गोवा सरकार ने टीसीपी कानून में संशोधन को पर्यटन क्षेत्र के संवर्धन के लिए जरूरी बताया

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रिवोल्शुनरी गोवंश पार्टी (आरजीपी) ने गोवा भूमि विकास एवं भवन निर्माण (संशोधन) विनियमन 2022 अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के विरोध में प्रदर्शन किया और नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) मंत्री विश्वजीत राणे पर स्थानीय लोगों को विश्वास में लिये बिना ही इस कानून में संशोधन का एकतरफा निर्णय लेने का आरोप लगाया।

गोवा में भूमि विकास एवं निर्माण से संबंधित कानून में प्रस्तावित संशोधनों पर उठायी जा रही आपत्तियों के बीच सरकार ने कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए मेरूदंड की भांति काम करने वाले पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए इस कानून में बदलाव करना जरूरी है। रिवोल्शुनरी गोवंश पार्टी (आरजीपी) ने गोवा भूमि विकास एवं भवन निर्माण (संशोधन) विनियमन 2022 अधिनियम में प्रस्तावित संशोधन के विरोध में प्रदर्शन किया और नगर एवं ग्राम नियोजन (टीसीपी) मंत्री विश्वजीत राणे पर स्थानीय लोगों को विश्वास में लिये बिना ही इस कानून में संशोधन का एकतरफा निर्णय लेने का आरोप लगाया।

आरजीपी प्रमुख मनोज परब ने कहा कि अनियंत्रित रीयल एस्टेट (भवन निर्माण) विकास से राज्य के संसाधनों पर दबाव पड़ेगा। प्रस्तावित संसोधन के तहत सरकार ने तीन सितारा होटलों को तल क्षेत्र अनुपात बढ़ाने का फैसला किया है, जिससे इन होटलों को उर्ध्वाधर एवं क्षैतिज ढंग से अपनी निर्मित जगह बढ़ाने में मदद मिलेगी। इससे होटल उपलब्ध जमीन पर अधिक कमरे बना पायेंगे तथा अधिक सुविधाएं दे पायेंगे। आरजीपी के प्रदर्शन का जिक्र करते हुए राणे ने याद दिलाया कि सालों पहले ऐसा ही आंदोलन पंचसितारा होटलों के विरुद्ध हुआ था।

सिलसिलेवार ट्वीट तथा फेसबुक पर एक पोस्ट में राणे ने कहा,‘‘ प्रगतिशील शासन के साथ विकासशील देश होने के नाते हमें जागरूक एवं व्यावहारिक बनना होगा क्योंकि पीछे छूट जाने से आर्थिक विकास एवं तरक्की कुंद पड़ जाएगी।’’ मंत्री ने कहा कि पर्यटन राज्य की अर्थव्यवस्था की मुख्य ताकत है और इस उद्योग की परियोजनाओं को रियायत और बढ़ावा दिया ही जाना चाहिए।

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