्थ रखा जायेगा। इस सांस्कृतिक केन्द्र में पुस्तकालय, शोध केन्द्र, अत्याधुनिक प्रेक्षागृह, आभासी संग्रहालय, डोरमेट्री, कैफेटेरिया एवं अन्य सुविधाएं भी विकसित की जायेंगी। इस अवसर पर संस्कृति विभाग, उ0प्र0 द्वारा शंख वादन एवं स्वस्ति वाचन एवं संगायनपरित पाठ के सांस्कृतिक कार्यक्रम कराये गये। माननीय राष्ट्रपति जी द्वारा उक्त सांस्कृतिक कार्यक्रमों को अत्यन्त सराहा गया और उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सम्पूर्ण सभागार के माहौल को आध्यात्मिक वातावरण में बदल दिया। उन्होंने कहा कि बौद्ध भिक्षुओं द्वारा संगायन/परित पाठ में भिक्षु गणों द्वारा बार-बार प्रयोग किया जाने वाला शब्द ’’भवतु सब्ब मंगलम’’ का अर्थ होता है ‘सबकी भलाई’। लोकतंत्र में सरकार का यह दायित्व होना चाहिए कि ‘भवतु सब्ब मंगलम’ का अनुपालन करे। वर्तमान सरकार ‘भवतु सब्ब मंगलम’ के पाठ को साकार कर रही है। इस अवसर पर संस्कृति विभाग द्वारा भारत के माननीय राष्ट्रपति के स्वागत में उत्तर प्रदेश के विभिन्न अंचलों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी करायी गयीं जिनमें धोबिया, फरूवाई, राई, ढिंढिया, मयूर, बम रसिया आदि लोकनृत्य प्रमुख थे।

अयोध्या से चित्रकूट को सीधे मार्ग से जोड़ने हेतु बनेगा राम वनगमन मार्ग

राम मंदिर के निर्माण का रास्ता खुलते ही उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की राम वनगमन मार्ग की परिकल्पना व पहल पर लोक निर्माण विभाग द्वारा राम वनगमन मार्ग बनाये जाने का मसौदा तैयार किया गया, इसमे अधिग्रहीत भूमि के मुआवजा वितरण के साथ-साथ एलाइन्मेन्ट व अन्य कार्यों को अन्तिम रूप दिये जाने की दिशा में लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय मार्ग विंग द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है। राम वनगमन मार्ग अयोध्या से प्रारम्भ होकर सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, श्रृंगवेरपुर धाम, मंझनपुर, राजापुर होते हुए चित्रकूट तक विकसित किया जाना प्रस्तावित है। अयोध्या से चित्रकूट तक की दूरी लगभग 210.00 कि0मी0 है। अयोध्या से सुल्तानपुर रा0मा0 संख्या-96 के रूप में 4 लेन वर्तमान में, सुल्तानपुर से 2 लेन पेव्ड शोल्डर सहित विकसित विकासशील है। नवघोषित राष्ट्रीय मार्ग संख्या-731ए जो कि प्रतापगढ़ के निकट मोहनगंज से प्रारम्भ होकर जेठवारा, श्रृंगवेरपुर धाम होते हुए मंझनपुर, राजापुर के निकट विकसित किया जाना प्रस्तावित है। रा0मा0 संख्या-731ए का संरेखण का अनुमोदन भारत सरकार द्वारा किया गया है, जिसकी कुल लम्बाई 112 कि0मी0 है एवं इस 112 कि०मी० को 3 पैकेजों के अन्तर्गत विकसित किया जाना है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि मार्ग के पैकेजों के विकसित हो जाने के उपरान्त क्षेत्रवासियों को अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध हो जायेंगी। क्षेत्र का सामरिक एवं आर्थिक विकास द्रुत गति से होगा। गंगा नदी पर पूर्व निर्मित सेतु के उपयोग से कौशाम्बी जनपद के श्रृंगवेरपुर धाम तक सीधे पहुंच हो जायेगी। कुरई घाट पर स्थित राम मंदिर तथा चरवा गांव में स्थित राम जानकी मंदिर कहा जाता है, यहां पर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम वनगमन के समय विश्राम किये थे, का भी सीधा सम्पर्क लिंक मार्ग के भविष्य में विकसित होने के उपरान्त हो जायेगा, जिससे राम वनगमन पथ का उद्देश्य भी पूर्ण होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित हो जाने से यातायात भी बढ़ेगा एवं खदान से प्राप्त होने वाली गिट्टी बालू को खदान से क्षेत्र में ले जाने में क्षेत्रवासियों को अधिक सुगमता होगी, जो क्षेत्रवासियों के चैमुखी विकास में सहायक होगा। इस मार्ग के निर्मित हो जाने से 02 बड़े धार्मिक और आस्था के केन्द्रों अयोध्या व चित्रकूट का जहां सीधा सम्पर्क हो जायेगा, वहीं त्रेता युग की स्मृतियों को चिर स्थायित्व मिलेगा। देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों व आम जनमानस के लिये यह बहुत ही सुगम व सरल मार्ग तो होगा ही, पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां भी तेज होंगी। व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिये भी यह मार्ग अत्यन्त उपयोगी साबित होगा।

