‘हनी ट्रैप’ मामले में HC में याचिका दायर, CBI को जांच सौंपे जाने की गुहार लगाई गई

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  सितंबर 23, 2019   17:45
‘हनी ट्रैप’ मामले में HC में याचिका दायर, CBI को जांच सौंपे जाने की गुहार लगाई गई

दलाल ने बताया कि याचिका में यह गुहार भी की गयी है कि मोहपाश गिरोह के जाल में फंसने वाले इंदौर नगर निगम के एक आला अफसर पर भ्रष्टाचार तथा दुष्कर्म के आरोपों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाये। इसके साथ ही, उसके कथित पेशेवर दुराचरण के कारण उसे पद से निलंबित किया जाये।

इंदौर। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में सोमवार को एक जनहित याचिका दायर कर हाल ही में सामने आये हनी ट्रैप (मोहपाश) मामले को जांच के लिये सीबीआई को सौंपे जाने की गुहार लगाई गई है।याचिका में आशंका जतायी गयी है कि सूबे के राजनेताओं के दखल से इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण की जारी पुलिस जांच पर असर पड़ सकता है।स्थानीय नागरिक दिग्विजय सिंह भंडारी (38) ने उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ में यह याचिका दायर की। याचिकाकर्ता के वकील मनोहर दलाल ने संवाददाताओं से कहा,  हमें संदेह है कि मध्य प्रदेश पुलिस हनी ट्रैप मामले के राज छिपा रही है, ताकि प्रभावशाली लोगों को बचाया जा सके। इसलिये व्यापक जनहित में जरूरी है कि इस मामले की जांच पुलिस से लेकर केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी जाये, ताकि इसकी जांच राज्य के राजनेताओं के दखल से दूर रह सके।

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दलाल ने बताया कि याचिका में यह गुहार भी की गयी है कि मोहपाश गिरोह के जाल में फंसने वाले इंदौर नगर निगम के एक आला अफसर पर भ्रष्टाचार तथा दुष्कर्म के आरोपों में आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाये। इसके साथ ही, उसके कथित पेशेवर दुराचरण के कारण उसे पद से निलंबित किया जाये।  उन्होंने बताया कि मोहपाश मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की तारीख फिलहाल तय नहीं की गयी है। हालांकि, इस पर जल्द सुनवाई की उम्मीद है। गौरतलब है कि पुलिस ने इंदौर नगर निगम के अधीक्षण इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर बृहस्पतिवार को हनी ट्रैप गिरोह का खुलासा किया था।

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गिरोह की पांच महिलाओं समेत छह सदस्यों को भोपाल और इंदौर से गिरफ्तार किया गया था। नगर निगम अधिकारी ने पुलिस को बताया कि गिरोह ने उनके कुछ आपत्तिजनक वीडियो क्लिप वायरल करने की धमकी देकर उनसे तीन करोड़ रुपये की मांग की थी। ये क्लिप खुफिया तरीके से तैयार किये गये थे।उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक गिरोह पर संदेह है कि वह राजनेताओं और नौकरशाहों समेत कई प्रभावशाली लोगों को अपने जाल में फंसा चुका है। इस बारे में विस्तृत जांच जारी है। 





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