Mumbai International Airport: नेटवर्क ठप होने से मची अराथफरी, 300 से अधिक उड़ानें प्रभावित, मैनुअल प्रक्रिया से कराया गया ‘चेक-इन’

मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मंगलवार को एक घंटे से अधिक समय तक नेटवर्क ठप रहने के कारण उड़ान सेवाएं प्रभावित हुईं। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान हवाई अड्डे के कर्मचारियों को ‘चेक-इन’ की प्रक्रिया मैनुअल तरीके से करनी पड़ी।
देश के सबसे व्यस्त और प्रमुख हवाई अड्डों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (CSMIA) पर मंगलवार शाम उस समय अचानक अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब नेटवर्क सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण सेवाएं पूरी तरह ठप हो गईं। एक घंटे से अधिक समय तक चले इस डिजिटल व्यवधान (नेविगेशन/सिस्टम आउटेज) के कारण हवाई अड्डे पर उड़ानों की आवाजाही पर बुरा असर पड़ा, जिससे हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान हवाई अड्डे के कर्मचारियों को ‘चेक-इन’ की प्रक्रिया मैनुअल तरीके से करनी पड़ी। निजी हवाई अड्डा संचालक मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लिमिटेड (एमआईएएल) ने एक बयान में कहा कि मंगलवार शाम को हवाई अड्डे पर नेटवर्क में अस्थायी व्यवधान आया था। यात्रियों को होने वाली असुविधा कम करने और हवाई अड्डे की आवश्यक सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखने के लिए कर्मचारियों ने मैनुअल प्रक्रिया अपनाई। एमआईएएल ने यह भी कहा कि अब तक इस व्यवधान के कारण हवाई अड्डे और उड़ान संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा है।
हालांकि, कंपनी ने यह स्पष्ट जानकारी नहीं दी कि नेटवर्क में व्यवधान कितनी देर तक रहा। उडानों की आवाजाही पर नजर रखने वाली वेबसाइट के अनुसार, मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ानों के प्रस्थान में औसतन 50 मिनट की देरी हुई। रात करीब 9:30 बजे तक 327 उड़ानें विलंबित थीं, जबकि 13 प्रतिशत उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इनमें से कितनी उड़ानों में सिस्टम ठप होने के कारण देरी हुई।
यात्रियों में गुस्सा और अनिश्चितता का माहौल
चेक-इन सिस्टम बंद होने के कारण टर्मिनलों के भीतर यात्रियों की भारी भीड़ जमा हो गई। घंटों लाइन में खड़े रहने और उड़ानों की सटीक जानकारी न मिलने के कारण यात्रियों में काफी आक्रोश देखा गया। कई यात्रियों ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जताई और एयरलाइंस व हवाई अड्डा प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठाए।
इस घटना ने देश के सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे में शामिल हवाई अड्डों की डिजिटल निर्भरता और उनके बैकअप सिस्टम पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नेटवर्क का अचानक गुल हो जाना और बैकअप सर्वर का तुरंत काम न करना, सुरक्षा और प्रबंधन के लिहाज से एक गंभीर चिंता का विषय है। फिलहाल स्थिति को सामान्य कर लिया गया है, लेकिन यात्रियों को हुई असुविधा ने एक बार फिर नागरिक उड्डयन क्षेत्र में मजबूत तकनीकी बैकअप की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
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