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राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 338 मार्गों के चालू कार्यों हेतु रू0 01 अरब 65 करोड़ 33 लाख 45 हजार की अवशेष धनराशि की गयी आवंटित

उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में राज्य सड़क निधि योजना के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 338 मार्गों के चालू कार्यों हेतु रू0 01 अरब 65 करोड़ 33 लाख 45 हजार की अवशेष धनराशि का आवंटन उ0प्र0 शासन द्वारा किया गया है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ0प्र0 शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इन 338 चालू कार्यों में जनपद सुलतानपुर में 49, बलरामपुर व सीतापुर में 40-40, कुशीनगर में 21, प्रयागराज में 18, गोरखपुर में 17, अम्बेडकर नगर 16, सन्त कबीरनगर में 15, गाजीपुर व बुलन्दशहर में 13-13, बस्ती व आगरा में 10-10, चन्दौली में 09, गोण्डा व सोनभद्र में 08-08, बान्दा व हमीरपुर में 06-06, महाराजगंज में 05, बस्ती, कौशाम्बी, अयोध्या व कासगंज में 04-04, वाराणसी में 03, शाहजहांपुर, बहराइच, मेरठ, फतेहपुर, मुजफ्फरनगर व हरदोई में 02-02 तथा सहारनपुर, जौनपुर व एटा में 01-01 कार्य शामिल हैं। जारी शासनादेश में आवंटित धनराशि का उपयोगिता प्रमाण-पत्र बजट मैनुअल के प्राविधानों के अनुसार अनिवार्य रूप से उ0प्र0 शासन को प्रेषित किया जाय तथा अवशेष कार्यों को पूर्ण कराते हुये पूर्णता प्रमाण-पत्र एवं फोटोग्राफ्स शासन को उपलब्ध कराया जाय। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिये हैं कि इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा जारी शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय।

राज्य योजना (सामान्य) के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 67 चालू सेतुओं के निर्माण कार्य हेतु रू0 70 करोड़ 17 लाख 19 हजार की धनराशि की गयी अवमुक्त’

उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में राज्य योजना (सामान्य) के अन्तर्गत विभिन्न जनपदों के 67 चालू सेतुओं के निर्माण कार्य हेतु रू0 70 करोड़ 17 लाख 19 हजार की धनराशि का आवंटन उ0प्र0 शासन द्वारा किया गया है। इस सम्बन्ध में आवश्यक शासनादेश उ0प्र0 शासन लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी कर दिया गया है। इन 67 चालू सेतुओं में जनपद बिजनौर में 09, शाहजहांपुर में 05, बाराबंकी, फतेहपुर, प्रतापगढ व प्रयागराज में 04-04, अयोध्या, बरेली, जौनपुर, सोनभद्र, अलीगढ़ व अम्बेडकरनगर में 03-03, सुलतानपुर, फिरोजाबाद, कानपुर नगर, जालौन व रायबरेली में 02-02 तथा हमीरपुर, इटावा, चित्रकुट, आजमगढ़, अमरोहा, मथुरा, आगरा, बलरामपुर व गोरखपुर में 01-01 कार्य शामिल हैं। जारी शासनादेश में आवंटित धनराशि का व्यय निर्धारित 67 परियोजनाओं पर ही मानक विशिष्टियों के अनुरूप किये जाने के निर्देश सम्बन्धित अधिकारियों को दिये गये हैं। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने निर्देश दिये हैं कि इन कार्यों में वित्तीय नियमों का अक्षरसः अनुपालन सुनिश्चित किया जाय तथा जारी शासनादेशों में उल्लिखित दिशा-निर्देशों का अनुपालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाय। उन्होने साथ ही परियोजना के कार्यों को ससमय एवं पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा कराये जाने के निर्देश भी दिये हैं।

कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर दिया गया बल

प्रदेश के युवाओं के बेहतर भविष्य के लिये उन्हें रोजगार दिलाने के सम्बन्ध में सरकार की प्रतिबद्धता को स्पष्ट करते हुए कौशल प्रशिक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही इंडस्ट्री एसोशियेशन्स  और औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधियों से यह आग्रह भी किया कि वे समेकित प्रयासों से कैसे युवाओं के भविष्य को बेहतर बना सकते हैं इस पर चिन्तन करें तथा ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने का प्रयास करें, जिससे ग्रामीण युवाओं को मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। उक्त बाते प्रदेश के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास श्री कपिलदेव अग्रवाल ने उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन द्वारा दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अन्तर्गत उत्पादन व सेवा क्षेत्र से जुड़े हुए प्रमुख उद्योगों व बैंक प्रतिनिधियों के साथ ब्ग्व् डममज के आयोजन मे बोली। कोविड प्रोटोकाॅल के कारण आमंत्रित अधिकारियों व प्रतिनिधियों द्वारा वर्चुअल प्रतिभागिता की गई। सचिव, व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग, श्री आलोक कुमार तृतीय द्वारा अपने उद्बोधन में उपस्थित उद्योगों के प्रतिनिधियों से वर्तमान उद्योगों की आवश्यकता के अनुसार प्रशिक्षण की आवश्यकता पर चर्चा करने की अपेक्षा की गई ताकि मांग के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किये जा सकें। मिशन निदेशक, उ0प्र0 कौशल विकास मिशन कुणाल सिल्कू, द्वारा कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। उन्होंने उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा प्रारम्भ किये गये सेवामित्र एप तथा काॅल सेन्टर सम्बन्धी प्रयासों के बारे में भी उपस्थित प्रतिभागियों को जानकारी दी। संयुक्त सचिव, ग्रामीण विकास मंत्रालय,भारत सरकार श्री चरणजीत सिंह, द्वारा इस बात पर जोर दिया कि गाँव व शहर के युवाओं की प्रति व्यक्ति आय के अन्तर को डीडीयू-जीकेवाई आदि योजनाओं के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें सक्षम बनाकर कम किया जा सकता है। इनके द्वारा कौशल पंजी, व कैप्टिव इम्पलाॅयमेंट जैसे प्रयासों के बारे में भी अवगत कराया गया। राइट वाॅक फाउडेशन की प्रतिनिधि सुश्री शमीना बानो के द्वारा एपे्रन्टिसशिप के सम्बन्ध में महत्वपूर्ण प्रस्तुतिकरण करते हुए वर्तमान परिदृश्य में इसके महत्व के सम्बन्ध में अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एच सी एल, कोकाकोला, एक्सिस बैंक, हैला इण्डिया, डैन जो (ई-कामर्स पोर्टल), सीआईआई, एनएसडीसी, नेस्काॅम व मिण्डा काॅर्पोरेशन लि0 जैसी संस्थाओं के शीर्ष प्रतिनिधियों द्वारा 02 समूहों में पैनल चर्चा भी की गई। इस बिन्दु पर आम सहमति थीकि सरकार की निशुल्कः कौशल प्रशिक्षण देने की कोशिश दोनों पक्षों के लिये लाभकारी है। जहाँ उद्योगों को अपनी आवश्यकता के अनुरूप कुशल व प्रशिक्षित जनशक्ति सरकार की योजना से मिल रही है, वहीं प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है, जिससे वें अपने पैरों पर खड़े हो सकते है और अपनी व अपने परिवार की जीविका चला सकते हैं। विभिन्न नियोक्ताओं द्वारा आने वाले समय में अपने यहाँ उपलब्ध होने वाले रोजगार की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी।चर्चा में यह तथ्य भी प्रकाश में आया कि ग्रामीण लाभार्थियों के व्यक्तित्व में अपेक्षित सुधार के लिए कौशल प्रशिक्षण योजनाओं का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। कोविड संक्रमण के कारण मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर में आई मंदी तथा हेल्थ वर्कस की बढ़ी हुई मांग को देखते हुए बैठक में मुख्य रूप से उन क्षेत्रों को चिन्हित करने पर जोर दिया गया जहाँ प्रशिक्षित जनशक्ति की मांग है और रोजगार की अधिक संभावनायें हैं। इन क्षेत्रों में कस्टमाइज कोर्सेस चलाने की आवश्यकता भी बतायी गई। मिशन के साथ जुड़ी सलाहकार संस्था ळतंदज ज्ीवतदजवद द्वारा कार्यक्रम का समन्वय किया गया।

