PM मोदी पर डिंपल यादव का पलटवार, बोलीं- शंका होने पर बोलने का अधिकार नहीं है क्या ?

PM मोदी पर डिंपल यादव का पलटवार, बोलीं- शंका होने पर बोलने का अधिकार नहीं है क्या ?
प्रतिरूप फोटो

सपा प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने कहा कि अगर किसी को कुछ शंका है तो क्या उसे बोलने का अधिकार नहीं है? यह लोकतंत्र है और अगर उन्हें लगता है कि ईवीएम के साथ कोई समस्या है, तो उन्हें यह कहने का अधिकार है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईवीएम को लेकर विपक्ष पर तंज कसा था।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चार चरणों के चुनाव संपन्न हो चुके हैं। ऐसे में पांचवें चरण के लिए अयोध्या से अमेठी तक घमासान मचा हुआ है। इसी बीच समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अगर किसी को कुछ शंका है तो क्या उसे बोलने का अधिकार नहीं है ? 

इसे भी पढ़ें: UP में बोले मुकेश साहनी, भाजपा को सत्‍ता से बेदखल करना हमारा प्रमुख लक्ष्य 

क्या बोले थे प्रधानमंत्री मोदी ?

प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को प्रयागराज में अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की जीत का दावा किया था। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा था कि मुझे किसी ने बताया कि पाचवें या छठवें चरण के मतदान खत्म होंगे, उसके बाद यह ईवीएम को गाली देना शुरू करेंगे। लेकिन इस बार इन्होंने चौथे चरण में ही ईवीएम को गाली देना शुरू कर दिया है। जब ईवीएम को गाली देने का काम शुरू हो जाए तो समझ लें कि इनका खेल खत्म हो गया।

प्रधानमंत्री मोदी के तंज पर डिंपल यादव ने कहा कि अगर किसी को कुछ शंका है तो क्या उसे बोलने का अधिकार नहीं है ? यह लोकतंत्र है और अगर उन्हें लगता है कि ईवीएम के साथ कोई समस्या है, तो उन्हें यह कहने का अधिकार है।

इसे भी पढ़ें: चुनाव प्रचार में उतरीं जया बच्चन, भाजपा पर कसा तंज, कहा- ये झूठ के सिवाय कुछ नहीं बोलते

वहीं सपा सांसद जया बच्चन ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि मुझे लगता है कि समय बदल रहा है। लोगों को देखो, उनका उत्साह- आप माहौल के बारे में बता पाएंगे... वे महिला सुरक्षा के बारे में बात करते हैं लेकिन झूठ के अलावा कुछ नहीं जानते... आप पिछले 5 सालों में उत्तर प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार के बारे में जानते हैं, यह कहने की जरूरत नहीं है।





नोट:कोरोना वायरस से भारत की लड़ाई में हम पूर्ण रूप से सहभागी हैं। इस कठिन समय में अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः पालन करते हुए हमारा हरसंभव प्रयास है कि तथ्यों पर आधारित खबरें ही प्रकाशित हों। हम स्व-अनुशासन में भी हैं और सरकार की ओर से जारी सभी नियमों का पालन भी हमारी पहली प्राथमिकता है।