Mathura Janmabhoomi विवाद में दोनों पक्षों की बात नहीं बनी, 18 अगस्त को फिर होगी वार्ता

Mathura Janmabhoomi
प्रतिरूप फोटो
AI-Generated

उत्तर प्रदेश की मथुरा अदालत में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह विवाद को सुलझाने के लिए शुक्रवार को हुई वार्ता बेनतीजा समाप्त हो गई। मुस्लिम पक्ष ने हिंदू पक्ष की ओर से ईदगाह को अन्यत्र स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को खारिज करते हुए 1968 के समझौते पर कायम रहने की बात कही। अदालत ने मामले का समाधान निकालने के लिए अंतिम प्रयास के रूप में 18 अगस्त को एक और विशेष लोक अदालत आयोजित करने का फैसला किया है।

उत्तर प्रदेश के मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह विवाद में उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर दोनों पक्षों के बीच स्थानीय स्तर पर शुक्रवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। अधिवक्ताओं ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिवक्ताओं के अनुसार, दोनों पक्षों ने अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) की अदालत में अपनी-अपनी दलीलें रखीं हालांकि, किसी सहमति पर नहीं पहुंचा जा सका।

अब दोनों पक्षों के बीच 18 अगस्त को फिर वार्ता होगी। उन्होंने बताया कि अगर इस बार भी कोई सकारात्मक समाधान नहीं निकलता है तो मामले में उच्चतम न्यायालय से ही निर्णय की उम्मीद होगी। मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मस्थान और मंदिर परिसर स्थित शाही ईदगाह को लेकर पिछले कई साल से विवाद बना हुआ है।

इसे भी पढ़ें: Ayodhya Ram Mandir चढ़ावा चोरी का chargesheet सितंबर के अंत तक अदालत में प्रस्तुत करेगी पुलिस

करीब डेढ़ दर्जन वादकारियों ने खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अनन्य भक्त बताते हुए दावा किया कि शाही ईदगाह श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के स्वामित्व वाली 13.37 एकड़ भूमि पर स्थित है। उन्होंने उक्त भूमि हिंदू पक्ष को वापस सौंपने का अनुरोध किया है। इन दावों से संबंधित कई मामले इलाहाबाद उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन हैं।

इसे भी पढ़ें: विधानसभा में बवाल पर भड़के योगी, बोले- सपा को संविधान पर भरोसा नहीं, राम मंदिर विवाद पर कही बड़ी बात

अधिवक्ताओं ने बताया कि इन मामलों को सुलह के माध्यम से हल करने के लिए उच्चतम न्यायालय ने दोनों पक्षों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जरिये आपसी वार्ता कर समाधान निकालने का निर्देश दिया था। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) की अदालत में चार जुलाई को हिंदू पक्ष ने मुस्लिम पक्ष को उक्त भूमि से ईदगाह हटाकर किसी अन्य स्थान पर निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया था हालांकि, मुस्लिम पक्ष का कोई प्रतिनिधि वहां नहीं पहुंचा था। इसके बाद शुक्रवार को फिर वार्ता की तारीख तय की गई थी।

हिंदू पक्ष के अधिवक्ता महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस बार भी उनकी ओर से मुस्लिम पक्ष को अन्यत्र भूमि उपलब्ध कराने और विवादित भूमि मंदिर न्यास को सौंपने का सुझाव दिया गया। वहीं, मुस्लिम पक्ष के प्रतिनिधि और शाही ईदगाह इंतजामिया कमेटी के सचिव अधिवक्ता तनवीर अहमद ने हिंदू पक्ष के प्रस्ताव को खारिज करते हुए वर्ष 1968 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ और इंतजामिया कमेटी के बीच हुए समझौते पर कायम रहने की बात कही। उन्होंने कहा कि जब मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है तो अदालत को ही तथ्यों पर विचार कर यह तय करना चाहिए कि किस पक्ष का दावा सही है।

इसे भी पढ़ें: Ram Mandir चढ़ावा चोरी मामला: एसआईटी बढ़ाएगी जांच का दायरा

उन्होंने कहा कि ऐसे में समझौता वार्ता की आवश्यकता नहीं है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (चतुर्थ) अरविंद कुमार ने अंतिम प्रयास के तौर पर एक अन्य विशेष लोक अदालत आयोजित करने का निर्णय लिया है, जिसके लिए दोनों पक्षों को 18 अगस्त को उपस्थित होकर मामले का समाधान निकालने का अवसर दिया गया है।

All the updates here:

अन्य न्यूज़