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उप्र राज्य भण्डारण निगम द्वारा वर्ष 2016-17 में रू0 45.65 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया

उप्र राज्य भण्डारण निगम द्वारा वर्ष 2016-17 में रू0 45.65 करोड़ का शुद्ध लाभ अर्जित किया गया है। निगम द्वारा अर्जित किये गये लाभ पर राज्य सरकार को देय लाभांश रू0 1,18,74,940.00 (रूपया एक करोड़ अट्ठारह लाख चैहत्तर हजार नौ सौ चालीस) मात्र का चेक मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ जी को श्री मुकुट बिहारी वर्मा सहकारिता मंत्री/अध्यक्ष उ0प्र0 राज्य भण्डारण निगम ने गत दिवस  प्रदान किया। सहकारिता मंत्री श्री वर्मा ने बताया कि निगम द्वारा भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुरुप कृषको की आय को दो गुना करने के लक्ष्य की प्राप्ति के क्रम मंे 21 भण्डारगृहों को डल्यू0डी0आर0ए0 (भण्डारागार विकास विनियामक प्राधिकरण) में पंजीकृत कराया गया है। इन भण्डारगृहों में कृषको निगोशियेबिल वेयरहाउसिंग रसीद का लाभ प्राप्त होगा। कृषक वेयरहाउसिंग रसीद को बंधक रखकर किसी भी बैंक से भण्डारित खाद्यान्न के सापेक्ष 90 प्रतिशत ऋण प्राप्त कर सकता है, इसके अतिरिक्त किसान अपने कृषि उत्पाद का उचित बाजार मूल्य होने पर टेªडिंग के माध्यम से देश की किसी भी मण्डी में बेच सकता है। निगम द्वारा मण्डी परिषद से मण्डी समितियों में प्राप्त भूमि पर बने भण्डारगृहो को डल्यू0डी0आर0ए0 में पंजीकृत कराया जायेगा। वर्मा ने बताया कि निगम द्वारा भण्डारण की समस्या के निदान हेतु भारत सरकार एवं राज्य सरकार की योजनाआंे के अन्र्तगत भारतीय खाद्य निगम से गारण्टी प्राप्त कर अपनी भण्डारण क्षमता में वृद्धि की जा रही है। वर्तमान समय में निगम की भण्डारण क्षमता लगभग 40.00 लाख मै0 टन है तथा लगभग 10.58 लाख मै0 टन क्षमता निमार्णाधीन/प्रक्रियाधीन है जो शीघ्र ही भण्डारण हेतु उपलब्ध होगी। इस अवसर पर बी0 एल0 मीणा प्रमुख सचिव सहकारिता विभाग, निगम के प्रबन्ध निदेशक श्रीकान्त गोस्वामी, धीरज चन्द्रा, विशेष कार्याधिकारी एवं संतोष श्रीवास्तव, प्र0प्रबन्धक (वित्त) उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि निगम को वर्ष 2017-18 में 92.66 करोड़, वर्ष 2018-19 में 87.01 करोड़, वर्ष 2019-20 में 101.76 करोड़, एवं वर्ष 2020-21 में 118.34 करोड़ का लाभ अनुमानित है।

जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुल 51 जनपदों के 3989 क्लस्टरों में जैविक खेती का कार्य किया जा रहा

