कोयला संकट के समय केंद्र ने मूंदी आंखें, ऑक्सीजन संकट पर भी यही किया था: मनीष सिसोदिया

कोयला संकट के समय केंद्र ने मूंदी आंखें, ऑक्सीजन संकट पर भी यही किया था: मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि ऑक्सीजन संकट के समय में भी केंद्र का यही रवैया था और अब कोयला संकट के समय समाधान ढूढ़ने के बजाय उससे भाग रहे हैं। सिसोदिया ने बताया कि कोयला संकट, बिजली संकट, उद्योग संकट, आपदा यह चारों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं।

नयी दिल्ली। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को बिजली संकट को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली संकट को लेकर केंद्र सरकार ने अपनी आंखें बंद कर ली हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और दूसरे राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी मुद्दा उठाया है लेकिन केंद्र ने आंखें मूंद ली हैं। 

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संकट के समय भाग रहा केंद्र

उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन संकट के समय में भी केंद्र का यही रवैया था और अब कोयला संकट के समय समाधान ढूढ़ने के बजाय उससे भाग रहे हैं। सिसोदिया ने बताया कि कोयला संकट, बिजली संकट, उद्योग संकट, आपदा यह चारों एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। यह संकट महज कोयले का नहीं है।

दरअसल, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने शनिवार को कहा था कि कोयले की कमी के कारण राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को बिजली संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में बिजली की आपूर्ति करने वाले उत्पादन संयंत्रों में कोयला और गैस पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। 

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वहीं, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने रविवार को बिजली से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक करने के बाद केजरीवाल पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाया था और कहा था कि हमारे पास पर्याप्त स्टॉक है और बिजली का कोई संकट नहीं है।





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