ममता के भाई मतदाता सूची में नाम न होने की वजह से नहीं डाल सके वोट

Mamata Banerjee
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बाबुन हावड़ा शहर के मतदाता हैं और जब वह एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने गए, तब उन्हें पता चला कि उनका नाम मतदाता सूची में है ही नहीं। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा, निर्वाचन आयोग पूरे मामले को देख रहा है। वही बता सकता है कि ऐसा क्यों हुआ।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी के सबसे छोटे भाई बाबून बनर्जी मतदाता सूची में नाम नहीं होने के कारण सोमवार को अपना वोट नहीं डाल सके। एक चुनाव अधिकारी ने यह जानकारी दी। बाबुन हावड़ा शहर के मतदाता हैं और जब वह एक मतदान केंद्र पर अपना वोट डालने गए, तब उन्हें पता चला कि उनका नाम मतदाता सूची में है ही नहीं। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता शांतनु सेन ने कहा, निर्वाचन आयोग पूरे मामले को देख रहा है। वही बता सकता है कि ऐसा क्यों हुआ। बाबुन ने द्वारा संपर्क किए जाने पर इस मामले पर सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। 

टीएमसी ने जब हावड़ा सीट से मौजूदा सांसद प्रसून बनर्जी को मार्च में फिर से टिकट देने की घोषणा की थी, तब बाबून ने इस पर अपनी नाखुशी जताई थी। उस वक्त ममता बनर्जी ने कहा था कि उन्होंने अपने भाई से सारे संबंध तोड़ने का फैसला किया है। पहले ऐसी चर्चा थी कि टीएमसी द्वारा उन्हें हावड़ा से टिकट नहीं देने के बाद वह निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ सकते हैं। 

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उन्होंने दावा किया था कि पार्टी ने उन्हें टिकट देने का वादा किया था। ऐसी अफवाह थी कि बाबुन भाजपा में शामिल होने पर विचार कर रहे हैं। बाबुन बंगाल ओलंपिक एसोसिएशन और बंगाल हॉकी एसोसिएशन के अध्यक्ष होने के अलावा बंगाल बॉक्सिंग एसोसिएशन के सचिव और टीएमसी की खेल शाखा के प्रभारी भी हैं।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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