वर्ष 2020-21 में नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 16 जनपदों में 2289 कलस्टर एवं परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत पिछड़े 8 जनपदों में 40 क्लस्टरों का गठन कर कार्यक्रम संचालित। जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने हेतु राज्य स्तर पर जैविक प्रमाणीकरण संस्था गठित। उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए कुल 15 जनपदों के 750 क्लस्टर में कार्यक्रम संचालित कर पूर्ण कर लिया गया है। कुल 51 जनपदों के 3989 क्लस्टरों में जैविक खेती का कार्य किया जा रहा है। झांसी व बांदा में भी आर्गेनिक आउटलेट की स्थापना करायी गयी है। वर्ष 2020-21 में नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 16 जनपदों में 2289 कलस्टर एवं परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत पिछड़े 8 जनपदों में 40 क्लस्टरों का गठन कर कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। जनपद हमीरपुर में द्वितीय चरण में 140 कलस्टर का गठन कर कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कृषि विभाग से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 में परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत 25 जनपदों में 500 कलस्टर का गठन कर कृषि विभाग द्वारा एवं नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत 11 जनपदों में 700 कलस्टर का गठन कर यू0पी0 डास्प द्वारा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वर्ष 2018-19 में नमामि गंगे योजना के अन्तर्गत चयनित 08 जनपदों में 320 क्लस्टर का गठन कर कार्यक्रम चलाया जा रहा है। वर्ष 2017-18 में आर0के0वी0वाई0 योजनान्तर्गत पीलीभीत जनपद में 35 क्लस्टर में कार्यक्रम संचालित कर पूर्ण कर लिया गया है। इन लाभार्थी कृषको को पी.जी.एस. इण्डिया ग्रीन एवं पी.जी.एस. इण्डिया आर्गैनिक का प्रमाण पत्र भी निर्गत किया जा चुका है। परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत 9 जनपदों में 45 क्लस्टर का चयन कर 2250 एकड़ क्षेत्रफल तथा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।

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वर्ष 2015-16 से प्रारम्भ परम्परागत कृषि विकास योजनान्तर्गत चयनित 15 जनपदों में कुल 575 क्लस्टरों में कार्यक्रम संचालित कर कार्य पूर्ण कर लिया गया है। बुन्देलखण्ड क्षेत्र के हमीरपुर जनपद को जैविक खेती के अन्तर्गत माॅडल जनपद बनाने हेतु 140 क्लस्टर में भी कार्यक्रम संचालित कर पूर्ण कर लिया गया है। इन लाभार्थी कृषको को पी.जी.एस. इण्डिया ग्रीन एवं पी.जी.एस. इण्डिया आर्गैनिक का प्रमाण पत्र भी निर्गत किया जा चुका है। जैविक खेती को बढ़ावा दिये जाने हेतु जैविक प्रमाणीकरण संस्था का राज्य स्तर पर गठन किया गया है तथा संस्था प्रदेश में कार्यशील है। प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार की संस्थाओ द्वारा कृषक, कृषक समूह का प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 16242 हे0 क्षेत्रफल में पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया। वर्ष 2020-21 में अब तक 42800 हेक्टेयर क्षेत्रफल में पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 90 करोड़ 11 लाख 84 हजार रूपये की धनराशि अवमुक्त

प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत केन्द्रांश का 9011.84 लाख रूपये (रूपये नब्बे करोड़ ग्यारह लाख चैरासी हजार मात्र) अवमुक्त कर दिया है। योजना के अन्तर्गत 60 प्रतिशत केन्द्रांश एवं उसके सापेक्ष 40 प्रतिशत राज्यांश की व्यवस्था है। इस सम्बन्ध में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा आवश्यक आदेश जारी कर दिया गया है, जिसमें उल्लिखित है कि स्वीकृत की जा रही धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा। धनराशि के आहरण एवं व्यय के संबंध में समय-समय पर निर्गत दिशा-निर्देशों का अनुपालन अवश्य सुनिश्चित किया जाये। स्वीकृत की जा रही धनराशि के नियम संगत व्यय व स्वीकृत धनराशियों के निर्धारित प्रारूप पर उपयोगिता प्रमाण पत्र प्राप्त किये जाने का दायित्व आयुक्त, ग्राम्य विकास/मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन का होगा।

मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने हेतु 255139 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट स्थापित

उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा प्रदेश में मृदा में जीवांश कार्बन बढ़ाने हेतु 255139 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करायी गयी है। वित्तीय वर्ष 2020-21 में 15843 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करायी जा चुकी है। कृषि विभाग से मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार वर्ष 2019-20 में 83036 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करायी गयी। वित्तीय वर्ष 2018-19 में 84812 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना करायी गयी। इसके अन्तर्गत वर्ष 2017-18 में 69139 वर्मी कम्पोस्ट यूनिट की स्थापना कराया गया। योजनान्तर्गत 75 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया गया। बुन्देलखण्ड क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए खेत-तालाब योजना का विस्तार किया जा रहा। अब तक 17883 खेत तालाबों का निर्माण सुनिश्चित कराया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत खेत-तालाबों पर स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली की स्थापना हेतु लघु एवं सीमांत कृषकों को 90 प्रतिशत।

