India Pakistan Diplomacy | Operation Sindoor के बाद पहली बार बड़ा कूटनीतिक कदम! भारत ने नई दिल्ली में होने वाले SCO फोरम के लिए पाकिस्तान को भेजा आधिकारिक निमंत्रण

SCO forum
ANI
रेनू तिवारी । Oct 28 2026 10:06AM

आधिकारिक राजनयिक सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने नई दिल्ली में 20 से 22 नवंबर तक आयोजित होने वाले पहले 'शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम' (सभ्यता संवाद मंच) के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री, औरंगजेब खान खिची को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है।

'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद उपजे गंभीर कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच भारत ने एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। आधिकारिक राजनयिक सूत्रों के अनुसार, भारत सरकार ने नई दिल्ली में 20 से 22 नवंबर तक आयोजित होने वाले पहले 'शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सिविलाइजेशनल डायलॉग फोरम' (सभ्यता संवाद मंच) के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रीय विरासत और संस्कृति मंत्री, औरंगजेब खान खिची को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया है। भारत ने SCO के बहुपक्षीय ढांचे के तहत संगठन के सभी 10 सदस्य देशों को इस ऐतिहासिक सम्मेलन के लिए न्योता भेजा है।

यह निमंत्रण ऐसे समय में आया है जब 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध तनावपूर्ण हैं। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई 2025 में यह ऑपरेशन शुरू किया था। इस सैन्य अभियान के बाद से किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री को दिया गया यह पहला निमंत्रण है।

अगर खिची इस कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो यह मई 2023 में गोवा में हुई SCO विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक में तत्कालीन विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी के शामिल होने के बाद, किसी वरिष्ठ पाकिस्तानी मंत्री की भारत की पहली यात्रा होगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने 20 अक्टूबर को ताजिकिस्तान के दुशान्बे में आयोजित SCO शासनाध्यक्षों की परिषद की बैठक में इस फोरम की घोषणा की और बताया कि सभी सदस्य देशों को आमंत्रित किया गया है। सिंह ने कहा, "इस साल के अंत में, भारत पहले 'SCO सिविलाइजेशन डायलॉग फोरम' की मेजबानी करेगा। हम SCO के सभी देशों को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करते हैं।" इस फोरम का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करना और आपसी समझ को बढ़ावा देना है।

बैठक के दौरान, सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त और सुसंगत रुख अपनाने का आह्वान किया और जोर देकर कहा कि इसमें कोई 'दोहरा मापदंड' (double standards) नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा, "आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए। जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को सख्ती से और सामूहिक रूप से खत्म किया जाना चाहिए।" 

इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। बिश्केक में हुए शिखर सम्मेलन के बाद, 1 सितंबर को पाकिस्तान ने किर्गिस्तान से कार्यभार संभालते हुए, 2026-27 के कार्यकाल के लिए SCO राष्ट्राध्यक्षों की परिषद की बारी-बारी से मिलने वाली अध्यक्षता ग्रहण की। SCO में 10 सदस्य देश शामिल हैं: बेलारूस, चीन, भारत, ईरान, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, पाकिस्तान, रूस, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान। भारत 2017 में पूर्ण सदस्य बना।अफगानिस्तान और मंगोलिया के पास पर्यवेक्षक का दर्जा है, जबकि इस समूह के 15 संवाद साझेदार भी हैं।

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