एमपी के मंत्री ने महात्मा गांधी को बताया देश का फर्जी पिता, कांग्रेस ने किया पलटवार

Mohan yadav on mahatma gandhi
सुयश भट्ट । Jan 28, 2022 11:57AM
मंत्री ने महात्मा गांधी को देश का फर्जी पिता बताया है। जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को लेकर भी पोस्ट किया है। जिसके बाद मंत्री मोहन यादव की मुश्किलें बढ़ गई है।कांग्रेस ने कहा कि मोहन यादव नहीं जानते कि जिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संघ और बीजेपी लिपटने की कोशिश कर रही है।

भोपाल। मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को लेकर विवादित पोस्ट किया है। मंत्री ने महात्मा गांधी को देश का फर्जी पिता बताया है। जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी को लेकर भी पोस्ट किया है। जिसके बाद मंत्री मोहन यादव की मुश्किलें बढ़ गई है।

इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस ने मंत्री मोहन यादव पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि मोहन यादव नहीं जानते कि जिन नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संघ और बीजेपी लिपटने की कोशिश कर रही है। उन्होंने ही महात्मा गांधी को पहले राष्ट्रपिता कहा था।

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दरअसल 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने फेसबुक पोस्ट में लिखा है। उन्होंने लिखा कि गणतंत्र दिवस की परेड में नेताजी सुभाष चंद्र बोस थे, सरदार वल्लभभाई पटेल थे। परेड में ना तो देश के फर्जी पिताजी थे, ना ही देश के फर्जी चाचा थे… ना लोहे की महिला थी, ना ही कंप्यूटर के आविष्कारक थे।

उन्होंने लिखा कि परेड में काशी विश्वनाथ की झांकी थी, देवी वैष्णो देवी की झांकी थी, सनातन संस्कृति का नजारा था। मेरा देश सही में बदल रहा है, मेरा देश अंग्रेज़ी गुलामों के जबड़ो से निकल रहा है, मेरा देश सही में स्वतंत्र हो रहा है।

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इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के प्रथम प्रधानमंत्री ,देश का भूगोल बदलने वाली दुर्गा इंदिरा पर अशोभनीय टिप्पणी करने वाले उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने अपनी तुच्छ शिक्षा का परिचय दिया है। संघ और बीजेपी आजादी की लड़ाई में अंग्रेजों की ठकुर सुहाती करने से पुती कालिख को धोने के लिये स्वतंत्रता सेनानियों के नामों का घृणित दुरुपयोग कर रही है।

भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि अंग्रेजों की 60 रुपये महीने की पेंशन को आजादी समझने वाले,क्रांतिकारी भगतसिंह के खिलाफ गवाही देने वाले और राष्ट्रपिता की हत्या करने वाले नेताओं की विचार संतानों से आजादी की लड़ाई और उसके नेतृत्व के सम्मान की अपेक्षा व्यर्थ है। मुख्यमंत्री पद के लिये लार टपकाते ऐसे मंत्री को तत्काल मंत्रीमंडल से हटा देना चाहिए।

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