NEET-CBSE विवाद: Kejriwal बोले, 'अक्षम' Pradhan को PM Modi तुरंत बर्खास्त करें

केजरीवाल ने सीबीएसई मूल्यांकन में अनियमितताओं और नीट विवाद के कारण शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अक्षम व निकम्मा बताते हुए तत्काल बर्खास्तगी की मांग की है। उन्होंने कहा कि लाखों बच्चों का भविष्य दांव पर है और उन्हें मानसिक प्रताड़ना नहीं दी जा सकती। यह मांग शिक्षा मंत्रालय की तकनीकी चुनौतियों के समाधान प्रयासों के बीच आई है।
आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अक्षम और निकम्मा करार देते हुए सोमवार को कहा कि केंद्रीय मंत्री की वजह से देश भर के लाखों बच्चों को मानसिक प्रताड़ना नहीं दी जा सकती। केजरीवाल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की मूल्यांकन प्रणाली में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग की। केजरीवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर हिंदी में जारी एक वीडियो संदेश में कहा, सीबीएसई मूल्यांकन में भारी अनियमितताओं ने लाखों बच्चों के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। इसके बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए। उन्होंने कहा, पहले नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) और अब सीबीएसई।
प्रधान एक दिन भी शिक्षा मंत्री के पद पर रहने के योग्य नहीं हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि कक्षा 10वीं और 12वीं के कई छात्र भारी तनाव में हैं और उनके माता-पिता भी काफी परेशान हैं। उन्होंने कहा, बच्चों ने पुनर्मूल्यांकन की मांग की है। पुनर्मूल्यांकन शुल्क कम किया जाना चाहिए ताकि यह प्रक्रिया हाथ से (मैनुअल) और त्वरित हो सके तथा छात्र समय पर कॉलेज में प्रवेश सुनिश्चित कर सकें।
अपने एक मित्र का उदाहरण देते हुए केजरीवाल ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि ऑनलाइन पोर्टल ठीक से काम नहीं कर रहा है और स्कैनिंग फीचर्स पूरी तरह से धुंधले दिख रहे हैं। उन्होंने कहा, एक अक्षम और निकम्मे शिक्षा मंत्री की वजह से हमारे देश के बच्चों को मानसिक आघात नहीं पहंचाया जा सकता। मोदी जी कम से कम इतना तो कर ही सकते हैं कि शिक्षा मंत्री को तुरंत उनके पद से हटा दें। शिक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा था कि सीबीएसई अपने परिणाम-पश्चात सेवा पोर्टल में तकनीकी चुनौतियों के समाधान के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), मद्रास और आईआईटी-कानपुर के विशेषज्ञों की मदद लेगा।
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