• इस मानसून में हिमाचल में 153 लोग गंवा चुके हैं अपनी जान, 244 करोड़ का नुकसान

प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान यानी 13 जून से अब तक 153 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कांगड़ा में प्राकृतिक आपदा के चलते 12 लोगों की जान गई है। दो लोग अभी लापता हैं, जबकि 138 लोगों ने सड़क दुर्घटना, पहाड़ों से गिरने और सांप के काटने से अपनी जान गंवाई है।

शिमला।  हिमाचल प्रदेश में इस बार बरसात प्रदेश में कहर बनकर टूटी है हालांकि इस मानसून में दो बार ही जोरदार बारिश हुई है लेकिन इसमें ही पूरे प्रदेश में तबाही मचा कर रख दी है  चारों ओर बर्बादी के निशान दिखाई दे रहे हैं ।  प्रकृति से इस कोप के आगे हर कोई बेबस है प्रदेश को अब तक करोड़ों का नुकसान हो चुका है कई जानें चली गई हैं। सरकार बेबस है तो लोग भगवान से ही आस लगाये बैठे हैं कि जल्द ही बारिश का मंजर थम जाये । हालांकि इस बीच मौसम विभाग की आ रही चेतावनियां डरा भी रही हैं। इस मानसून सीजन में 153 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। सरकारी आंकडों के मुताबिक अब तक प्रदेश को मानसून की वजह से आरंभिक आकलन के मुताबिक 224 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान  हो चुका है। लोक निर्माण विभाग के साथ आईपीएच विभाग को बारिश से करोड़ों रुपए का नुकसान हो चुका है। बरसात से लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा 139 करोड़ से अधिक का नुकसान हो चुका है। आईपीएच विभाग को 75 करोड़ की चपत लग चुकी है। प्रदेश में मानसून हुए नुकसान में अभी तक कृषि व बागबानी विभाग के नुकसान को नहीं आंका गया है। कुल्लू, कागंड़ा, नाहन में बारिश से कृषि को भारी नुकसान पहुंचा है।

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प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान यानी 13 जून से अब तक 153 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। कांगड़ा में प्राकृतिक आपदा के चलते 12 लोगों की जान गई है। दो लोग अभी लापता हैं, जबकि 138 लोगों ने सड़क दुर्घटना, पहाड़ों से गिरने और सांप के काटने से अपनी जान गंवाई है। मौतों के आकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो बिलासपुर में 10, चंबा में 18, हमीरपुर में चार, कांगड़ा में 18, किन्नौर में चार, कुल्लू में 12, लाहुल में सात, मंडी में 17, शिमला में 25, सिरमौर में 16, सोलन में 14 और ऊना में आठ लोगों की जान गई है। प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 39 पक्के मकान ढह गए हैं। पक्के मकानों के साथ-साथ 18 कच्चे मकान भी पूरी तरह से क्षतिगस्त हो गए हैं, जबकि 33 पक्के मकानों सहित 216 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। प्रदेश में सात दुकानों सहित 199 गौशालाएं भी बरसात की भेंट चढ़ी हैं। मौसम विज्ञान केंद्र द्वारा राज्य में आगामी दो दिनों के दौरान बहुत भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है, जो प्रदेश में और तबाही मचा सकता है।