• महाराष्ट्र फैक्ट्री विस्फोट: लापता लड़की का शव मिला, मृतकों की संख्या बढ़कर आठ हुई

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बाद में एक लड़की का भी शव बरामद हुआ जो हादसे के बाद घटनास्थल से लापता थी। जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘हमने लापता लड़की का शव रविवार को दोपहार करीब डेढ़ बजे मलबे से बरामद किया गया।

पालघर (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक रसायन फैक्ट्री में विस्फोट की घटना में रविवार को मलबे से लापता लड़की का शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर आठ हो गई। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। विस्फोट शनिवार शाम को कोलवाडे गांव स्थित अंक फार्मा के निर्माणाधीन संयंत्र में कुछ रसायन की जांच के दौरान हुआ, जिसमें छह लोगों की मौत हो गई। जिला आपदा नियंत्रण प्रकोष्ठ के प्रमुख विवेकानंद कदम ने बताया, ‘‘मलबा हटाने के अभियान के दौरान रविवार सुबह एक और शव मिला। मरने वाले की पहचान त्रिनाद दसारी (35) के तौर पर हुई है।’’

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि बाद में एक लड़की का भी शव बरामद हुआ जो हादसे के बाद घटनास्थल से लापता थी। जिले के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘हमने लापता लड़की का शव रविवार को दोपहार करीब डेढ़ बजे मलबे से बरामद किया गया। उसकी पहचान खुशी सुरेंद्र यादव के तौर पर हुई है। लड़की की उम्र 13-14 साल की है।’’

इसे भी पढ़ें: JNU छात्रसंघ का दावा, पुलिस को दी गई थी हिंसा की सूचना लेकिन उसे अनदेखा किया गया

शनिवार की घटना में मारे गए छह लोगों की पहचान मोहन इंगले (45), साक्षी मदन (39), निशू सिंह (26), माधुरी सिंह (46), गोकुल जाधव (18) और इलियास अंसारी (45) (फैक्ट्री के वाचमैन) के तौर पर हुई है। कदम ने बताया कि इसके अलावा घटना में सात लोग घायल हुए हैं जिनमें संयंत्र के मालिक नटवरभाई पटेल भी शामिल हैं, जो गंभीर रूप से घायल हैं। घटना में गंभीर रूप से घायल हुए लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि मलबा हटाने का काम अब भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट बोईसर के महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) क्षेत्र स्थित संयंत्र में शाम करीब सात बज कर 20 मिनट पर हुआ, जो मुंबई से 100 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।

इसे भी पढ़ें: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने ‘वामपंथी हिंसा’ के खिलाफ डीयू में निकाला मार्च

उन्होंने बताया कि विस्फोट इतना जबरदस्त था कि इसे घटनास्थल से 15 किलोमीटर के दायरे में सुना गया और आसपास के कुछ घरों की खिड़कियां भी टूट गईं। कदम ने बताया कि विस्फोट के बाद निर्माणाधीन संयंत्र ढह गया और पास में स्थित दो अन्य रसायन फैक्ट्रियों को भी नुकसान पहुंचा। बचाव अभियान के लिए शनिवार को राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की एक टीम को बुलाया गया था। जिले के पालक मंत्री दादा भुसे ने शनिवार देर रात को विस्फोट स्थल का दौरा किया। बाद में उन्होंने पत्रकारों से कहा कि शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार संयंत्र ने मशीनरी जांच के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति ली थी। उन्होंने बताया, ‘‘हालांकि जिला स्वास्थ्य एवं सुरक्षा अधिकारी रविवार को घटनास्थल का दौरा और जांच करेंगे। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।’’

बोईसर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि अब तक मामले में दुर्घटनावश मौत की रिपोर्ट दर्ज की गई है। भुसे ने कहा, ‘‘बोईसर एमआईडीसी क्षेत्र में कई रसायन फैक्ट्रियों की मौजूदगी को देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने पर हम गंभीरता से विचार कर रहे हैं।’’ मंत्री ने कहा कि आवश्यक कदमों पर चर्चा के लिए वह आगामी दिनों में सभी पक्षकारों के साथ बैठक करेंगे। उन्होंने ‘पीटीआई’ को बताया, ‘‘हम लोग इस क्षेत्र के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन और सुझाव मांगेंगे। इन संयंत्रों में समय-समय पर सुरक्षा उपायों की जांच की जाएगी।’’ मंत्री ने यह भी कहा कि वह घटना की विस्तृत समीक्षा के लिए रविवार को भी वहां का दौरा करेंगे। इससे पहले मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शनिवार को मरने वालों के आश्रितों को पांच-पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की थी।