भीड़ बढ़ी तो स्टेशन पर खुद उतरे Railway Minister Ashwini Vaishnaw, Diwali पर यात्रियों के लिए हजारों Special Trains चलाने के साथ ही किये गये तमाम इंतजाम

देखा जाये तो रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिवाली और छठ के दौरान लाखों यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है।
दिवाली का त्योहार करीब आते ही अपने घरों की ओर लौटने वाले यात्रियों की भारी भीड़ ने रेलवे स्टेशनों पर दबाव बढ़ा दिया है। राजधानी दिल्ली के नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद मोर्चे पर उतर आए। उन्होंने आज नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचकर यात्री सुविधाओं, भीड़ प्रबंधन और रेलवे की ओर से किए गए इंतजामों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रेलवे अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्योहार के दौरान किसी भी यात्री को परेशानी नहीं होनी चाहिए और भीड़ को नियंत्रित करने में कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
देखा जाये तो रेलवे के सामने सबसे बड़ी चुनौती दिवाली और छठ के दौरान लाखों यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने की है। खासकर बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पूर्वी भारत की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या सामान्य दिनों के मुकाबले काफी बढ़ जाती है। स्टेशन पर अचानक उमड़ने वाली भीड़ के कारण प्लेटफॉर्म, फुट ओवरब्रिज और प्रवेश-निकास द्वारों पर दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में रेलवे के लिए केवल अतिरिक्त ट्रेनें चलाना ही नहीं, बल्कि स्टेशन के भीतर यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना भी बड़ी चुनौती है।
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (अजमेरी गेट की तरफ) का दौरा किया और त्योहारों के मौसम के लिए की गई तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कहा, "नई दिल्ली स्टेशन पर रिजर्व्ड यात्रियों के लिए यह होल्डिंग एरिया बनाया है। यहां एक कॉमन एरिया बन गया है... दिल्ली में एक एवरेज 5 लाख यात्रियों का आवागमन होता है और इस समय पीक समय पर 8 लाख यात्रियों का आवागमन रहता है। 8 लाख यात्रियों के लिए अधिक स्पेशल ट्रेन और RPF की तैनाती की गई है... इस बार करीब 700 से अधिक कैमरा लगाए गए हैं..."
— ANI_HindiNews (@AHindinews) November 6, 2026
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हम आपको बता दें कि रेलवे ने इस बार त्योहारों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए कई स्तरों पर तैयारियां की हैं। सबसे महत्वपूर्ण इंतजाम नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म नंबर 16 के अजमेरी गेट की ओर बनाया गया स्थायी यात्री होल्डिंग एरिया है। यहां एक समय में करीब 20 हजार यात्रियों के ठहरने की क्षमता है। टिकट काउंटर, शौचालय, पेयजल, बेहतर वेंटिलेशन और सुरक्षा जांच जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इसका मकसद यात्रियों को सीधे प्लेटफॉर्म पर जमा होने से रोकना और ट्रेनों के आगमन के अनुसार उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुंचाना है।
साथ ही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरक्षित और अनारक्षित टिकट वाले यात्रियों के प्रवेश के रास्ते अलग किए गए हैं। नई दिल्ली स्टेशन पर गेट नंबर 8 और 11 से स्लीपर तथा एसी श्रेणी के आरक्षित टिकट वाले यात्री प्रवेश करेंगे, जबकि सामान्य श्रेणी के यात्रियों के लिए गेट नंबर 12 निर्धारित किया गया है। यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए वन-वे मूवमेंट व्यवस्था भी लागू की गई है।
इसके अलावा नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट पर 3 से 14 नवंबर तक प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद रखी गई है। बुजुर्गों, बीमारों, दिव्यांगों और जरूरतमंद महिला यात्रियों की सहायता के लिए छूट का प्रावधान भी रखा गया है। भीड़ के दबाव को कम करने के लिए पार्सल बुकिंग और लोडिंग-अनलोडिंग पर भी अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए हैं।
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रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही बता चुके हैं कि इस साल दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान करीब 18 हजार विशेष ट्रेनें चलाई जा रही हैं, जबकि पिछले साल यह संख्या लगभग 12 हजार थी। इसके साथ ही रेलवे सुरक्षा बल के अतिरिक्त जवानों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और यात्री सहायता व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
हम आपको याद दिला दें कि पिछले साल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मची भगदड़ में 18 लोगों की जान चली गई थी। उस हादसे ने रेलवे की भीड़ प्रबंधन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। ऐसे में इस बार रेलवे के सामने सिर्फ यात्रियों को उनके घर तक पहुंचाने की चुनौती नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि त्योहार की खुशियां किसी हादसे की भेंट न चढ़ें। देखा जाये तो रेल मंत्री का स्टेशन पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लेना इसी चुनौती की गंभीरता को दर्शाता है। अब असली परीक्षा रेलवे के इंतजामों की जमीनी सफलता की होगी। यात्रियों को सुविधाएं देने के साथ-साथ भीड़ को नियंत्रित रखना और हर यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित करना रेलवे की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।
हम आपको यह भी बता दें कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन (अजमेरी गेट की तरफ) का दौरा करने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा, "नई दिल्ली स्टेशन पर रिजर्व्ड यात्रियों के लिए यह होल्डिंग एरिया बनाया है। यहां एक कॉमन एरिया बन गया है, दिल्ली में एक एवरेज 5 लाख यात्रियों का आवागमन होता है और इस समय पीक समय पर 8 लाख यात्रियों का आवागमन रहता है। 8 लाख यात्रियों के लिए अधिक स्पेशल ट्रेन और RPF की तैनाती की गई है, इस बार करीब 700 से अधिक कैमरा लगाए गए हैं।"
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