ममता ने शांति बनाए रखने की अपील की, CRPF पर मतदाताओं पर गोलीबारी करने का लगाया आरोप

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  अप्रैल 10, 2021   14:01
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ममता ने शांति बनाए रखने की अपील की, CRPF पर मतदाताओं पर गोलीबारी करने का लगाया आरोप

उन्होंने आरपीएफ से कनिष्ठ दर्जे के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं मेरे ओएसडी अशोक चक्रवर्ती को हटा दिया। फिर भी निर्वाचन आयोग चुनाव की निगरानी के लिए यहां सेवानिवृत्त अधिकारियों को ला रहा है।

हिंगलगंज (पश्चिम बंगाल)। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांत रहने की शनिवार को अपील की और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) पर सीतलकूची में पंक्तिबद्ध खड़े मतदाताओं पर गोलियां चलाने का आरोप लगाया। बनर्जी ने यहां एक जनसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस बात का जवाब देने को कहा कि राज्य विधानसभा के चौथे चरण के मतदान के दौरान कूचबिहार जिले के सीतलकूची में केंद्रीय बलों की गोलीबारी में लोगों की जानें क्यों गईं। उन्होंने दावा किया कि केंद्रीय बलों के ‘‘अत्याचार’’ को देखकर उन्हें काफी समय से ऐसा कुछ होने की आशंका थी। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘इतने लोगों को मारने के बाद वे (निर्वाचन आयोग) कह रहे हैं कि आत्मरक्षा में गोलीबारी की गई। उन्हें शर्म आनी चाहिए। यह एक झूठ है।’’

बजर्नी ने कहा, ‘‘सीआरपीएफ ने मतदान के लिए पंक्ति में खड़े लोगों पर गोलीबारी की और सीतलकूची में चार लोगों को मार दिया। मुझे इस बात की लंबे समय से आशंका थी कि बल इस प्रकार की कार्रवाई करेंगे। भाजपा जानती है कि उसने लोगों का जनाधार खो दिया है, इसलिए वह लोगों को मारने का षड्यंत्र रच रही है।’’ उन्होंने आरोप लगाया कि यह शाह की रची साजिश का हिस्सा था। बनर्जी ने कहा, ‘‘बहरहाल, मैं सभी से शांत रहने और शांतिपूर्ण रूप से मतदान करने की अपील करूंगी। उन्हें हराकर मौत का बदला लें।’’ मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनाव में मारे गए लोगों की संख्या तीन साल पहले हुए पंचायत चुनाव से कहीं अधिक है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि आप चुनाव की शुरूआत होने से ले कर अब तक मारे गए लोगों की कुल संख्या की गिनती करें, तो करीब 17-18 लोग मारे जा चुके हैं। कम से कम 12 लोग केवल हमारी पार्टी के थे।’’ 

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बनर्जी ने कहा कि निर्वाचन आयोग को आज हुई घटना को लेकर लोगों को स्पष्टीकरण देना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘‘हम प्रशासन के प्रभारी नहीं हैं। आयोग प्रशासन का प्रभारी है।’’ बनर्जी ने कहा, ‘‘उन्होंने वरिष्ठ आईपीएस सुरजीत कर पुरकायस्थ को हटा दिया। उन्होंने आरपीएफ से कनिष्ठ दर्जे के सेवानिवृत्त अधिकारी एवं मेरे ओएसडी अशोक चक्रवर्ती को हटा दिया। फिर भी निर्वाचन आयोग चुनाव की निगरानी के लिए यहां सेवानिवृत्त अधिकारियों को ला रहा है।





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