राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 29, 2021   14:27
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी

राष्ट्रपति ने यहां लोक भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा की मौजूदगी में केंद्र की नींव रखी।

लखनऊ। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंगलवार को लखनऊ में भारत रत्न डॉ आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र की आधारशिला रखी। राष्ट्रपति ने यहां लोक भवन में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा की मौजूदगी में केंद्र की नींव रखी। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते उप्र कैबिनेट ने ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक सांस्कृतिक केंद्र के निर्माण के लिए राज्य के सांस्कृतिक विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी।

इसे भी पढ़ें: पाकिस्तान में निकला ‘लोकतंत्र का जनाजा’, सदन में चारपाई लेकर पहुंचे PTI के विधायक, मचा हंगामा

स्मारक ऐशबाग ईदगाह के सामने 5493.52 वर्ग मीटर नजूल भूमि पर बनेगा और इसमें डॉ अंबेडकर की 25 फीट ऊंची प्रतिमा भी होगी। 45.04 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले स्मारक में 750 लोगों की क्षमता वाला एक सभागार, पुस्तकालय, अनुसंधान केंद्र, चित्र गैलरी, संग्रहालय, एक बहुउद्देश्यीय सम्मेलन केंद्र, कैफेटेरिया, छात्रावास और अन्य सुविधाएं भी होंगी। सांस्कृतिक विभाग जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इस मौके पर राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि हम सभी के लिए यह गौरव की बात है कि देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के कर कमलों से संविधान निर्माता भारत रत्न डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मेमोरियल एवं सांस्कृतिक सेंटर का शिलान्यास होरहा है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि यह स्मारक हमारे युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत होगा।

इसे भी पढ़ें: फेस मास्क बनाने के नाम पर तीन करोड़ रूपये की ठगी करने वाला गिरफ्तार

हमारे संविधान के शिल्पकार बाबा साहेब पूरे देश के लिए सम्मान के प्रतीक हैं और उनका नाम स्वर्णाक्षरों में लिखा गया है। राज्यपाल ने राष्ट्रपति और देश की प्रथम महिला का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह सच है कि बाबा साहब द्वारा गढ़े गये संविधान के कवच से देश के सभी वर्ग सुरक्षित हैं। हमें यह याद रखना है कि बाबा साहब का जीवन प्रतिमा संघर्षों की गाथा है। उन्होंने आंबेडकर मेमोरियल की स्थापना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की सराहना की। मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने संबोधन में राष्ट्रपति का स्वागत करते हुए कहा कि भारत के संविधान के शिल्पी के रूप में हम सब बाबा साहब डाक्टर भीम राव आंबेडकर का स्मरण करते हैं और केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में जब भी वंचितों, दलितों और समाज के अंतिम पायदान के व्यक्ति की आवाज की बात होगी तो बाबा साहब का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाएगा। योगी ने कहा कि आज ही के दिन बाबा साहब ने 93 वर्ष पहले 1928 में समता नामक साप्ताहिक पत्र की शुरुआत की थी और देश के अंदर समतामूलक समाज की स्थापना की लड़ाई का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थापित डॉक्टर भीमराव आंबेडकर मेमोरियल एवं सांस्कृतिक सेंटर का शुभारंभ बाबा साहब की स्मृतियों को जीवंत बनाये रखेगा।

इसके पहले राष्ट्रपति कोविंद, उनकी पत्नी देश की प्रथम महिला सविता कोविंद, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डाक्टर दिनेश शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व एमएलसी स्वतंत्र देव सिंह ने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित किया। पर्यटन व संस्कृति राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डॉक्टर नीलकंठ तिवारी ने राष्ट्रपति व अन्य अतिथियों का स्वागत किया। उत्तर प्रदेश के पांच दिवसीय दौरे पर आए राष्ट्रपति 25 जून को प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस ट्रेन से कानपुर पहुंचे थे। तीन दिनों वह कानपुर में थे जहां कई गणमान्य व्यक्तियों और प्रतिष्ठित लोगों से मिलने के अलावा, राष्ट्रपति ने रविवार को कानपुर देहात में अपने पैतृक गांव परौंख का भी दौरा किया और अपने पुराने परिचितों से बातचीत की थी।

राष्ट्रपति सोमवार को अपने दो दिवसीय दौरे पर कानपुर से विशेष ट्रेन (प्रेसिडेंशियल एक्सप्रेस) से लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे जहां राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने उनका स्वागत किया। यहां रेलवे स्टेशन पर पहुंचकर राष्ट्रपति सीधे राजभवन गए जहां उन्होंने सोमवार को रात्रि प्रवास किया। मंगलवार की शाम को राष्ट्रपति नई दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।