Kotdwar में व्यापारी को धमकी देने के आरोप में पकड़े गए Mohammad Deepak को मिली जमानत

Kotdwar में व्यापारी को धमकी देने के आरोप में पकड़े गए Mohammad Deepak को मिली जमानत
प्रतिरूप फोटो
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कोटद्वार में एक व्यापारी से अभद्रता और जान से मारने की धमकी देने के मामले में शांति भंग की आशंका में पकड़े गए जिम संचालक दीपक कुमार को शुक्रवार को जमानत मिल गई। उपजिलाधिकारी की अदालत ने उसे डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा किया। आदेश के तहत अगले छह महीने में शांति भंग करने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कोटद्वार (उत्तराखंड), दो अक्टूबर ‘मोहम्मद दीपक’ के नाम से चर्चित जिम संचालक दीपक कुमार को कोटद्वार में एक व्यापारी से कथित तौर पर अभद्रता करने और उसे जान से मारने की धमकी देने के मामले के बाद शांति भंग की आशंका में गिरफ्तार किए जाने के एक दिन बाद शुक्रवार को जमानत मिल गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस ने यह जानकारी दी।

पुलिस के मुताबिक, शाम करीब साढ़े छह बजे दीपक को पौड़ी जिले के कोटद्वार के उपजिलाधिकारी की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे डेढ़ लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी गई। दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 130 के तहत नोटिस जारी करते हुए 50-50 हजार रुपये के तीन मुचलकों, यानी कुल डेढ़ लाख रुपये के मुचलकों पर जमानत दी गई। नोटिस में कहा गया है कि अगले छह महीने के दौरान उसके कारण किसी भी तरह से शांति भंग होने पर उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

कोटद्वार के व्यापारी संजीव टोंक ने बृहस्पतिवार शाम पुलिस को दी तहरीर में दीपक पर अभद्र व्यवहार करने, अपशब्द कहने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। तहरीर के मुताबिक, सोशल मीडिया पर दीपक द्वारा साझा की गई एक पोस्ट पर टोंक ने एक टिप्पणी की थी, जिसके बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दीपक उसकी दुकान पर पहुंचा और उससे कथित तौर पर अपशब्द कहे तथा जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर दीपक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) और धारा 352 (जानबूझकर अपमान कर शांति भंग करने के लिए उकसाना) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर मामले में बीएनएस की धारा 196 (धर्म, जाति, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच वैमनस्य बढ़ाने या सौहार्द बिगाड़ने संबंधी अपराध) और धारा 115 (जानबूझकर चोट पहुंचाना) भी जोड़ी गईं। पुलिस के अनुसार, घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और उपलब्ध तस्वीरों तथा वीडियो में प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता से अपशब्द कहे जाने और उसे धमकी दिए जाने के साक्ष्य मिले। पुलिस ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि दीपक का नाम पहले भी विभिन्न सामाजिक विवादों से जुड़े मामलों में सामने आता रहा है, जिनके कारण क्षेत्र की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई थी।

पुलिस के मुताबिक, लोगों को एकत्र करने और तनावपूर्ण माहौल पैदा करने संबंधी उसकी गतिविधियों की सूचनाएं भी मिली थीं जिसके बाद कानून-व्यवस्था प्रभावित होने और शांति भंग की आशंका को देखते हुए दीपक को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 170 (संज्ञेय अपराध को होने से रोकने के लिए गिरफ्तारी) के तहत बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था। दीपक कुमार इस साल जनवरी में उस समय चर्चा में आया था, जब कोटद्वार में कुछ लोगों ने एक बुजुर्ग मुस्लिम दुकानदार की दुकान के नाम में ‘बाबा’ शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। दीपक ने दुकानदार के समर्थन में हस्तक्षेप किया और विरोध कर रहे लोगों से बहस के दौरान अपना नाम ‘मोहम्मद दीपक’ बताया था।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद वह इसी नाम से चर्चित हो गया।

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