हरियाणा से अतिरिक्त पानी जारी करने पर दिल्ली सरकार की याचिका, 3 जून को होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

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अभिनय आकाश । Jun 1 2024 4:02PM

शीर्ष अदालत की वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की अवकाश पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी द्वारा दायर याचिका में केंद्र, भारतीय जनता (भाजपा) शासित हरियाणा और कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश को पक्ष बनाया गया है, जिसमें कहा गया है कि जीवित रहने के लिए पानी तक पहुंच आवश्यक है और यह बुनियादी मानवाधिकारों में से एक है।

सुप्रीम कोर्ट सोमवार (3 जून) को दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें हरियाणा से राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे जल संकट को कम करने के लिए हिमाचल प्रदेश द्वारा प्रदान किया गया अधिशेष पानी जारी करने की मांग की गई है। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया और तीव्र गर्मी के बीच एक महीने के लिए हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल से दिल्ली को अतिरिक्त पानी देने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव दायर किया। शीर्ष अदालत की वाद सूची के अनुसार, न्यायमूर्ति पी के मिश्रा और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की अवकाश पीठ इस मामले की सुनवाई कर सकती है। दिल्ली की जल मंत्री आतिशी द्वारा दायर याचिका में केंद्र, भारतीय जनता (भाजपा) शासित हरियाणा और कांग्रेस शासित हिमाचल प्रदेश को पक्ष बनाया गया है, जिसमें कहा गया है कि जीवित रहने के लिए पानी तक पहुंच आवश्यक है और यह बुनियादी मानवाधिकारों में से एक है।

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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राष्ट्रीय राजधानी में गंभीर जल संकट के बीच पड़ोसी राज्यों से सहायता प्रदान करने की अपील की। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अपनी सरकारों से राष्ट्रीय राजधानी को एक महीने के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए कहे और कहा कि यह राजनीति करने का समय नहीं है। इस बार पूरे देश में अभूतपूर्व गर्मी पड़ रही है जिसकी वजह से देश भर में पानी और बिजली का संकट हो गया है। पिछले वर्ष, दिल्ली में बिजली की पीक डिमांड 7438 MW थी। इसके मुक़ाबले इस साल पीक डिमांड 8302 MW तक पहुँच गयी है। पर इसके बावजूद दिल्ली में बिजली की स्थिति नियंत्रण में है, अन्य राज्यों की तरह पॉवर कट नहीं लग रहे।

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पर इतनी भीषण गर्मी में पानी की डिमांड बहुत बढ़ गयी है। और जो पानी दिल्ली को पड़ोसी राज्यों से मिलता था, उसमे भी कमी कर दी गयी है। यानी डिमांड बहुत बढ़ गयी और सप्लाई कम हो गयी। हम सबको मिलकर इसका निवारण करना है। मैं देख रहा हूँ कि बीजेपी के साथी हमारे ख़िलाफ़ धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। इस से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। मेरी सभी से हाथ जोड़ कर विनती है कि इस वक़्त राजनीति करने की बजाय, आइये मिलकर दिल्ली के लोगों को राहत दिलवायें। यदि बीजेपी हरियाणा और UP की अपनी सरकारों से बात करके एक महीने के लिए दिल्ली को कुछ पानी दिलवा दें तो दिल्ली वाले बीजेपी के इस कदम की खूब सराहना करेंगे। इतनी भीषण गर्मी किसी के हाथ की बात नहीं। लेकिन हम सब मिलकर काम करें तो लोगों को इस से राहत तो दिलवा सकते हैं?

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