क्या दिल्ली में लग सकता है लॉकडाउन ? कोरोना के बढ़ते मामले के बीच केजरीवाल ने दिया यह जवाब

  •  अनुराग गुप्ता
  •  अप्रैल 10, 2021   13:11
  • Like
क्या दिल्ली में लग सकता है लॉकडाउन ? कोरोना के बढ़ते मामले के बीच केजरीवाल ने दिया यह जवाब

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी हमारे पास सात से दस दिन की वैक्सीन बची हुई है। अगर हमें समुचित संख्या में वैक्सीन की डोज उपलब्ध करा दी जाए, आयु सीमा हटा दी जाए और बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की इजाजत दे दी जाए।

नयी दिल्ली। कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच क्या राजधानी दिल्ली में लॉकडाउन लगाया जाएगा ? ऐसे सवाल अब उठने लगे हैं और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इनका जवाब दिया है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली में कोई भी लॉकडाउन नहीं लगेगा। बता दें कि अरविंद केजरीवाल लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में कोरोना की स्थिति का जायजा लेने पहुंचे थे। जहां पर उनके साथ स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन समेत कई पदाधिकारी मौजूद थे। 

इसे भी पढ़ें: वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने का सर्वश्रेष्ठ तरीका कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार: WHO 

इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने कोरोना वैक्सीन और लॉकडाउन से जुड़े सवालों के जवाब दिए। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक केजरीवाल ने कहा कि अभी हमारे पास सात से दस दिन की वैक्सीन बची हुई है। अगर हमें समुचित संख्या में वैक्सीन की डोज उपलब्ध करा दी जाए, आयु सीमा हटा दी जाए और बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन सेंटर खोलने की इजाजत दे दी जाए तो हम 2-3 महीने में पूरी दिल्ली को वैक्सीनेट कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने जल्द ही नई पाबंदियां लागू करने की बाद कही। उल्लेखनीय है कि दिल्ली में शुक्रवार को कोविड-19 के 8521 नए मामले सामने आए तथा 39 और लोगों की मौत हो गयी। पिछले साल 11 नवंबर के बाद से एक दिन में संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले आए हैं। 

इसे भी पढ़ें: केंद्र की विफल नीतियों के चलते प्रवासी फिर पलायन को मजबूर, सरकार को अच्छे सुझावों से एलर्जी: राहुल 

कोरोना के नए मामलों के साथ संक्रमितों की कुल संख्या 7,06,526 जबकि मृतकों की संख्या बढ़कर 11,196 हो गयी है। अब तक 6.68 लाख से अधिक लोग संक्रमण से ठीक हो चुके हैं। उपचाराधीन मरीजों की संख्या भी बढ़कर 26,631 हो गई है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।


This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.Accept