Delhi में H1N1 के 138 नए मामले मिले, अस्पतालों में बनेंगे फ्लू कॉर्नर और आइसोलेशन वार्ड

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीते चौबीस घंटे के दौरान स्वाइन फ्लू के 138 नए मरीज मिलने के बाद इस वर्ष कुल मामलों का आंकड़ा 2446 तक पहुंच गया है। स्थिति की समीक्षा करते हुए स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने अस्पतालों को इमरजेंसी में वरिष्ठ डॉक्टरों की तैनाती और पर्याप्त दवाओं का भंडारण सुनिश्चित करने को कहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मरीजों में केवल सामान्य लक्षण दिख रहे हैं और नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है।
राष्ट्रीय राजधानी में बीते 24 घंटे में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) के 138 मामलों की पुष्टि हुई है और सरकार ने सभी अस्पतालों को ‘फ्लू कॉर्नर’ बनाने और आपातकालीन विभागों में वरिष्ठ रेजिडेंट चिकित्सकों को तैनात करने का निर्देश दिया। एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई है। बयान के मुताबिक, 138 और मामलों के सामने के बाद इस साल एच1एन1 के कुल मामलों की संख्या 2446 हो गई है जबकि दिल्ली में अब तक इन्फ्लूएंजा-ए के कुल 3177 मामले दर्ज किए हैं।
इसके मद्देनजर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने दिल्ली सरकार के विभिन्न अस्पतालों के चिकित्सा निदेशक (एमडी) और चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) के साथ एक ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मकसद एच1एन1, मौसमी इन्फ्लूएंजा और सांस से जुड़ी अन्य बीमारियों से निपटने की तैयारियों की समीक्षा करना था। बैठक में स्वास्थ्य सचिव, विशेष सचिव और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी अस्पतालों को निर्देश दिया गया कि वे कम से कम पांच पृथक बिस्तर तैयार रखें, जबकि बड़े अस्पतालों को इन्फ्लूएंजा और वेक्टर-जनित बीमारियों के मामलों के प्रबंधन के लिए 10 या उससे ज़्यादा पृथक बिस्तर सुनिश्चित करने को कहा गया है। बयान के अनुसार, अस्पतालों में आपातकालीन सेवाओं, जांच, दवाओं की उपलब्धता आदि को और अधिक मजबूत करने का भी निर्देश दिया गया। मंत्री ने अस्पतालों को यह भी निर्देश दिए कि वे आपातकालीन विभागों में समर्पित फ्लू कॉर्नर बनाएं और ड्यूटी के लिए वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर को तैनात करें।
उन्होंने कहा कि जिन संदिग्ध मरीज़ों में लक्षण दिखें, उनकी तुरंत जांच होनी चाहिए और जहां जरूरी हो, वहां स्वैब नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएं। बयान में कहा गया है कि बैठक में अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई और अस्पताल प्रशासन को जरूरी दवाओं की उपलब्धता पर नियमित रिपोर्ट देने और पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। इसके मुताबिक, अस्पतालों से कहा गया है कि वह जरूरत होने पर आवश्यक दवाओं की स्थानीय स्तर पर खरीद कर सकते हैं।
मंत्री ने ऐसे बैनर लगाने पर जोर दिया जिनमें इन्फ्लूएंजा के लक्षणों, सावधानियों और सही इलाज के लिए ज़रूरी व्यवहार के बारे में जानकारी हो। उन्होंने विशेष रूप से आपातकालीन विभागों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर ऐसी सामग्री प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को इन्फ्लुएंजा के लक्षणों, बचाव के उपायों और उचित समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के संबंध में जागरूक किया जा सके। उन्होंने कहा कि लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि अब तक अस्पतालों में आए अधिकतर मरीजों में हल्का बुखार और दूसरे अन्य सामान्य लक्षण पाए गए हैं और वे एक-दो दिन में ठीक हो गए हैं।
मंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इन्फ्लूएंजा के ट्रेंड और अस्पतालों की तैयारियों पर लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी जांच और इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं, इसलिए दिल्ली के नागरिकों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
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