Jammu Kashmir Assembly में राज्य के दर्जे पर भारी हंगामा, चार MLA सदन से निष्कासित

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव पर भारी हंगामे और नारेबाजी के बाद चार विधायकों को बाहर कर दिया गया। स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सदन की कार्यवाही बाधित करने पर भाजपा और कांग्रेस के दो-दो सदस्यों के खिलाफ यह सख्त कदम उठाया।
जम्मू कश्मीर विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए पेश किए गए प्रस्ताव के विरोध में सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्यों के हंगामे के बाद चार विधायकों को सदन से बाहर निकाल दिया गया। विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने सदन की कार्यवाही जारी रखी, जबकि भाजपा विधायकों ने सदन के बीचोंबीच समानांतर कार्यवाही चलानी शुरू कर दी। उन्हें चेतावनी दी गई थी कि सदन की कार्यवाही बाधित करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हंगामे के बीच विपक्ष के नेता सुनील शर्मा ने नारा लगाया, ‘‘धोखेबाज मुख्यमंत्री, कुर्सी छोड़ो, कुर्सी छोड़ो।’’ नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के सदस्यों ने इस पर प्रतिक्रिया दी, जिसके बाद विपक्ष और सत्तापक्ष के विधायकों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कांग्रेस ने भी केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ ‘‘वोट चोर, गद्दी छोड़’’ समेत कई नारे लगाए। कांग्रेस विधायक इरफान लोन ने ‘‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’’ लिखा बैनर पकड़ा हुआ था।
हंगामा जारी रहने के बीच उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि अध्यक्ष को मुख्यमंत्री के खिलाफ ‘‘असंसदीय भाषा’’ का इस्तेमाल करने के लिए विपक्ष के नेता को माफी मांगने का निर्देश देना चाहिए। इसके बाद भी भाजपा विधायकों ने अपना विरोध जारी रखा और माइक्रोफोन के स्टैंड से कांग्रेस विधायकों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, विधानसभा के मार्शलों ने उन्हें काबू में कर लिया।
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा और अरविंद गुप्ता के साथ कांग्रेस विधायक इरफान लोन और इफ्तिखार अहमद को सदन से बाहर कर दिया गया। नेकां के सदस्यों ने भाजपा के आचरण के खिलाफ विरोध जताया। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जनता ने सदस्यों को सदन में नारेबाजी करने के लिए नहीं चुना है।
उन्होंने भाजपा सदस्यों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी।
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