I-PAC दफ्तर पर ED की रेड, बीजेपी का ममता पर सीधा हमला- 'सबूत मिटाने पहुंची थीं CM'

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में पार्टी ने दावा किया कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री का जांच स्थल पर जाकर पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क सुरक्षित करना, नुकसान को कम करने की कोशिश नहीं है, बल्कि यह आपत्तिजनक सबूतों को छिपाने का प्रयास दर्शाता है। भाजपा ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में छिपाने जैसा कुछ नहीं है, तो एक मुख्यमंत्री आधिकारिक जांच स्थल से फाइलें सुरक्षित करने के लिए क्यों भागदौड़ करेगी?" भाजपा ने जोर देकर कहा कि सच्चाई अंततः सामने आएगी और बंगाल भाजपा को वोट देगा।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला। यह हमला राजनीतिक परामर्श फर्म आई-पैक के कोलकाता स्थित कार्यालय में उनके दौरे के बाद किया गया, जिस पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कथित फर्जी सरकारी नौकरी घोटाले के सिलसिले में छापा मारा था। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में पार्टी ने दावा किया कि एक मौजूदा मुख्यमंत्री का जांच स्थल पर जाकर पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क सुरक्षित करना, नुकसान को कम करने की कोशिश नहीं है, बल्कि यह आपत्तिजनक सबूतों को छिपाने का प्रयास दर्शाता है। भाजपा ने कहा कि अगर पश्चिम बंगाल में छिपाने जैसा कुछ नहीं है, तो एक मुख्यमंत्री आधिकारिक जांच स्थल से फाइलें सुरक्षित करने के लिए क्यों भागदौड़ करेगी?" भाजपा ने जोर देकर कहा कि सच्चाई अंततः सामने आएगी और बंगाल भाजपा को वोट देगा।
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भाजपा की ये टिप्पणी ईडी द्वारा आई-पीएसी कार्यालय समेत कई स्थानों पर की गई तलाशी के बाद पैदा हुए नाटकीय राजनीतिक टकराव के बीच आई है। ईडी ने फर्जी सरकारी नौकरियों के एक संगठित गिरोह की देशव्यापी जांच के तहत तलाशी ली थी, जिस पर आरोप है कि उसने फर्जी नियुक्तियों के जरिए उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों में ठगा था।
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ममता बनर्जी ने सार्वजनिक सड़क पर स्थित आई-पीएसी कार्यालय का दौरा किया और केंद्रीय एजेंसी पर पार्टी से संबंधित डेटा, लैपटॉप, मोबाइल फोन और रणनीतिक दस्तावेजों को गैरकानूनी रूप से जब्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि फोरेंसिक विशेषज्ञों ने छापेमारी के दौरान डेटा स्थानांतरित किया, इसे "अपराध" करार दिया और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करने की चुनौती दी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आई-पीएसी कोई निजी संगठन नहीं बल्कि अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (एआईटीसी) की अधिकृत टीम है। उन्होंने दावा किया कि ईडी ने मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) से संबंधित डेटा सहित पार्टी के संवेदनशील दस्तावेजों को जब्त कर लिया, जबकि टीएमसी एक पंजीकृत राजनीतिक दल है जो नियमित रूप से आयकर विवरण प्रस्तुत करता है।
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