मोदी ने नि:शुल्क बिजली कनेक्शन प्रदान करने की सौभाग्य योजना का शुभारंभ किया

Narendra Modi launches Saubhagya scheme promises complete electrification of India by Dec 2018

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में अब तक बिजली की सुविधा से वंचित 4 करोड़ गरीब परिवारों को 2018 तक नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देने प्रदान करने की प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना (सौभाग्य) योजना का आज शुभारंभ किया जिस पर 16,320 करोड़ रूपये की लागत आयेग।

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में अब तक बिजली की सुविधा से वंचित 4 करोड़ गरीब परिवारों को 2018 तक नि:शुल्क बिजली कनेक्शन देने प्रदान करने की प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना (सौभाग्य) योजना का आज शुभारंभ किया जिस पर 16,320 करोड़ रूपये की लागत आयेग। प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना को पेश करते हुए कहा, ‘‘ यह 16,000 करोड़ रूपये गरीबों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन लाने में खर्च किये जायेंगे।

यह राशि गरीबों के जीवन में उजाला लाने के लिये खर्च होंगे। ’’ मोदी ने खेद प्रकट किया कि आजादी के 70 वर्ष बाद भी हमारे देश में 4 करोड़ घर ऐसे हैं जहां बिजली नहीं है। देश में 25 करोड़ घर है और इसमें से 4 करोड़ घरों यानि करीब 25 प्रतिशत घर में बिजली नहीं है। वे 18वीं शताब्दी में गुजारा कर रहे हैं। आप कल्पना कर सकते हैं कि उनकी जिंदगी कैसी होगी। बिजली के अभाव में सुख सुविधाएं तो छोड़िये, महिलाओं पर उजाले में ही काम खत्म करने का दबाव रहता है और घर से निकलने में भी समस्या होती थी। सौभाग्य योजना के तहत सरकार ऐसे ही घरों को बिजली कनेक्शन से जोड़ेगी।

गरीब को बिजली कनेक्शन के लिये चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, उन्हें घर पर मुफ्त बिजली कनेक्शन प्रदान किया जायेगा। सौभाग्य योजना के तहत दिसंबर 2018 तक सभी घरों को बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तहत दिसंबर 2018 तक सभी घरों को बिजली उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी घरों को बिजली पहुंचाने के लिये प्री-पेड मॉडल अपनाया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ यह हमारी कार्यपद्धति का तरीका है और हम देश में ऊर्जा क्रांति की दिशा में पहल कर रहे हैं। मोदी ने कहा कि पहले टीवी पर ब्रेकिंग न्यूज आता थी कि कोयला नहीं है, बिजली नहीं है लेकिन अब स्थिति बदल गई है और अब देश बिजली की अधिशेष मात्रा (सरप्लस) राष्ट्र के रूप में उभरा है।

उन्होंने कहा कि नासा ने 2012 में भारत का एक चित्र रात्रि का लिया था और उस चित्र में भारत अंधेरे में दिखा और एक चित्र 2016 का भी है जिसमें भारत उजाले में दिख रहा है...यह ऊर्जा के क्षेत्र में बदलती भारत की तस्वीर है। उल्लेखनीय है कि 2012 में केंद्र में कांग्रेस नीत संप्रग सरकार थी जबकि 2019 में मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार अपना कार्यकाल पूरा कर रही है। प्रधानमंत्री ने तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम से 100 करोड़ रूपये का स्टार्टअप शुरू करने का सुझाव दिया जिसके तहत इलेक्ट्रिक खाना पकाने के उपकरण तैयार किये जा सके और इस पहल से युवाओं को जोड़ने को भी कहा। मोदी ने कहा कि तीन साल पहले जिन 18 हजार गांवों में बिजली नहीं थी उनमें से अब तीन हजार से भी कम गांव बिना बिजली के रह गये हैं।

भारत बिजली के मामले में घाटे से उबरकर अधिशेष की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षो में हमारे प्रयासों के कारण सौर ऊर्जा की दर कम होकर 2.44 रुपये प्रति यूनिट तक नीचे आ गयी। प्रधानमंत्री ने कहा कि एलईडी बल्बों के इस्तेमाल से परिवारों को 13,700 करोड़ रुपये की बचत हुई है। एलईडी बल्ब की कीमत फरवरी 2014 के 310 रपये से कम होकर सितंबर 2017 में 40 रुपये पर आ गयी। उन्होंने तेल के आयात को कम करने की दिशा में पहल का आह्वान किया ताकि मध्यम वर्ग और गरीबों की जिंदगी में बदलाव लाया जा सके।

डिस्क्लेमर: प्रभासाक्षी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।


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