• कश्मीर मामले में भारत उसी तरह शर्मसार हुआ जैसे टीकों के कारण: ममता

ममता बनर्जी ने जम्मू कश्मीर के अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं की नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की पृष्ठभूमि में यह बयान दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे इस बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस बैठक का एजेंडा तक नहीं पता।’’

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त किये जाने से देश उसी तरह शर्मसार हुआ है जिस तरह कोविड-19 टीकों के मुद्दे से हुआ है। बनर्जी ने जम्मू कश्मीर के अनेक राजनीतिक दलों के नेताओं की नयी दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ बैठक की पृष्ठभूमि में यह बयान दिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मुझे इस बैठक के बारे में कोई जानकारी नहीं है। मुझे इस बैठक का एजेंडा तक नहीं पता।’’

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तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जम्मू कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त करने और उसका विभाजन करने से देश को किसी भी तरह मदद नहीं मिली। केंद्र सरकार ने 5 अगस्त, 2019 को अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू कश्मीर को प्राप्त विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था और उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित कर दिया था। बनर्जी ने कहा, ‘‘पूर्ण राज्य का दर्जा (जम्मू कश्मीर का) समाप्त करने की क्या जरूरत थी? इससे देश को बिल्कुल भी मदद नहीं मिली। पिछले दो साल से पर्यटक कश्मीर नहीं जा सके हैं। यह देश की प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वहां निरंकुशता ने देश को बहुत बदनाम कराया है जिस तरह कोविड टीकों ने कराया है।’’ बनर्जी ने टीकों के विषय पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। हालांकि वह टीकों की कम आपूर्ति, अलग-अलग दरों तथा एकसमान टीकाकरण नीति नहीं होने के खिलाफ विरोध जताते हुए बोलती रही हैं। एक समय उन्होंने भारत में टीकों के कम भंडार को लेकर इसका निर्यात किये जाने की आलोचना की थी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को दावा किया था कि कोवैक्सीन प्रधानमंत्री के दिमाग की उपज है और इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की स्वीकृति दिलाई जानी चाहिए या इसे वैश्विक स्वीकार्यता दिलाने के लिए कदम उठाये जाने चाहिए।