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उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री, श्री सूर्य प्रताप शाही के निर्देशन में कृषि विभाग द्वारा बुन्देलखण्ड क्षेत्र सहित प्रदेश के अन्य जनपदों में सिंचन क्षमता बढ़ाने के लिए खेत-तालाब योजना का विस्तार किया जा रहा है। कृषि विभाग द्वारा अब तक 17883 खेत तालाबों का निर्माण कराया जा चुका है। कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2020-21 में योजनान्तर्गत 4427 तालाबो का निर्माण कराया गया। वर्ष 2019-20 में 5261 तालाबो का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अन्तर्गत वर्ष 2018-19 में कुल 5000 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया। वर्ष 2017-18 में बुन्देलखण्ड क्षेत्र में 2549 खेत तालाबों एवं प्रदेश के अन्य अतिदोहित एवं दोहित जिलों में 835 खेत तालाबों का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। इस प्रकार वर्ष 2017-18 में प्रदेश में कुल 3384 खेत तालाबों का निर्माण कराया गया। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजनान्तर्गत निर्मित खेत-तालाबों पर स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली की स्थापना हेतु लघु एवं सीमांत कृषकों को 90 प्रतिशत तथा अन्य कृषकों को 80 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य है।

पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 22.66 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालन विभाग की पशु रोग नियंत्रण योजना के लिए 2266.96397 लाख रूपये (बाइस करोड़ छाछठ लाख छियान्नबे हजार तीन सौ सत्तानबे रूपये) की धनराशि वर्तमान वित्तीय वर्ष में स्वीकृत की है। यह योजना 60 प्रतिशत केन्द्र पोषित तथा 40 प्रतिशत राज्य पोषित है। पशुधन विभाग द्वारा इस संबंध में शासनादेश जारी कर दिया गया हैै। योजना के सुनियोजित क्रियान्वयन के लिए निदेशक, रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र, पशुपालन विभाग को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शासनादेश में कहा गया है कि स्वीकृत धनराशि का आहरण एवं व्यय भारत सरकार के दिशा-निर्देशों एवं निर्धारित मानकों व कार्य योजना का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करते हुए किया जाएगा।

विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता ऑनलाइन प्रदान करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021

 उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड-19 संक्रमण के दृष्टिगत शैक्षिक सत्र 2021-22 में उत्तर प्रदेश राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा ऑनलाइन अनापत्ति एवं संबद्धता के प्रस्ताव के निस्तारण हेतु विशेष परिस्थितियों में सम्यक विचारोपरांत संशोधित समय सारणी निर्धारित की है। इस संबंध में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी कर दिया गया है। संशोधित समय सारणी के अनुसार विश्वविद्यालय में नए पाठ्यक्रम हेतु अनापत्ति प्रस्ताव ऑनलाइन जमा करने की अंतिम तिथि 8 जुलाई 2021 तक, विश्वविद्यालय में ऑनलाइन जमा किए गए प्रस्ताव के भूमि संबंधित अभिलेखों का राजस्व विभाग से सत्यापन कराए जाने की तिथि 15 जुलाई 2021 तक तथा अनापत्ति आदेश ऑनलाइन निर्गत किए जाने की तिथि 22 जुलाई 2021 तक निर्धारित की गई है। संस्था द्वारा निरीक्षण मंडल गठन हेतु आवेदन किए जाने की तिथि 26 जुलाई 2021 तथा 30 जुलाई 2021 तक निरीक्षण मंडल का गठन कर निरीक्षण आख्या 10 अगस्त 2021 तक प्रस्तुत किया जाना निर्धारित किया गया है। विश्वविद्यालय द्वारा संबद्धता ऑनलाइन प्रदान करने की अंतिम तिथि 18 अगस्त 2021 निर्धारित की गई है। संबद्धता के संबंध में शासन में अपील करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त 2021 निर्धारित करते हुए शासन स्तर से अपील निस्तारित करने की अंतिम तिथि 31 अगस्त 2021 निर्धारित की गई।

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राज्य सरकार अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिये प्रतिबद्ध -नंदी

