UP में बीते 24 घंटों में 2 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए,अब तक 3 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके

  •  प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क
  •  जून 29, 2021   21:52
UP में बीते 24 घंटों में 2 लाख से ज्यादा टेस्ट किए गए,अब तक 3 करोड़ से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके

प्रदेश में संक्रमण कम होने पर भी टेस्टिंग घटायी नहीं जा रही है। बीते 24 घंटों में 02 लाख 37 हजार 783 टेस्ट किए गए। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 75 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। 24 घंटों में 254 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं।

मुख्यमंत्री के 3टी ट्रेस, ट्रैक और ट्रीट अभियान के साथ-साथ आशिंक कोरोना कफ्र्यू तथा टीकाकरण से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण नियंत्रित करने में सफलता मिली है। आंशिक कोरोना कफ्र्यू के समय से प्रदेश में अभिनव प्रयोग करते हुए जीवन और जीविका बचाने के उद्देश्य से औद्योगिक, आर्थिक गतिविधियां, चीने मिले और गेहूॅ खरीद चालू रही। सर्विलांस के माध्यम से निगरानी समितियों द्वारा ट्रेसिंग के तहत घर-घर जाकर संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। ग्रामीण पंचायतों में 5 मई, 2021 से एक विशेष अभियान चलाकर, जिसमें निगरानी समितियों द्वारा घर-घर जाकर उन लोगों का जिनमें किसी प्रकार के संक्रमण के लक्षण होने पर उनका एन्टीजन टेस्ट भी कराया जा रहा है। अगर एन्टीजन टेस्ट निगेटिव आ रहा है और लक्षण हैं तो उनका आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जा रहा है, इसके साथ-साथ मेडिकल किट भी बांटी गयी है।

प्रदेश में सरकारी अस्पताल तथा सरकार द्वारा अधिग्रहीत अस्पतालों में कोविड-19 का टेस्ट, इलाज और दवाई निःशुल्क है। सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17.22 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन प्रदेशों में डेल्टा प्लस संक्रमण है, उन प्रदेशों से आने वाले लोगों की निगरानी, टेस्टिंग तथा उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग भी करवायी जा रही। मुख्यमंत्री की 3टी फार्मूले के कारण प्रदेश में कोविड-19 का संक्रमण नियंत्रण में आ रहा है, जबकि अन्य प्रदेशों में कोविड के केस ज्यादा आ रहे हैं। सभी लोग सावधानी बरते, प्रदेश में कोविड संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए मास्क पहने तथा सामाजिक दूरी का पालन करे। प्रतिदिन आने वाले कोविड के केस 23 मार्च के लगभग 38000 से घटकर 174 हो गये हैं। रिकवरी दर 98.5 प्रतिशत है। 30 अप्रैल के एक्टिव मामले लगभग 3,10,000 से घटकर 2,946 रह गए हैं। 1,810 लोगों का इलाज होम आइसोलेशन में है। प्रदेश में संक्रमण कम होने पर भी टेस्टिंग घटायी नहीं जा रही है। बीते 24 घंटों में 02 लाख 37 हजार 783 टेस्ट किए गए। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 75 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। 24 घंटों में 254 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। जून के महीने में 01 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य को 24 जून को ही पूरा कर लिया गया और 31 अगस्त तक 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में अब तक 03 करोड़ 10 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं।

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प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान कोरोना कफ्र्यू से जो परिवार प्रभावित हुए हैं उन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी को मुफ्त राशन दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा भी लगभग 3.28 करोड़ ऐसे परिवारों जिनको प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में भी राशन दिया गया उनकों भी पंाच किलो प्रति यूनिट राशन मुफ्त में दिया गया।

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नम्बर, 2021 तक मुफ्त राशन दिया जायेगा

