Cyclone Arnab ने पार किया आंध्र तट, भारी बारिश और आंधी के बीच करंट से दो मौतें

आंध्र प्रदेश और यनम के तटीय इलाकों से टकराने के बाद चक्रवाती तूफान अर्नब कमजोर पड़ गया है, लेकिन इसके असर से कई जिलों में भारी तबाही हुई है। विशाखापत्तनम और अनकापल्ली में टूटे तारों की चपेट में आने से दो लोगों की जान चली गई। तेज हवाओं से सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिर गए, जबकि प्रशासन ने युद्धस्तर पर बहाली कार्य शुरू कर दिया है।
चक्रवात ‘अर्नब’ बुधवार तड़के आंध्र प्रदेश के तट को पार कर गया, जिससे कई पेड़ एवं बिजली के खंभे उखड़ गए और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं तथा अलग-अलग घटनाओं में करंट लगने से दो लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ मंगलवार देर रात दो बजे से बुधवार सुबह आठ बजे के बीच आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार कर गया और कमजोर होकर भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया।
मौसम विभाग ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘चक्रवात ने 16.450 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.90 डिग्री पूर्वी देशांतर के पास यनम के दक्षिण-पश्चिम में आंध्र प्रदेश और यनम के तटों को पार किया। यह स्थान नरसापुर से लगभग 20 किलोमीटर पूर्व-उत्तर पूर्व, यनम से 40 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम और काकीनाडा से 60 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में है।’’ तटीय जिलों के कई इलाकों में भारी बारिश हुई और कुछ स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण कई स्थानों पर भारी नुकसान हुआ है।
कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए, जिससे कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को प्रभावित जिलों में जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया कि चक्रवात के दौरान अलग-अलग घटनाओं में करंट लगने से दो लोगों की मौत हो गई, जिनमें 55 वर्षीय एक महिला शामिल है।
जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विशाखापत्तनम जिले में मंगलवार रात 53 वर्षीय एक व्यक्ति की उस समय करंट लगने से मौत हो गई, जब वह खेत में पानी की निकासी के लिए बनी नाली के ऊपर टूटकर गिरे बिजली के तार के संपर्क में आ गया। पुलिस ने बताया कि दूसरी घटना बुधवार सुबह अनकापल्ली जिले के येल्लमंचिली शहर में हुई, जहां 55 वर्षीय एक महिला की उस समय करंट लगने से मौत हो गई, जब घर के बाहर पड़े बिजली के खुले तार पर गलती से उसका पैर पड़ गया। मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार सुबह स्थिति की समीक्षा की और अधिकारियों को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिलाधिकारियों समेत 32,000 कर्मचारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के दौरान अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए कि चक्रवात से संपत्ति को कम से कम नुकसान हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गिरे हुए पेड़ों के कारण अवरुद्ध हुई सड़कों को दो घंटे के भीतर साफ करें और राष्ट्रीय राजमार्गों पर यातायात बाधित कर रहे पेड़ों को तत्काल हटाएं। उन्होंने तेज हवाएं थमने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने के भी निर्देश दिए।
नायडू ने चक्रवात राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, पेयजल और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खेतों में पानी भरने से रोकने, बागवानी फसलों की सुरक्षा करने और तालाबों तथा नहरों के तटबंध टूटने से रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फसलों के नुकसान का प्रारंभिक आकलन तैयार करने और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) एवं राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) के कर्मियों को किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखने को कहा।
काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) जी. बिंदु माधव ने कहा कि चक्रवात से जिला काफी प्रभावित हुआ है। माधव ने कहा, ‘‘चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण जिले में कई पेड़ और बिजली के करीब 100 खंभे उखड़ गए। हालांकि, किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है और देर रात एक बजे के बाद बारिश कम हो गई।’’ उन्होंने बताया कि लोगों को एहतियात के तौर पर राहत शिविरों में पहुंचाया गया।
तेज हवाओं और तूफान के कारण लोग बुधवार तड़के एक बजे तक शिविरों में ही रहे। माधव ने बताया कि समुद्र तट के किनारे बनी उप्पाडा सड़क पूरी तरह बह गई है। जिले में अपेक्षाकृत कम बारिश हुई और मुख्य रूप से तेज हवाओं के कारण नुकसान हुआ।
अल्लूरी सीतारामराजू जिले के पुलिस अधीक्षक अमित बरदार ने बताया कि सुबह नौ बजे तक जिले पर चक्रवात का सीमित असर पड़ा था। बरदार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अब तक किसी की जान जाने या बुनियादी ढांचे, मकानों अथवा मवेशियों को बड़े नुकसान की खबर नहीं है। लगातार बारिश के कारण जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए हम स्थिति पर करीबी नजर रख रहे हैं।’’ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि अनंतगिरि मंडल के ताडीगुडा गांव में एक पुराना पुल बह गया, जिससे एक बस्ती का संपर्क अन्य इलाकों से कट गया।
उन्होंने कहा कि वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है और मरम्मत का काम जारी है। कोनासीमा जिले के पुलिस अधीक्षक राहुल मीणा ने बताया कि मंगलवार देर रात जिले में 130 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चली तेज हवाओं के कारण कई पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए। हालांकि, किसी की जान जाने या संपत्ति के नुकसान की खबर नहीं है।
उन्होंने बताया कि गिरे हुए पेड़ों और बिजली के खंभों के कारण सड़कें बंद हो गईं तथा बिजली आपूर्ति बाधित हुई। मीणा ने कहा कि अगले कुछ घंटों में बिजली आपूर्ति बहाल होने और दो से तीन घंटे के भीतर प्रमुख राजमार्गों पर यातायात सुचारू होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निचले इलाकों से 10,000 से अधिक लोगों को निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है।
करीब 495 चक्रवात राहत शिविर और अस्थायी राहत केंद्र स्थापित किए गए हैं। मीणा ने बताया कि मलबा हटाने और अन्य कार्यों के लिए आंध्र प्रदेश विशेष पुलिस (एपीएसपी) की अतिरिक्त टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। विभिन्न विभागों के कर्मचारी शाम तक सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
अनकापल्ली जिले के पुलिस अधीक्षक तुहिन सिन्हा ने बताया कि जिले में किसी बड़ी समस्या की खबर नहीं है। विशाखापत्तनम के जिलाधिकारी एम. अभिषिक्त किशोर ने बताया कि चक्रवात ‘अर्नब’ के कारण जिले में करीब 400 पेड़ गिर गए। सड़क एवं भवन विभाग (आरएंडबी) और ग्रेटर विशाखापत्तनम नगर निगम (जीवीएमसी) की टीमें सड़कों से गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम कर रही हैं।
उन्होंने बताया कि अधिकतर सड़कों पर यातायात बहाल कर दिया गया है, जबकि बाकी गिरे हुए पेड़ों को हटाने का काम जारी है। चक्रवात के बाद बिजली आपूर्ति बहाल करना और सड़कें साफ करना प्राथमिकता है। किशोर ने ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘फिलहाल करीब 100 परिवार दो राहत केंद्रों में रह रहे हैं, जबकि कुछ अन्य अपने घर लौट गए हैं।
जिले में कहीं भी पानी भरने की खबर नहीं है।’’ इस बीच, आईएमडी के अनुसार, मंगलवार सुबह साढ़े आठ बजे से बुधवार तड़के चार बजे के बीच अनकापल्ली, विजयनगरम और विशाखापत्तनम जिलों में कई स्थानों पर 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज की गई। अनकापल्ली के कन्नूरीपालेम में सबसे अधिक 261.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। विजयनगरम जिले के केवीबीआर स्कूल में 259.74 मिलीमीटर और विशाखापत्तनम के 16वीं पुलिस बटालियन क्षेत्र में 259.06 मिलीमीटर बारिश हुई।
राज्य सरकार के अधिकारियों के अनुसार, चक्रवात के प्रभाव से बुधवार और बृहस्पतिवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना है।
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