मेरठ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाज़ारो में बड़ी रौनक,लड्डू गोपाल और पोषक की डिमांड बड़ी

मेरठ में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर बाज़ारो में बड़ी रौनक,लड्डू गोपाल और पोषक की डिमांड बड़ी

021 सोमवार 30 अगस्‍त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेरठ और आसपास के जिलों में इस पर्व को लेकर लोगों में उत्‍साह देखा जा रहा है। कोरोना के चलते बीते वर्ष जन्माष्टमी का पर्व फीका रहा था, लेकिन इस वर्ष पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। मंदिरों के अलावा अपने घरों में लोग खुशी से नंदोत्सव मनाएंगे। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा।

मेरठ, 2021 सोमवार 30 अगस्‍त को मनाई जाने वाली श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मेरठ और आसपास के जिलों में इस पर्व को लेकर लोगों में उत्‍साह देखा जा रहा है। कोरोना के चलते बीते वर्ष जन्माष्टमी का पर्व फीका रहा था, लेकिन इस वर्ष पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। मंदिरों के अलावा अपने घरों में लोग खुशी से नंदोत्सव मनाएंगे। सोमवार को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाएगा। जिसको लेकर लोग तैयारियों में लगे हुए हैं। बाजारों में कन्हैया की पोशाक, सिंघासन, पालने, मुकुट, परिधान आदि की भरमार है। ग्राहक अपनी पंसदों के सामान को खरीद रहे हैं। इसके अलावा बाजार में लड्डू गोपाल भी विभिन्न आकार में मौजूद हैं। 

मेरठ कैंट के सदर बाजार  में प्लास्टिक, पीओपी, लकड़ी, पीतल, चांदी व सोने के लड्डू गोपाल भी हैं। जिनको लोगों द्वारा बहुत पसंद किया जा रहा है। जिनकी कीमत 100 रुपये से शुरू होकर हजारों रुपये तक है। इसके अलावा ग्राहकों द्वारा झांंकी सजाने के लिए भी सजावटी वस्तुएं खरीदी जा रही हैं। इसमें झूले, बेड के साथ मच्छरदानी, पंखे आदि सजावटी सामान हैं। जिनको ग्राहकों द्वारा खूब पंसद किया जा रहा है। उधर दूसरी तरफ नगर में दाउजी मंदिर में भी जन्माष्टमी पर्व को लेकर तैयारी की जा रही है। मंदिर को सजाने के साथ-साथ होने वाले कार्यक्रम को लेकर भी मंदिर से जुड़े लोग तैयारियों में जुटे हैं। वहीं श्रीमद भागवत पुराण के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र कृष्ण पक्ष, रोहिणी नक्षत्र, अर्धरात्रि कालीन अष्टमी तिथि, वृष राशि में बुधवार को हुआ था। जन्माष्टमी पर छह तत्वों का एक साथ मिलना बहुत ही दुर्लभ होता है। इस जन्माष्टमी पर भी भाद्र कृष्ण पक्ष, अर्धकालीन अष्टमी तिथि, रोहणी नक्षत्र, वृष राशि में चंद्रमा और इसके साथ सोमवार को होना मंगलकारी है। व्रत के लिए उदया तिथि मान्य है, इसीलिए इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व 30 अगस्त को ही मनाया जाएगा।





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