समंदर में दुश्मन होगा खंड-खंड, पनडुब्बी INS खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल

समंदर में दुश्मन होगा खंड-खंड, पनडुब्बी INS खंडेरी नौसेना के बेड़े में शामिल

अत्याधुनिक तकनीक और फीचरों से लैस आईएनएस खंडेरी चीन, पाकिस्तान या अन्य किसी भी देश के रडार की पकड़ में नहीं आएगी। इस पनडुब्बी के शामिल होने से नौसेना को साइलेंट किलर की ताकत मिली है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह नौसेना के लिए तीन परियोजनाओं का शुभारंभ करने मुंबई पहुंचे, जहां उन्होंने स्कॉर्पियन क्लास की पनडुब्बी आईएनएस खंडेरी को हरी झंडी दिखाए जाने के बाद भारतीय नौसेना में शामिल किया गया।  अत्याधुनिक तकनीक और फीचरों से लैस आईएनएस खंडेरी चीन, पाकिस्तान या अन्य किसी भी देश के रडार की पकड़ में नहीं आएगी। इस पनडुब्बी के शामिल होने से नौसेना को साइलेंट किलर की ताकत मिली है। 

INS खंडेरी से जुड़ी 5 बड़ी बातें 

  • आईएनएस खंडेरी भारत की दूसरी स्कार्पियन-वर्ग की मारक पनडुब्बी है, जिसे पी-17 शिवालिक वर्ग के युद्धपोत के साथ नौसेना में शामिल किया गया। 
  • आईएनएस खंडेरी में 40 से 45 दिनों तक सफर करने की क्षमता है।
  • यह स्टेल्थ और एयर इंडिपेंडेंट प्रॉपल्शन जैसे कई तरह की तकनीकों और अत्याधुनिक फीचरों से लैस है जिससे इसका पता लगाना दुश्मनों के लिए आसान नहीं होगा। 
  • युद्ध की स्थिति में यह पनडुब्बी हर तरह की अड़चनों से सुरक्षित और बड़ी आसानी से दुश्मनों को चकमा देकर बाहर निकल सकती है।
  • आईएनएस खंडेरी में तट पर रह कर करीब 300 किलोमीटर दूर स्थित दुश्मन के जहाज को नष्ट करने की क्षमता है।





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