ऐसे परिवार जो रोज कमाने वाले परिवार, जैसे-रेहड़ी, पटरी, खोमचे, ठेला, दिहाड़ी मजदूर, नाई आदि इन सभी को 1-1 हजार रुपये प्रतिमाह माह दिया जा रहा है। प्रदेश में पंजीकृत संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के खातों में भी 1-1 हजार रुपये प्रतिमाह स्थानान्तरित किया जा रहा है। मिशन रोजगार के माध्यम से रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। लगभग 51 हजार गांवों में मनरेगा के तहत लगभग 22 लाख से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं। निजी क्षेत्र में एमएसमएई के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजित किया जा रहा है। 23 जून को मुख्यमंत्री जी द्वारा लगभग 31 हजार नई इकाइयों को बैंकों से समन्वय करके लगभग 2505 करोड़ से अधिक ऋण उपलब्ध कराया गया। इन इकाइयों से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सरकारी नौकरियों में लोगों को नौकरी देने के लिए निगमों, परिषदों, विभागों आदि के यहां रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है। रबी की फसल में गेहूँ की सरकारी क्रय केन्द्रों पर रिकार्ड खरीद हुई। खरीफ की फसल के लिए खाद, बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए बांधों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बाढ़ के प्रति सचेत है तथा पूरी सक्रियता से स्थिति पर नजर रखी है। अपर मुख्य सचिव ‘सूचना’ नवनीत सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री जी के 3टी ट्रेस, ट्रैक और ट्रीट अभियान के साथ-साथ आशिंक कोरोना कफ्र्यू तथा टीकाकरण से प्रदेश में कोरोना का संक्रमण नियंत्रित करने में सफलता मिली है। आंशिक कोरोना कफ्र्यू के समय से प्रदेश में अभिनव प्रयोग करते हुए जीवन और जीविका बचाने के उद्देश्य से औद्योगिक, आर्थिक गतिविधियां, चीने मिले और गेहूॅ खरीद चालू रही। उन्होंने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से निगरानी समितियों द्वारा ट्रेसिंग के तहत घर-घर जाकर संक्रमण की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण पंचायतों में 5 मई, 2021 से एक विशेष अभियान चलाकर, जिसमें निगरानी समितियों द्वारा घर-घर जाकर उन लोगों का जिनमें किसी प्रकार के संक्रमण के लक्षण होने पर उनका एन्टीजन टेस्ट भी कराया जा रहा है। अगर एन्टीजन टेस्ट निगेटिव आ रहा है और लक्षण हैं तो उनका आरटीपीसीआर टेस्ट भी कराया जा रहा है, इसके साथ-साथ मेडिकल किट भी बांटी गयी है। प्रदेश में सरकारी अस्पतालों तथा सरकार द्वारा अधिग्रहीत अस्पतालों में कोविड-19 टेस्ट, इलाज और दवाइयां निःशुल्क हैं। उन्होंने बताया कि सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा उत्तर प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17.22 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना गया है। सहगल ने बताया कि बाताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन प्रदेशों में डेल्टा प्लस संक्रमण है, उन प्रदेशों से आने वाले लोगों की निगरानी, टेस्टिंग तथा उनकी जीनोम सिक्वेंसिंग भी करवायी जा रही है। मुख्यमंत्री जी की 3टी फार्मूले के कारण प्रदेश में कोविड-19 का संक्रमण नियंत्रण में आ रहा है, जबकि अन्य प्रदेशों में कोविड के केस ज्यादा आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी लोग सावधानी बरते, प्रदेश में कोविड संक्रमण कम हुआ है लेकिन अभी पूरी तरह से समाप्त नहीं हुआ है। इसलिए सभी लोग कोविड प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए मास्क पहने तथा सामाजिक दूरी का पालन करे। सहगल ने बताया कि 30 अप्रैल के एक्टिव मामले लगभग 3,10,000 से घटकर 2,946 रह गए हैं। 1,810 लोगों का इलाज होम आइसोलेशन में है। प्रदेश में संक्रमण कम होने पर भी टेस्टिंग घटायी नहीं जा रही है। बीते 24 घंटों में 02 लाख 37 हजार 783 टेस्ट किए गए। प्रदेश में अब तक 05 करोड़ 75 लाख से अधिक कोविड टेस्ट हो चुके हैं। 24 घंटों में 254 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्रतिदिन आने वाले कोविड के केस 23 मार्च के लगभग 38000 से घटकर 174 हो गये हैं। रिकवरी दर 98.5 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि जून के महीने में 01 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य को 24 जून को ही पूरा कर लिया गया और 31 अगस्त तक 10 करोड़ टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। प्रदेश में अब तक 03 करोड़ 10 लाख से अधिक वैक्सीन डोज लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान कोरोना कफ्र्यू से जो परिवार प्रभावित हुए हैं उन्हें प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सभी को मुफ्त राशन दिया गया है। प्रदेश सरकार द्वारा भी लगभग 3.28 करोड़ ऐसे परिवारों जिनको प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में भी राशन दिया गया उनकों भी पंाच किलो प्रति यूनिट राशन मुफ्त में दिया गया। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत नम्बर, 2021 तक मुफ्त राशन दिया जायेगा। इसके साथ-साथ ऐसे परिवार जो रोज कमाने वाले परिवार, जैसे-रेहड़ी, पटरी, खोमचे, ठेला, दिहाड़ी मजदूर, नाई आदि इन सभी को 1-1 हजार रुपये प्रतिमाह माह दिया जा रहा है। प्रदेश में पंजीकृत संगठित व असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के खातों में भी 1-1 हजार रुपये प्रतिमाह स्थानान्तरित किया जा रहा है।

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सहगल ने बताया कि मिशन रोजगार के माध्यम से रोजगार देने का कार्य किया जा रहा है। लगभग 51 हजार गांवों में मनरेगा के तहत लगभग 22 लाख से अधिक श्रमिक कार्य कर रहे हैं। निजी क्षेत्र में एमएसमएई के माध्यम से अधिक से अधिक रोजगार सृजित किया जा रहा है। 23 जून को मुख्यमंत्री जी द्वारा लगभग 31 हजार नई इकाइयों को बैंकों से समन्वय करके लगभग 2505 करोड़ से अधिक ऋण उपलब्ध कराया गया। इन इकाइयों से अधिक से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि सरकारी नौकरियों में लोगों को नौकरी देने के लिए निगमों, परिषदों, विभागों आदि के यहां रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के लिए कृतसंकल्प है। रबी की फसल में सरकारी क्रय केन्द्रों पर गेहूँ की रिकार्ड खरीद की गई है। खरीफ की फसल के लिए खाद, बीज उपलब्ध कराया जा रहा है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूँ खरीद किसानों से की गई है। बाढ़ के मौसम को दृष्टिगत रखते हुए बांधों की मरम्मत का कार्य प्राथमिकता पर किया जा रहा है। प्रदेश सरकार बाढ़ के प्रति सचेत है तथा पूरी सक्रियता से स्थिति पर नजर रखी है।





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