Delhi court ने Hindutva influencer Swatantra Bhardwaj को एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा

Prabhasakshi Image
Prabhasakshi

जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हमले के आरोप में गिरफ्तार स्वतंत्र भारद्वाज को दिल्ली की अदालत ने शनिवार को पुलिस रिमांड पर भेजा। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के आवास पर पेशी के बाद यह आदेश जारी हुआ। पुलिस ने मामले में एससी/एसटी एक्ट और पॉक्सो कानून समेत कई धाराएं लगाई हैं।

नयी दिल्ली, पांच सितंबर हिंदुत्व ‘इन्फ्लुएंसर’ स्वतंत्र भारद्वाज को शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत के न्यायाधीश ने एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। अदालत के सूत्रों के अनुसार, भारद्वाज को अपराह्न लगभग दो बजे अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सौरभ प्रताप सिंह लालेर के आवास पर पेश किया गया। उसकी कानूनी सहायता के लिए नियुक्त वकील वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से न्यायाधीश के समक्ष पेश हुए।

भारद्वाज को पहले पटियाला हाउस अदालत में पेश किये जाने की उम्मीद थी। भारद्वाज को जुलाई में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शन के दौरान एक नाबालिग कार्यकर्ता के पिता पर हुए कथित हमले के सिलसिले में शुक्रवार को हिरासत में लिया गया था। इससे कुछ घंटे पहले ही कॉजपा ने कथित हमले को लेकर उसकी गिरफ्तारी की मांग करते हुए संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन किया था।

दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और आपराधिक धमकी से जुड़ी धाराएं जोड़ी थीं। भारद्वाज के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। भारद्वाज के एक साक्षात्कार की वीडियो क्लिप प्रसारित हुई है, जिसमें उसने दावा किया गया था कि 20 जुलाई के विरोध प्रदर्शन के दौरान उसने नाबालिग कार्यकर्ता के पिता संजय का ‘‘सिर फोड़ दिया था’’।

वीडियो में भारद्वाज को यह कहते हुए सुना जा सकता है, “...क्या आपको पता है कि इस अपराध में कौन सी धारा लगती है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे।’’ दिल्ली पुलिस ने इससे पहले कहा था कि संजय को लगी चोटें ‘‘सामान्य’’ प्रकृति की थीं।

हालांकि, बाद में एक पॉडकास्ट में भारद्वाज ने दावा किया कि उसने आत्मरक्षा में यह कदम उठाया था। ऐसा बताया जाता है कि पुलिस ने बीएनएस की धाराएं 351(3), 78 (पीछा करना) और 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से किये गये कृत्य) भी लगाई हैं। इसके अलावा, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 भी लगाई गई है।

नाबालिग ने आरोप लगाया कि अपने पिता पर हुए हमले के खिलाफ बोलने और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद उसे दुष्कर्म की धमकी दी गई, उसके साथ गाली-गलौज की गई और उसकी तस्वीरों से छेड़छाड़ की गई। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के प्रमुख एवं नगीना से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी संसद मार्ग पुलिस थाने में पुलिस अधिकारियों से मुलाकात की और भारद्वाज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल ने मामले में हत्या के प्रयास, आपराधिक धमकी और एससी/एसटी अधिनियम की धाराएं जोड़ने के साथ-साथ लड़की को कथित तौर पर दी गई दुष्कर्म की धमकियों को लेकर अलग से एक प्राथमिकी दर्ज करने की भी मांग की।

All the updates here:

अन्य न्यूज़