Mahua Moitra का केंद्र पर तीखा हमला, Parliament में Gaddar Bench को लेकर Democracy पर उठाए सवाल

Mahua Moitra
ANI
अभिनय आकाश । Jul 20 2026 3:55PM

TMC नेता ने तर्क दिया कि बागी गुट को जगह देने के लिए सदन की पारंपरिक व्यवस्था से समझौता किया गया है, जिससे एक नया संसदीय वर्गीकरण बन गया है, जिसे उन्होंने कड़े शब्दों में परिभाषित किया।

तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने बैठने की व्यवस्था और आधिकारिक कार्यवाही में बागी सांसदों को शामिल करने को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की और इसे "गद्दारों की बेंच" करार दिया। पत्रकारों से बात करते हुए मोइत्रा ने बताया कि संयुक्त विपक्ष ने सर्वदलीय बैठक के दौरान वॉकआउट किया, क्योंकि वहां ऐसे 20 सांसद मौजूद थे जिनके खिलाफ अयोग्यता की याचिकाएं लंबित थीं। उन्होंने दावा किया कि इन सदस्यों ने एक गैर-मान्यता प्राप्त गुट, NCPI, का साथ दिया है, जबकि स्पीकर से उनके विलय को अभी तक औपचारिक मंजूरी नहीं मिली है।

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TMC नेता ने तर्क दिया कि बागी गुट को जगह देने के लिए सदन की पारंपरिक व्यवस्था से समझौता किया गया है, जिससे एक नया संसदीय वर्गीकरण बन गया है, जिसे उन्होंने कड़े शब्दों में परिभाषित किया। उन्होंने कहा कि आज हमने देखा कि ये 20 बागी और गद्दार सांसद, जिनकी अयोग्यता की याचिकाएं अभी भी लंबित हैं और जो दावा करते हैं कि वे NCPI नाम की एक गैर-मान्यता प्राप्त पार्टी में शामिल हो गए हैं। जबकि स्पीकर ने उनके विलय को मंज़ूरी नहीं दी है। फिर भी उन्हें कल सर्वदलीय बैठक में बुलाया गया था।

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उन्होंने आगे कहा कि पूरे विपक्ष ने विरोध में सदन से वॉकआउट किया। आज हम देख रहे हैं कि सरकार ने सीटें बदल दी हैं। पहले ट्रेज़री बेंच और विपक्ष की बेंच हुआ करती थी। बैठने की नई व्यवस्था पर विपक्ष की चिंता ज़ाहिर करते हुए महुआ मोइत्रा ने कहा, "आज एक नई कैटेगरी सामने आई है - 'गद्दार बेंच'। सुदीप बंदोपाध्याय 'गद्दार बेंच' के नेता के तौर पर सबसे आगे बैठेंगे। संसदीय लोकतंत्र में यह एक नया दिन है। वहीं दूसरी ओर, सोमवार को कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने नियम 267 के तहत एक नोटिस दिया। इसमें उन्होंने अयोध्या राम मंदिर के लिए दिए गए दान में कथित हेराफेरी और दुरुपयोग पर तत्काल चर्चा के लिए राज्यसभा में दिन की कार्यवाही रोकने की मांग की, साथ ही सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।

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