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण, वक़्फ़ एवं हज, राजनैतिक पेंशन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी‘ और राज्य मंत्री मोहसिन रज़ा ने आज समाज कल्याण निदेशालय प्रागनाराण रोड, लखनऊ में उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के नवनिर्वाचित माननीय अध्यक्ष व सदस्यों के लिए उन्मुखीकरण कार्यक्रम में भाग लिया। नंदी ने उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के नव मनोनीत अध्यक्ष अशफाक सैफी, और सभी सदस्यों को हार्दिक शुभकामना दीं। उन्होंने कहा कि यह हम सब का परम सौभाग्य है कि जहाँ एक ओर इस देश की बागडोर परम तपस्वी प्रधानमंत्री आदरणीय नरेन्द्र मोदी जी के हाथों में सुरक्षित है तो वही दूसरी ओर उत्तर प्रदेश की बागडोर कर्मयोगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों में सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि मित्रों, आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने देश के सभी वर्गों के विकास और उन्नयन के लिए सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास का मंत्र दिया। आदरणीय मुख्यमंत्री जी के यशस्वी नेतृत्व एवं प्रधानमंत्री जी के प्रेरणा से प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने अल्पसंख्यकों समुदाय (मुस्लिम, सिख, इसाई, जैन, पारसी, बौद्ध) की बेहतरी के लिए पिछले साढ़े चार वर्षों में कई ऐतिहासिक कदम उठाये। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक वर्ग की आर्थिक, शैक्षिक और सामाजिक परिस्थितियों में सुधार लाना और उन्हें बिना किसी भेदभाव के तरक्की के अवसर उपलब्ध कराना हमारी सरकार की प्राथमिकता है, चाहे वह अल्पसंख्यक छात्रों को उनकी उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति प्रदान करना हो, चाहे रोजगार सृजन हेतु टर्म लोन देना और चाहे प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत विभिन्न विकास की परियोजनाएं हों, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने बड़े पैमाने पर लाभार्थियों तक योजनाओं की पहुॅच सुनिश्चित की है। नंदी ने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों और उनके हितों के संरक्षण की दृष्टि से राज्य अल्पसंख्यक आयोग का बहुत विशेष महत्व है और मुझे आशा ही नहीं पूरा विश्वास है कि अशफाक सैफी जी के नेतृत्व में आयोग अपने लक्ष्यों और दायित्वों के निर्वाहन में पूरी तत्परता के साथ सफल होगा। इस अवसर पर प्रमुख सचिव अल्पसंख्यक कल्याण के0 रविन्द्र नायक, निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सी0 इन्दुमति, विशेष सचिव डी0एस0 उपाध्याय, शिवाकान्त द्विवेदी, जे0पी0 सिंह, संयुक्त निदेशक आर0पी0 सिंह, एस0एन0 पाण्डेय, मा0 नव मनोनीत अध्यक्ष, उ0प्र0 अल्पसंख्यक आयोग, अशफाक सैफी, मा0 नव मनोनीत सदस्य अल्पसंख्यक आयोग, हैदर अब्बास चाॅद, सरदार परविंदर सिंह, श्री सुरेश चन्द्र जैन, नवेन्दु सिंह इजिकेल, सम्मान अफरोज खान, बक्सीस अहमद वारसी, रूमाना सिद्दीकी, अनीता जैन आदि मौजूद रहे।

प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र में होने हैं 20 विकास कार्य

उत्तर प्रदेश के नागरिक उड्डयन, अल्पसंख्यक कल्याण, राजनीतिक पेंशन, मुस्लिम वक्फ एवं हज मंत्री व प्रयागराज शहर दक्षिणी विधायक नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी ने आज उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन जी से उनके आवास पर जाकर शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान मंत्री नन्दी ने नगर विकास मंत्री से मुलाकात कर प्रयागराज शहर दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के लिए स्वीकृत चार करोड़ रुपए के अधूरे पड़े 20 विकास कार्यों को पूरा कराने का आग्रह किया। नंदी ने कहा कि इन कार्यों के पूरा होते ही हजारों लोगों की बड़ी समस्या दूर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि दो करोड़ रुपए की प्रथम किस्त जारी हो चुकी है, दूसरी किस्त की जरूरत है। स्वीकृति के बाद आधे अधूरे 20 कार्यों में गली, नाली, इंटरलाॅकिंग निर्माण एवं सुधार कार्य शामिल हैं, जिनकी प्रथम किस्त जारी हो चुकी है, द्वितीय किस्त की जरूरत है। द्वितीय किस्त जारी हो जाए तो अधूरे पड़े काम पूरे हो जाएं। मंत्री नन्दी से मुलाकात के बाद नगर विकास मंत्री ने जल्द ही धनराशि जारी कराए जाने का आश्वासन दिया।





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