Messi Event Refund: Suvendu Adhikari ने 33 हजार दर्शकों के पैसे लौटाने और 100 नए Indoor Stadium बनाने का किया बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल सरकार ने मेसी कार्यक्रम के हजारों टिकटधारकों को रिफंड देने का निर्णय लेकर खेल प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यह पहल राज्य की नई खेल नीति और आवंटित बजट के माध्यम से खेल बुनियादी ढांचे को पुनर्जीवित करने के व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है।
राष्ट्रीय खेल दिवस के मौके पर पश्चिम बंगाल में खेलों से जुड़े एक पुराने विवाद ने फिर जोर पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा है कि 13 दिसंबर 2025 को कोलकाता के युवा भारती स्टेडियम में लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के लिए टिकट खरीदने वाले 33 हजार दर्शकों का पैसा वापस किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके लिए राज्य के खेल बजट से राशि देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
बता दें कि लियोनेल मेसी के उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे थे, लेकिन आयोजन के दौरान अव्यवस्था को लेकर काफी विवाद हुआ था। दर्शकों ने चार हजार और छह हजार रुपये में खरीदे गए टिकटों की राशि वापस करने की मांग की थी। हालांकि, काफी समय बीतने के बावजूद उन्हें धनवापसी नहीं मिली थी।
राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर नवान्न में आयोजित विशेष कार्यक्रम में सुवेंदु अधिकारी ने इस मामले का जिक्र करते हुए कहा कि मेसी के प्रशंसकों ने बड़ी उम्मीद के साथ टिकट खरीदे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी इच्छा है कि उन 33 हजार खेल प्रेमियों को उनकी टिकट राशि वापस मिले और उन्होंने इस दिशा में आंतरिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
गौरतलब है कि यह कार्यक्रम हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था। समारोह में पूर्व हॉकी खिलाड़ी गुरबक्स सिंह, खेल मंत्री इंद्रनील खान, अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ के अध्यक्ष कल्याण चौबे सहित कई लोग मौजूद रहे। इस दौरान विभिन्न खेलों में उपलब्धि हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया और उन्हें नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर राज्य में खेलों की पिछली स्थिति को लेकर पिछली सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि नियुक्ति पत्र पाने वाले कई खिलाड़ियों से जुड़ी फाइलें करीब 11 वर्षों तक मुख्यमंत्री कार्यालय में लंबित पड़ी रहीं। उनका कहना था कि पश्चिम बंगाल में प्रतिभा, मेहनत और क्षमता की कमी नहीं है, लेकिन खेलों के विकास के लिए जरूरी व्यवस्था, पहल और राजनीतिक इच्छाशक्ति का अभाव रहा है।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि हाल के वर्षों में ओलंपिक, एशियाई खेलों और राष्ट्रीय टीमों में पश्चिम बंगाल की भागीदारी उम्मीद से कम रही है, जबकि ओडिशा और झारखंड जैसे राज्य लगातार अपने खिलाड़ियों को आगे ला रहे हैं। उन्होंने खेल संस्थाओं को राजनीति से दूर रखने की जरूरत पर भी जोर दिया।
राज्य सरकार की आगे की योजना बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल क्षेत्र के लिए 400 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरे वर्ष का बजट नहीं, बल्कि आठ महीने के लिए निर्धारित राशि है। सरकार सभी 294 विधानसभा क्षेत्रों में छोटे इनडोर खेल परिसर बनाने की योजना पर काम कर रही है, जिनमें टेनिस और बैडमिंटन के लिए सुविधाओं के साथ जिम भी होगी।
हालांकि एक साल में सभी 294 परिसरों का निर्माण संभव नहीं है। इसलिए इस वर्ष 100 ऐसे परिसरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के मौजूदा स्टेडियमों की खराब हालत का भी उल्लेख किया और कहा कि खेल ढांचे को सुधारना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में मेसी कार्यक्रम के टिकटधारकों को धनवापसी का वादा और खेल ढांचे के विस्तार की घोषणा दोनों ही राज्य की खेल नीति में बदलाव के संकेत के तौर पर देखे जा रहे हैं।
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