किसानों के रेल रोको अभियान का दिखा असर, 50 ट्रेनों की आवाजाही बाधित, ट्रैक पर बैठ गए किसान

किसानों के रेल रोको अभियान का दिखा असर, 50 ट्रेनों की आवाजाही बाधित, ट्रैक पर बैठ गए किसान

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये अलग-अलग जिलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है ​कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है। अधिकारी ने बताया कि उत्तर रेलवे मंडल पर प्रदर्शन का असर पड़ा उनमें चंडीगढ़-फिरोजपुर एक्सप्रेस शामिल है।

नयी दिल्ली। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा के सिलसिले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने सोमवार को रेल रोको अभियान का आह्वान किया। जिसकी वजह से उत्तर रेलवे मंडल में 130 स्थानों पर असर पड़ा और 50 ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। किसानों के रेल रोको अभियान को देखते हुए सोनीपत जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। 

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सरकार ने नहीं की कोई बात

वहीं भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि ये अलग-अलग जिलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है ​कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। भारत सरकार ने अभी हमसे कोई बात नहीं की है।

एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर रेलवे मंडल पर जिन ट्रेनों पर प्रदर्शन का असर पड़ा, उनमें चंडीगढ़-फिरोजपुर एक्सप्रेस शामिल है। लुधियाना से ट्रेन सुबह सात बजे रवाना होने वाली थी लेकिन फिरोजपुर-लुधियाना प्रखंड में अवरोध के कारण फंसी रही। नयी दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस शम्बू स्टेशन के पास रोक दी गई क्योंकि प्रदर्शनकारियों ने साहनेवाल और राजपुरा के समीप रेल की पटरियां अवरुद्ध कर दी थीं।

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आपको बता दें कि पंजाब और हरियाणा में कई जगह पर किसान रेलवे ट्रैक पर जाकर बैठ गए। जिसकी तस्वीरें सामने आ रही हैं। समाचार एजेंसी एएनआई ने पंजाब के लुधियाना, अमृतसर के देवीदास पुरा गांव, हरियाणा के बहादुरगढ़, मोदी नगर, सोनीपत इत्यादि स्थानों के रेलवे ट्रैक पर किसान धरने पर बैठे हुए हैं।

संयुक्त किसान मोर्चा ने अपने घटक दलों से 18 अक्टूबर को सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक 6 घंटे के लिए रेल रोकने का आह्वान किया है। जिसका असर दिखाई दे रहा है।





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