मेरठ में जयंत- अखिलेश की रैली में भीड़ का दिखा रेला,धक्का-मुक्की में बैरिकेटिंग के साथ साथ मीडिया मंच भी हुआ धराशायी

मेरठ में जयंत- अखिलेश की रैली में भीड़ का दिखा रेला,धक्का-मुक्की में बैरिकेटिंग के साथ साथ मीडिया मंच भी हुआ धराशायी

मेरठ, सरधना के दबथुआ में हुई सपा व रालोद की संयुक्त रैली में मंगलवार को संयुक्त रैली में बेतहाशा भीड़ उमड़ी और अराजकता भी खूब हुई।पश्चिमी उत्तत प्रदेश में सपा और रालोद के गठबन्धन की इस पहली रैली में उमड़ी भीड़ में में बच्चे, जवान, बूढ़े और महिलाएं सभी शामिल थे। ऐसा पहली बार था कि जब अखिलेश और जयंत दोनों ही दिग्गज नेता एक मंच से दहाड़े।

मेरठ, सरधना के दबथुआ में हुई सपा व रालोद की संयुक्त रैली में मंगलवार को संयुक्त रैली में बेतहाशा भीड़ उमड़ी और अराजकता भी खूब हुई।पश्चिमी उत्तत प्रदेश में सपा और रालोद के गठबन्धन की इस पहली रैली में उमड़ी भीड़ में में बच्चे, जवान, बूढ़े और महिलाएं सभी शामिल थे। ऐसा पहली बार था कि जब अखिलेश और जयंत दोनों ही दिग्गज नेता एक मंच से दहाड़े। उन्होंने मंच से गठबंधन को 2022 का चुनाव जिताने का आह्वान किया और मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा। 

दोनों नेताओं के मंच पर पहुंचने और सधे हुए भाषण और रैली में उमड़े जनसैलाब के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है। तकरीबन दोनों नेताओ के एक घंटे के भाषण के दौरान भीड़ मंच पर चढ़ने के लिए बैरिकेडिंग तोड़ते हुए आगे बढ़ गई। रालोद के मुखिया जयंत चौधरी मंच पर कुछ पहले पहुंच गये, जबकि अखिलेश कुछ मिनट बाद मंच पर पहुंचे तो कुछ कार्यकर्ता उनसे मिलने को अवरोध (बैरिकेट) और सिक्योरिटी तोड़ मंच पर पहुंचने की कोशिश करते दिखे। देखते ही देखते रैली में मंच के पास भगदड़ मच गई। इस दौरान दोनों ही पार्टी के नेताओं ने भीड़ को समझाने का काफी प्रयास किया। लेकिन उसके बाद भी कार्यकर्ता हंगामा करने लगे। अराजकता इस तरह फैली की लोग मंच पर चढ़ गये। मीडिया कवरेज के लिए बनाया गया मंच भी तोड़ दिया गया। जिसमें पत्रकारों को भी चोट लगी। भीड़ बस मंच तक पहुंचना चाहती थी।

दबथुआ के खेत में मंच लगाकर हुई इस रैली के रेले में जयंत चौधरी और अखिलेश यादव से मिलने का जुनून इतना ज्यादा था कि एक कार्यकर्ता ने अपनी जान की भी परवाह नहीं की। भाषण के बाद मंच के ऊपर जिस समय अखिलेश और जयंत एक साथ खड़े हुए थे उसी दौरान एक कार्यकर्ता ऊपर पहुंचने के लिए मंच के ऊपर लगे कपड़े पर चढ़ने का प्रयास कर रहा था। जब वह चढ़ा तो कपडा फट गया और वह फटते हुए कपड़े के साथ नीचे लटक गया। हालांकि कार्यकर्ता नीचे गिरने से बच गया। 

एक घंटे तक रैली में अफरा तफरी का माहौल बना रहा। दोनों ही पार्टीयों रालोद व सपा की तरफ से आयोजन था। लेकिन भगदड़ मची तो रालोद के नेता सपा र्काकर्ताओं पर भगदड़ का आरोप आरोप लगाने लगे। रैली में महिलाओं को लेकर अलग से बैरिकेडिंग नहीं की गयी थी,जिस कारण महिलाओ को काफी परेशानी इस रैली में उठानी पड़ी। परिवर्तन संदेश रैली में उमड़े जनसमूह के बीच रैली खत्म होने के बाद जयंत और अखिलेश का काफिला जब हेलीपैड पर पहुंचा तो वहां भी कार्यकर्ता घुस गए। हेलीपैड पर भी दोनों नेताओं से मिलने की कार्यकर्ताओं में होड़ लगी रहीं। भीड़ इतनी ज्यादा थी कि पुलिस की व्यवस्थाएं भी फेल हो गई। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव व जंयत चौधरी की इस पहली गठबंधन रैली के बाद चुनाव प्रचार की जाटलैंड में औपचारिक शुरुआत हो गई है। 





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