बिजली संकट पर अखिलेश यादव ने 'योगी' को घेरा, बोले- सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 30, 2022   12:45
बिजली संकट पर अखिलेश यादव ने 'योगी' को घेरा, बोले- सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है
ani

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का नाम लिए बिना बिजली संकट का मसला उठाते हुए कहा कि सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है।

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री का नाम लिए बिना बिजली संकट का मसला उठाते हुए कहा कि सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है। समाजवादी पार्टी के प्रमुख ने शनिवार को ऊर्जा मंत्री एके शर्मा द्वारा कुछ विद्युत उत्पादन इकाइयों के तकनीकी कारणों से बंद किये जाने की सूचना ट्विटर पर दिये जाने का अंश संलग्न करते हुए एक ट्वीट किया है।

इसे भी पढ़ें: आज पुणे से औरंगाबाद तक मार्च, कल होगी भव्य रैली, इन 16 शर्तों के साथ राज ठाकरे को मिली सभा की इजाजत

इस ट्वीट में उन्होंने कहा, सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है। शर्मा ने एक दिन पहले ट्वीट किया था कि यूपी की कुछ विद्युत उत्पादन इकाइयां तकनीकी कारणों से कई सप्ताह से बंद हैं, जिनमें हरदुआगंज-660 मेगावाट, मेजा-660 मेगावाट और बारा-660 मेगावाट शामिल हैं।

इसे भी पढ़ें: साल 2010 से शुरू हुआ भाजपा की नेता मीनाक्षी लेखी का राजनीतिक करियर, सुप्रीम कोर्ट की वकील भी हैं

इसके बाद सपा प्रमुख ने तंज करते हुए कहा कि सरकार समस्या का कारण बताने के लिए नहीं, निवारण के लिए होती है। शुक्रवार को भी अखिलेश यादव ने बिजली संकट को लेकर एक बयान में सत्तारुढ भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भीषण गर्मी के बीच अघोषित बिजली कटौती से प्रदेश की जनता झुलस रही है। यादव ने कहा कि पूर्वांचल से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैं और गर्मी बढ़ने के साथ बिजली संकट गहराता जा रहा है।





Disclaimer:प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।