MEA Press Conference: UN Map Controversy, BRICS Summit, BAPS Paris Temple, SAF Games Pakistan और China से जुड़े मुद्दों पर विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया रुख

Randhir Jaiswal
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और चीन के संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का क्रमिक सामान्यीकरण हो रहा है और इस प्रक्रिया में लोगों के बीच संपर्क यानी ‘पीपुल-टू-पीपुल’ संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं।

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस ब्रीफिंग में कई महत्वपूर्ण सवालों के जवाब देते हुए चीन के साथ संबंधों, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन, रूस-यूक्रेन युद्ध, नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान, बांग्लादेश, संयुक्त राष्ट्र महासभा के प्रस्ताव और एलएसी पर भारत-चीन सैन्य वार्ता समेत कई अहम मुद्दों पर भारत का रुख स्पष्ट किया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत और चीन के संबंध धीरे-धीरे सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच संबंधों का क्रमिक सामान्यीकरण हो रहा है और इस प्रक्रिया में लोगों के बीच संपर्क यानी ‘पीपुल-टू-पीपुल’ संबंध बेहद महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि वीजा से जुड़े मुद्दे भी लोगों के बीच संपर्क और संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

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एलएसी पर भारत और चीन के बीच सैन्य स्तर पर संवाद के संबंध में जायसवाल ने बताया कि भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच अगस्त 2025 और अगस्त 2026 में बनी समझ तथा बीजिंग और नई दिल्ली में मई एवं अगस्त 2026 में हुई वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसल्टेशन एंड कोऑर्डिनेशन (डब्ल्यूएमसीसी) की बैठकों के बाद 6 और 7 सितंबर को वरिष्ठ उच्चतम सैन्य कमांडर स्तर की पहली फ्लैग बैठक आयोजित की गई। यह बैठक भारतीय पक्ष की ओर से अरुणाचल प्रदेश के वाचा और चीनी पक्ष की ओर से दमाई में हुई। उन्होंने बताया कि पश्चिमी सेक्टर में भी इसी तरह का एक तंत्र मौजूद है।

संयुक्त राष्ट्र महासभा में पारित एक प्रस्ताव से जुड़े सवाल पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि भारत ने प्रस्ताव का समर्थन किया था और उसके पक्ष में मतदान किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रस्ताव किसी निजी पक्ष या किसी विशेष संस्था के नक्शे का समर्थन नहीं करता। प्रस्ताव का मुख्य फोकस ‘इक्वल-एरिया मैप्स’ यानी समान क्षेत्रफल वाले नक्शों के सिद्धांत पर है, जिससे महाद्वीपों के आपसी आकार को उचित महत्व और सही प्रतिनिधित्व मिल सके।

बांग्लादेश में भारत के उच्चायुक्त की बैठक को लेकर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के राष्ट्रपति से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान भारत-बांग्लादेश संबंधों, दोनों देशों के साझा रिश्तों, लोगों के बीच संपर्क और आने वाले दिनों में द्विपक्षीय संबंधों को और आगे बढ़ाने के मुद्दों पर चर्चा हुई।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन को लेकर जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सम्मेलन के दौरान कई देशों के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। किन नेताओं के साथ बैठक होगी और उनका समय क्या होगा, इसकी विस्तृत जानकारी बाद में साझा की जाएगी। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष भी उन अनेक महत्वपूर्ण मुद्दों में शामिल होगा, जिन पर द्विपक्षीय वार्ताओं के दौरान चर्चा हो सकती है। ब्रिक्स सम्मेलन में राष्ट्राध्यक्षों और सरकार प्रमुखों की भागीदारी को लेकर उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय उचित समय पर इसकी जानकारी देगा।

रूसी सेना में भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि अभी भी करीब दो दर्जन भारतीय नागरिक रूसी सेना में मौजूद हैं। भारत ने इस मुद्दे को रूसी सरकार के समक्ष उठाया है और उम्मीद है कि इन लोगों को जल्द रिहा किया जाएगा।

रूस-यूक्रेन युद्ध पर भारत के रुख को दोहराते हुए जायसवाल ने कहा कि विदेश मंत्री ने हाल ही में यूक्रेन और पोलैंड का दौरा किया था। बातचीत के दौरान भारत ने स्पष्ट किया कि यह युद्ध का युग नहीं है और किसी समाधान का रास्ता युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संदेश का भी उल्लेख किया कि अंतहीन युद्ध को अब युद्ध के अंत का रास्ता देना चाहिए। भारत का मानना है कि संघर्ष में शामिल पक्षों को समाधान का रास्ता स्वयं तलाशना होगा, लेकिन यदि भारत किसी भी रूप में युद्ध समाप्त कराने में मदद कर सकता है तो वह इसके लिए तैयार है। भारत यूक्रेन और रूस दोनों पक्षों के संपर्क में है और ऐसे विचारों व सुझावों पर काम कर रहा है, जो शांति की दिशा में योगदान दे सकें।

नेपाल में आई आपदा पर रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने नेपाल की जनता और सरकार के प्रति एकजुटता और संवेदना व्यक्त की है। एक करीबी मित्र और पड़ोसी के रूप में भारत ने तुरंत सहायता पहुंचाई है और राहत, बचाव तथा पुनर्निर्माण कार्यों में नेपाल का समर्थन जारी रखेगा। भारत ने अब तक सात विमानों के जरिए 95 टन राहत सामग्री भेजी है और जल्द ही और सामग्री भेजी जाएगी।

उन्होंने बताया कि भारत की फॉरेंसिक टीम और टनल रेस्क्यू टीम नेपाल में जमीनी स्तर पर राहत एवं बचाव कार्यों में मदद कर रही हैं। फॉरेंसिक टीम काठमांडू की दो प्रयोगशालाओं में करीब 1,200 डीएनए नमूनों पर काम कर रही है। जायसवाल के अनुसार, इस आपदा में 275 भारतीय नागरिक लापता हैं, जबकि अब तक 169 भारतीय नागरिकों को बचाया जा चुका है। लापता लोगों में 49 ऐसे लोग भी शामिल हैं, जो चीन की ओर लापता हुए हैं।

पाकिस्तान में होने वाले 2027 दक्षिण एशियाई फेडरेशन (सैफ) खेलों में भारत की भागीदारी के सवाल पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय या बहुपक्षीय खेल प्रतियोगिता में भारत की भागीदारी खेल मंत्रालय और युवा मामलों के मंत्रालय की घोषित नीति के अनुसार तय होती है। इस मामले में अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाओं के दिशा-निर्देशों और भारतीय खिलाड़ियों के हितों को भी ध्यान में रखा जाता है।

पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन और एफिल टॉवर में महिला कर्मचारियों को कुछ क्षेत्रों से दूर रहने के कथित निर्देशों से जुड़े सवाल पर जायसवाल ने कहा कि भारत को पेरिस क्षेत्र में बीएपीएस संस्था द्वारा मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। हालांकि, एफिल टॉवर से जुड़ा विशेष मामला संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय है।

बहरहाल, विदेश मंत्रालय की प्रेस ब्रीफिंग में भारत ने स्पष्ट किया कि वह पड़ोसी देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने, चीन के साथ संबंधों के क्रमिक सामान्यीकरण, वैश्विक संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान और मानवीय सहायता के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है। साथ ही भारत ने यह भी संकेत दिया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक कूटनीतिक बातचीत देखने को मिल सकती है।

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