हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की कार्यकारिणी ने मुख्यमंत्री से भेंट की

Jai Ram Thakur
प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार खरीदे गए सेब की शिमला जिले के अण्टी और सोलन जिला के परवाणु में नियमानुसार नीलामी की जा रही है। नीलामी समितियों में हिमफैड के अधिकारियों के अतिरिक्त बागवानी विभाग तथा विपणन बोर्ड के अधिकारी शामिल किए गए हैं।

 शिमला    हिमाचल प्रदेश सचिवालय सेवाएं कर्मचारी संगठन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने अध्यक्ष भूपिन्द्र सिंह के नेतृत्व में आज यहां मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर से भेंट की। यह एक शिष्टाचार भेंट थी।

 

 

राज्य सहकारी विपणन व उपभोक्ता संघ सेब खरीद में अपना रहा पारदर्शिता

हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन व उपभोक्ता संघ के एक प्रवक्ता ने आज यहां कहा कि सरकार द्वारा वर्ष 2020 में मण्डी मध्यस्थता योजना के अंतर्गत सी-ग्रेड सेब की खरीद के लिए 125 खरीद केन्द्रों पर 9.50 रुपये प्रति किलोग्राम सेब की खरीद की जा रही है।

प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित मानदंडों के अनुसार खरीदे गए सेब की शिमला जिले के अण्टी और सोलन जिला के परवाणु में नियमानुसार नीलामी की जा रही है। नीलामी समितियों में हिमफैड के अधिकारियों के अतिरिक्त बागवानी विभाग तथा विपणन बोर्ड के अधिकारी शामिल किए गए हैं।

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प्रवक्ता ने कहा कि नीलामी प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी व वित्तीय नियमों के अन्तर्गत क्रियान्वित की जा रही है, जिसके लिए उड़नदस्तों तथा निरीक्षण दलों का गठन भी किया गया है।

उन्होंने कहा कि सेब फसल की अधिक उत्पादकता हुई है लेकिन साथ ही ओलावृष्टि से वर्ष 2019-20 के अपेक्षा इस वर्ष अपेक्षाकृत सात गुणा फसल खराब हुई है।

उन्होंने कहा कि संघ द्वारा वर्ष 2020 में 20 जुलाई 2020 से 24 अगस्त 2020 तक 17914 सेब की बोरियां खरीदी गई थीं जबकि इस वर्ष इसी अवधि के दौरान 124000 सेब की बोरियां खरीदी गईं हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि सेब की खराब हालत के दृष्टिगत अधिक समय तक इसका भंडारण नहीं किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त कोविड महामारी के कारण दूसरे राज्यों से व्यापारी विक्रय केन्द्रों पर कम संख्या में पहुंच रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न मंडियों में ए व बी ग्रेड का सेब भी कम दरों पर बेचा जा रहा है। इसके बावजूद हिमफैड यह सुनिश्चित कर रहा है कि सेब के क्रय-विक्रय में पूर्णतः पारदर्शिता अपनाई जाए।

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भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के चौधरी राकेश टिकैत शनिवार को शिमला में सेब के गिरते दामों पर सरकार को घेरेंगे। दोपहर बारह बजे टिकैत प्रेस क्लब शिमला में पत्रकार वार्ता करेंगे। टिकैत का शनिवार को होने वाला दौरा प्रदेश का तीसरा दौरा है। इससे पहले भी बागवानों से लूट के मामलों को टिकैत जोरदार तरीके से उठा चुके हैं।

 

टिकैत के इस दौरे से दिल्ली में जारी किसान आंदोलन को हिमाचल के सेब बागवानों का समर्थन मिल सकता है। शनिवार सुबह राकेश टिकैत सोलन फल मंडी का सुबह दस बजे निरीक्षण करेंगे। इस दौरान स्थानीय किसानों के साथ बैठक होगी। दोपहर बारह बजे टिकैत शिमला में प्रेस वार्ता करेंगे। हिमाचल में गिरते सेब के दामों को लेकर टिकैत प्रेस वार्ता करेंगे।

 

अप्रैल में एक वीडियो जारी कर भी राकेश टिकैत ने सेब बागवानों की समस्याओं को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया था। उस समय सेब की फ्लावरिंग और सेटिंग के समय हुए नुकसान को उठाया गया था। इस वीडियो के जारी होने के बाद हरकत में आई सरकार ने कई कदम उठाए थे। अब प्रदेश में सेब के दाम एकाएक गिरने से प्रभावित हो रहे बागवानों के हक में दोबारा से राकेश टिकैत आवाज बुलंद करेंगे।

बता दें मंडियों में सेब के दाम गिरने और आढ़तियों की मनमानी को लेकर अमर उजाला में खबरें प्रकाशित होने के बाद गुरुवार को अधिकारियों की बैठक लेने के दूसरे दिन शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज व्यवस्थाओं का जायजा लेने मैदान में उतरे। भारद्वाज ने ठियोग की पराला मंडी का निरीक्षण किया।

हालांकि, भारद्वाज के मंडी पहुंचने से पहले ही आढ़तियों को उनके आने की सूचना दी जा चुकी थी। सुरेश भारद्वाज ने बताया कि मंडियों में सेब का रेट इकोनॉमिक्स के सिद्धांत डिमांड एंड सप्लाई पर निर्भर करता है। सेब की ज्यादा आमद से दाम गिर जाते हैं। दावा किया कि बढ़िया सेब को जो रेट शिमला की मंडियों में मिल रहे हैं, वही रेट दिल्ली सहित देश की बड़ी मंडियों में भी हैं।

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