Pakistan के खिलाफ PoK में बड़ा Protest, Joint Awami Action Committee के आह्वान पर पूर्ण बंद

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ANI

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी के आह्वान पर रियायती आटे और बिजली की मांग को लेकर व्यापक बंद देखा गया, जिससे मुजफ्फराबाद समेत कई हिस्सों में बाजार बंद और सड़कें सुनसान रहीं। पुलिस की हिंसक कार्रवाई और 20 से अधिक मौतों के दावों के बीच सरकार ने समूह पर प्रतिबंध लगाकर और नेताओं की गिरफ्तारी का इनाम घोषित कर तनाव बढ़ा दिया है।

‘ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी’ द्वारा विरोध प्रदर्शन का आह्वान किये जाने के बाद मंगलवार को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में दुकानें और बाजार बंद रहे। क्षेत्र में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई में 20 से अधिक लोगों की कथित तौर पर मौत हो गई है। बीबीसी उर्दू की खबर के अनुसार, कमेटी से जुड़े लगभग 2,000 प्रदर्शनकारियों ने भीमबर से विरोध मार्च शुरू किया और वे मीरपुर पहुंचकर मुजफ्फराबाद के लिए रवाना होंगे।

खबर में यह भी बताया गया कि कुछ प्रदर्शनकारी रावलकोट पहुंचकर मुजफ्फराबाद के लिए आगे बढ़ेंगे। पुलिस और सुरक्षा बलों के जवान सड़कों व अन्य इलाकों में गश्त कर रहे हैं।कमेटी, रियायती आटे और बिजली की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहा थी। अधिकारियों ने सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर चिंताओं का हवाला देते हुए शुक्रवार को इस समूह पर प्रतिबंध लगा दिया। ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, मुजफ्फराबाद की सड़कें सुनसान रहीं और सड़कों पर लगभग कोई वाहन नहीं दिखाई दिया। खबर में यह भी बताया गया कि शहर में दंगा पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं।

हालांकि, शहर में कोई विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ। खबर के मुताबिक, पीओके के एक अन्य प्रमुख शहर मीरपुर के कायद-ए-आजम स्टेडियम में सैकड़ों लोग जमा हुए थे। स्थानीय पत्रकार सज्जाद जर्राल ने ‘डॉन’ को फोन पर बताया, “यहां दुकानें बंद हैं और सड़कों पर यातायात नदारद है।” बार काउंसिल के आह्वान पर पीओके के वकीलों ने वरिष्ठ वकील अमजद अली खान की कथित गिरफ्तारी के विरोध में न्यायिक कार्यवाही का बहिष्कार किया।

अमजद अली खान कमेटी के प्रमुख सदस्य हैं। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने सोमवार को पीओके में जारी हिंसा और झड़पों पर गहरी चिंता व्यक्त की। अधिकारियों ने मंगलवार को कमेटी के प्रमुख नेताओं की गिरफ्तारी में मदद करने वालों के लिए इनाम की घोषणा की। इसी बीच, पीओके के तथाकथित प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में व्याप्त तनाव को समाप्त करने के लिए बातचीत की ओर लौटने का आग्रह किया।

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