International Chess Day 2026: भारत का 'चतुरंग' कैसे बना आधुनिक Chess? जानिए इस खेल का दिलचस्प History और महत्व

International Chess Day 2026
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हर साल 20 जुलाई को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल चेस डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मकसद लोगों को शतरंज खेलने के लिए प्रेरित करना है और इस खेल के महत्व के बारे में बताना है।

हर साल 20 जुलाई को पूरी दुनिया में इंटरनेशनल चेस डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाए जाने का मकसद लोगों को शतरंज खेलने के लिए प्रेरित करना है और इस खेल के महत्व के बारे में बताना है। वर्तमान समय में दुनिया के 190 से ज्यादा देशों में चेस खेला जाता है। तो आइए जानते हैं इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम आदि के बारे में...

इतिहास

इतिहासकारों के मुताबिक छठी शताब्दी में भारत में शतरंज की शुरूआत हुई थी। उस दौरान इस खेल को 'चतुरंग' कहा जाता था। इसमें चार तरह की सेना होती थी। सैनिक यानी प्यादे, घुड़सवार यानी घोड़े, हाथी और रथ, उस समय की भारतीय सेना का प्रतीक माना जाता है। 

यह खेल भारत से ईरान पहुंचा, जहां पर इसका नाम 'शतरंज' पड़ा। फिर यह खेल अरब देशों के रास्ते यूरोप पहुंचा। वहीं 15वीं शताब्दी के आखिर में यूरोप में इस खेल के नियमों में कई बड़े बदलाव हुए। आज के समय में जो शतरंज खेला जाता है, उसको आधुनिक शतरंज कहा जाता है। इसके नियम FIDE के अनुसार लागू होते हैं। वहीं FIDE की स्थापना 20 जुलाई 1924 को हुई थी। इसी की याद में हर साल 20 जुलाई को यह दिन मनाया जाता है।

शतरंज खेलने के फायदे

बता दें कि शतरंज खेलने से दिमाग तेज होता है और याददाश्त मजबूत होती है। इससे ध्यान लगाने की क्षमता बढ़ती है। वहीं इस खेल को खेलने से सही समय पर सही फैसला लेने की आदत बनती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी लोग इस खेल को खेल सकते हैं। पढ़ाई करने वाले बच्चों के लिए भी शतरंज काफी फायदेमंद माना जाता है।

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