Manish Gupta Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारोबारी के शरीर पर चोट के निशान, CM योगी करेंगे परिजनों से मुलाकात

Manish Gupta Death Case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारोबारी के शरीर पर चोट के निशान, CM योगी करेंगे परिजनों से मुलाकात

रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मनीष के शरीर पर गंभीर चोट के 4 निशान पाए गए है। बता दें कि इस मामले में अब तक 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है वहीं 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

गोरखपुर के एक होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मारे गए कानपुर के कारोबारी मनीष के परिवार ने आरोप लगाया है कि छापेमारी के दौरान पुलिस ने पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसी बाच अब कारोबारी मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई है जिसमें चौंकाने वाले खुलासे किए गए है। रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मनीष के शरीर पर गंभीर चोट के 4 निशान पाए गए है। बता दें कि इस मामले में अब तक 6 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया है वहीं 3 पुलिसकर्मियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। 

सीएम योगी करेंगे कारोबारी मनीष के परिवार से मुलाकात

बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ गुरूवार को कानपुर का दौरा करेंगे जहां वह मनीष के परीजनों से मुलाकात कर सकते हैं। सीएम योगी ने परिवार को 10 लाख मुआवजे का ऐलान भी किया है और निष्‍पक्ष जांच होने का आश्‍वासन भी दिया है।

परिवार ने लगाया पुलिस पर हत्या का आरोप 

पीड़ित मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने पुलिस और होटल के कर्मचारियों पर मामले को छिपाने का आरोप लगाया। पत्नी मीनाक्षी ने इंडिया टुडे से बात करते हुए बताया कि, होटल में मेरे पति की हत्या कर दी गई थी, मेरे पति को एक पुलिसकर्मी ने मार डाला। मेरे पति खून से लथपथ थे लेकिन घटनास्थल पर खून नहीं था। दो दोस्तों ने कहा कि हर जगह खून था, लेकिन होटल के कर्मचारियों ने उसे साफ कर दिया। मीनाक्षी गुप्ता ने आगे कहा कि परिवार ने अधिकारियों से तीन मांगें रखी हैं: मामला कानपुर स्थानांतरित किया जाए; दूसरा, परिवार को मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये और राज्य सरकार द्वारा नौकरी दी जाए।

कानपुर के 38 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मंगलवार तड़के गोरखपुर के एक होटल में मौत हो गई थी। पुलिस का दावा है कि मनीष गुप्ता की मौत नशे की हालत में जमीन पर गिरने से सिर में चोट लगने से हुई थी।हालांकि, पीड़ित के परिवार के सदस्यों का दावा है कि उसके कमरे में प्रवेश करने वाले पुलिसकर्मियों ने उस पर हमला किया, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। 





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