फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर में आतंकवाद समाप्त होने की उम्मीद जताई

Kashmir
नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है। अब्दुल्ला ने शुक्रवार को गांदेरबल जिले के पर्यटक स्थल सोनमर्ग में ‘सुरक्षा और ऊर्जा’ पर दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन के दौरान कहा,‘‘ आतंकवाद शीघ्र समाप्त हो जाएगा।

श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कश्मीर घाटी में आतंकवाद जल्द समाप्त होने की उम्मीद जताई है। अब्दुल्ला ने शुक्रवार को गांदेरबल जिले के पर्यटक स्थल सोनमर्ग में ‘सुरक्षा और ऊर्जा’ पर दो दिवसीय कार्यक्रम के समापन के दौरान कहा,‘‘ आतंकवाद शीघ्र समाप्त हो जाएगा। भरोसा रखिए। हमें बचे रहना है और हमें देश को बचाए रखना है।’’ आतंकवाद के कारण जम्मू कश्मीर आने में लोगों में भय के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा,‘‘यमराज तो हर कहीं है।’’ उन्होंने कहा,‘‘ यद्यपि जम्मू कश्मीर ‘धरती पर स्वर्ग’ है, तब भी लोग इस क्षेत्र की यात्रा करने से डरते हैं।

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हिंसा और आतंकवाद के कारण उन्हें इस बात का इत्मिनान नहीं है कि वे घर जिंदा वापस लौट भी पाएंगे अथवा नहीं। लेकिन मैं खुश हूं कि आप (आगंतुक) आए, आप ने यहां आने का निश्चय किया। जब आप वापस जाएं तो आपने जो देखा उसे अपने मित्रों को बताएं।’’ श्रीनगर लोकसभा सीट से सांसद अब्दुल्ला ने कहा कि वह एक नया भारत देखना चाहते हैं, ऐसा भारत जो सभी के लिए हो। उन्होंने कहा, ‘‘भगवान न तो मंदिर में हैं और न ही मस्जिद में। भगवान, अल्लाह हम सबमें हैं। यह हम सब की हार्दिक इच्छा है कि हम साथ रहें और साथ में तरक्की करें।

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हमने ऐसा देश बनाया है जो सबके साथ खड़ा है।’’ नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने कहा कि कोविड-19 ने अमेरिका जैसे देशों को तबाह कर दिया लेकिन भारत गरीबी के बावजूद इससे अच्छे से निपटा। उन्होंने कहा,‘‘ हमारे वैज्ञानिक और चिकित्सा समुदाय ने देश को गौरवान्वित किया।’’ अब्दुल्ला ने कहा कि सोनमर्ग जैसी जगहों पर सुरंगों के निर्माण से लोगों के लिए सर्दियों में भी ऐसे क्षेत्रों की यात्रा करने का मार्ग प्रशस्त होगा और शीतकालीन खेलों के लिए मार्ग खुलेगा।

उन्होंने कहा,‘‘ हम जम्मू कश्मीर में कुछ अहम सुरंगों का निर्माण कर रहे हैं। इसका एक हिस्सा इन सर्दियों में खुलने जा रहा है। यह लोगों के लिए सर्दियों में भी इस क्षेत्र की यात्रा करने का मार्ग प्रशस्त करेगा, जो अब तक मुश्किल था। ये सुरंगें शीतकालीन खेलों के लिए भी अवसर पैदा करेंगी। इससे हमें ओलंपिक में अपने पदकों की संख्या में सुधार करने में मदद मिल सकती है। कई छोटे देश हमसे ज्यादा पदक जीतते हैं। हमें सुरंगों की जरूरत है। ये न सिर्फ सर्दियों में यात्रा सभंव करने के लिए महत्वपूर्ण हैं, बल्कि हमारी सेना के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।

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